Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में तीन दिन तक बारिश के आसार, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

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छत्तीसगढ़ में तीन दिन तक बारिश के आसार, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

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 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर प्रदेश में दिखने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।


तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी

आगामी तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं रात के तापमान में अगले सात दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले 24 घंटे का मौसम

बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ओरछा और बड़े बचेली में सर्वाधिक 40 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

लो प्रेशर एरिया से बदला मौसम

दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ लगभग 3 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। हालांकि यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ सकता है, लेकिन इससे नमी वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं।

साथ ही मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में ट्रफ सक्रिय है। गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उत्तर तटीय इलाकों के पास भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ी है, जिससे बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो रही है।

48 घंटे तक सक्रिय रहेगा सिस्टम

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का मजबूत क्षेत्र अगले 48 घंटों तक सक्रिय रह सकता है। यह पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है।

ट्रफ लाइन से फैल रही नमी

लो प्रेशर से जुड़ी ट्रफ लाइन तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों तक फैली है। जमीन से करीब 1 किलोमीटर ऊंचाई पर बनी यह ट्रफ समुद्री नमी को दूर-दराज इलाकों तक पहुंचा रही है।

ऊपरी वायुमंडल (5-6 किमी ऊंचाई) में सक्रिय ट्रफ बादलों को ऊपर तक फैलने में मदद कर रही है। नीचे की नमी और ऊपर की ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ पर सीमित असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सिस्टम प्रदेश के बेहद करीब नहीं है, इसलिए तेज बारिश या तूफान की संभावना कम है। हालांकि दक्षिणी इलाकों, खासकर बस्तर संभाग में बादलों की मौजूदगी अधिक रह सकती है।

दिन में हल्की गर्मी और रात में हल्की ठंड या उमस महसूस हो सकती है।

फरवरी में बदलता है मौसम

रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फरवरी में आमतौर पर आसमान साफ रहता है। लेकिन उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभी गरज-चमक, बारिश, आंधी या ओलावृष्टि की स्थिति बन जाती है।

सर्दी का असर कम होने के साथ न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो जाती है, हालांकि कुछ वर्षों में फरवरी में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है।

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