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Budget 2026 : निर्मला सीतारमण का 9वां बजट आज, रिफॉर्म, टैक्स और किसानों पर टिकी नजर

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 Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आम बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जिसमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं। इस बार बजट को लेकर बाजार, उद्योग जगत और आम जनता की निगाहें टैक्स सुधार, सीमा शुल्क, इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याणकारी योजनाओं पर टिकी हुई हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण से संकेत मिलते हैं कि यह बजट रिफॉर्म आधारित हो सकता है। माना जा रहा है कि बजट में सोना-चांदी सस्ते हो सकते हैं, इनकम टैक्स की नई व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया जा सकता है और किसान सम्मान निधि में भी इजाफा संभव है। इसके साथ ही अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों से जुड़े नए ऐलानों की भी उम्मीद की जा रही है।

राजकोषीय घाटे पर नजर

राजकोषीय घाटा सरकार के खर्च और आय के अंतर को दर्शाता है। चालू वित्त वर्ष में इसके जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बाजार की नजर इस बात पर है कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे 4 प्रतिशत या उससे कम पर लाने का लक्ष्य तय करती है या नहीं।

कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी संभव

वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। निजी निवेश में सुस्ती को देखते हुए बुनियादी ढांचे पर खर्च को बनाए रखने या इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे यह राशि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

कर्ज-जीडीपी अनुपात पर फोकस

सरकार ने पहले संकेत दिए थे कि 2026-27 से कर्ज-जीडीपी अनुपात को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल यह अनुपात करीब 85 प्रतिशत है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा लगभग 57 प्रतिशत है। बाजार को उम्मीद है कि सरकार इसे 60 प्रतिशत तक लाने की समय-सीमा घोषित कर सकती है।

उधारी और टैक्स रेवेन्यू

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 14.80 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी का अनुमान रखा है। वहीं टैक्स रेवेन्यू का लक्ष्य 42.70 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 11 प्रतिशत अधिक है।
इसमें

  • प्रत्यक्ष कर: 25.20 लाख करोड़ रुपये
  • अप्रत्यक्ष कर: 17.50 लाख करोड़ रुपये
    शामिल हैं।

जीएसटी और जीडीपी ग्रोथ

वित्त वर्ष 2025-26 में जीएसटी से 11.78 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान है। सितंबर 2025 से जीएसटी दरों में कटौती के बाद राजस्व बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, इसलिए 2026-27 के अनुमानों पर खास नजर रहेगी।

जीडीपी ग्रोथ की बात करें तो 2025-26 में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं 2026-27 में यह 10.5 से 11 प्रतिशत के बीच रह सकती है।

इन सेक्टरों को मिल सकती है राहत

इस बजट में

  • हेल्थकेयर पर सरकारी खर्च बढ़ाने,
  • डिफेंस सेक्टर में स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहन,
  • इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को नई रफ्तार,

और रियल एस्टेट को टैक्स राहत व सस्ती ब्याज दरों का
ऐलान संभव माना जा रहा है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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