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जया एकादशी व्रत आज: स्नान का शुभ समय, पूजा विधि और महत्व, जानें पूरी जानकारी

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 Jaya Ekadashi 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी आज यानी 29 जनवरी को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 28 जनवरी को शाम 04:34 बजे से शुरू होकर 29 जनवरी को दोपहर 01:56 बजे तक रहेगी।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी के दिन स्नान, ध्यान, जप और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं तथा भय, क्लेश और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में इसे विजय और मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी बताया गया है।

जया एकादशी पर स्नान का शुभ समय और महत्व

शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह स्नान आत्मशुद्धि का प्रतीक होता है, जिससे मन, वाणी और कर्म की अशुद्धियां दूर होती हैं। पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है, हालांकि गृहस्थ श्रद्धालु घर पर स्वच्छ जल में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पूर्व जन्मों के पाप और अनजाने दोषों का नाश होता है।

ध्यान और जप से कैसे कटते हैं पाप

जया एकादशी पर ध्यान और नाम जप को विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जप करने से मानसिक नकारात्मकता समाप्त होती है। भगवान विष्णु के स्वरूप का ध्यान करने से भय, चिंता और तनाव दूर होते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस साधना से क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे मानसिक दोष शांत होते हैं और व्यक्ति धर्म के मार्ग पर अग्रसर होता है।

जया एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

जया एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा प्रातः काल या दोपहर में करना श्रेष्ठ माना गया है।
पूजा के दौरान पीले वस्त्र धारण करें, विष्णु प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं और तुलसी दल, पुष्प व अक्षत अर्पित करें। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस पूजा से हिंसा, असत्य और अधर्म से जुड़े पापों का नाश होता है तथा भक्त को विष्णु कृपा प्राप्त होती है।

जया एकादशी पर किन पापों से मिलती है मुक्ति

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जया एकादशी का व्रत रखने से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण में उल्लेख है कि यह एकादशी भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है।
श्रद्धा भाव से किया गया यह व्रत व्यक्ति को भय, शोक और रोग से मुक्ति दिलाता है। इसी कारण जया एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है।

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