Media24Media.com: CG NEWS : अचानकमार टाइगर रिजर्व में फायरिंग का वीडियो वायरल, वन विभाग की भूमिका सवालों में

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CG NEWS : अचानकमार टाइगर रिजर्व में फायरिंग का वीडियो वायरल, वन विभाग की भूमिका सवालों में

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 मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर जोन में हाल ही में हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने तीन रसूखदार युवकों को चिन्हित कर गिरफ्तार तो किया, लेकिन कार्रवाई की निष्पक्षता और देरी को लेकर विभाग सवालों के घेरे में आ गया है।


सूत्रों के अनुसार, यह घटना 30 या 31 दिसंबर की बताई जा रही है। अजीत वैष्णव (26), अनिकेत वैष्णव (27) और विक्रांत वैष्णव (36) नामक तीन युवक अपनी लग्जरी गाड़ी से अचानकमार्ग टाइगर रिजर्व की सुरही रेंज के कोर जोन में दाखिल हुए। आरोप है कि युवकों के पास हथियार और बंदूकें थीं।


वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हूटर लगी लग्जरी गाड़ी जंगल के भीतर प्रवेश कर रही है। इस दौरान युवक बंदूक से फायरिंग करते नजर आ रहे हैं और गोली चलने के बाद धुआं भी निकलता दिखाई देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह वास्तविक फायरिंग थी। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह केवल एयर पिस्टल से फायरिंग थी और घटना कोर जोन के बाहर हुई।


हालांकि वीडियो में सुरही रेंज का गेट और कोर एरिया स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो विभागीय दावों पर सवाल खड़े करता है।

जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपी लोरमी के एक राज परिवार से जुड़े रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं। जब उनकी गाड़ी जमुनाही बैरियर पर पहुंची, तो वहां तैनात गार्ड ने बिना किसी जांच या रोक-टोक के बैरियर खोल दिया। इसके बाद सुरही रेंज में भी इसी तरह बिना पूछताछ उन्हें प्रवेश दिया गया।

आरोपी जंगल के भीतर करीब 14 किलोमीटर तक भ्रमण करते हुए भुरकुंड, जकड़बांधा होते हुए कंचनपुर बैरियर तक पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने जंगल में आग लगाई और कई स्थानों पर फायरिंग की। हैरानी की बात यह है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान वन अमला और मैदानी बिटगार्ड ने उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।

आरोप है कि रसूख के चलते नियमों को ताक पर रख दिया गया और आरोपियों को अघोषित संरक्षण मिला। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विभाग को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी और तीनों युवकों को गिरफ्तार किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोर जोन में हथियार लेकर प्रवेश करना, फायरिंग करना और आग लगाना वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध है। इस तरह की गतिविधियां न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा हैं, बल्कि जंगल की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को भी भारी नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे मामलों में सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।

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