Media24Media.com: बाल अधिकारों को मिलेगी नई मजबूती: राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 के ड्राफ्ट पर मंथन

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बाल अधिकारों को मिलेगी नई मजबूती: राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 के ड्राफ्ट पर मंथन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों के संरक्षण, अधिकारों की सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 के ड्राफ्ट प्रारूप को अंतिम रूप देने हेतु राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला एक सुदृढ़, समन्वित एवं अधिकार-आधारित बाल संरक्षण तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।

कार्यशाला में नीति के मसौदे पर विशेषज्ञों, हितधारकों एवं विभागीय अधिकारियों से अंतिम सुझाव प्राप्त किए गए। इस दौरान बाल विवाह एवं बाल श्रम की रोकथाम, अनाथ व बेसहारा बच्चों का पुनर्वास, बाल तस्करी, हिंसा, उपेक्षा, कुपोषण तथा साइबर अपराधों से बच्चों की सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विमर्श हुआ।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने नीति के ड्राफ्ट एवं कार्ययोजना की प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह नीति किशोर न्याय अधिनियम, 2015, UNCRC एवं अन्य राष्ट्रीय विधिक प्रावधानों के अनुरूप, राज्य की सामाजिक व भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकारों की निगरानी, शिकायत निवारण तंत्र को सशक्त करने तथा संस्थागत एवं गैर-संस्थागत देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इस अवसर पर संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा फरिहा आलम,संचालक समाज कल्याण रोक्तिमा यादव, संचालक ट्रेज़री और एकाउंट  पद्मिनी भोई साहू,संचालक महिला एवं बाल विकास डॉ . रेणुका श्रीवास्तव, यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री चेतना केदेसाई, कर्नाटक राज्य के प्रतिनिधि, संयुक्त संचालक नन्दलाल चौधरी, उप संचालक नीलम देवांगन सहित स्वास्थ्य, गृह (पुलिस), श्रम, पंचायत एवं नगरीय प्रशासन विभागों के अधिकारी, SCPS/DCPS, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं कानूनी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

तकनीकी सत्र में सुश्री अर्लेन मनोहरन, सोनीकुट्टी जॉर्ज, एम.आर. गोविंद बेनीवाल, सुश्री निमिषा श्रीवास्तव, सुश्री नूपुर पांडे, चिरंजीवी जैन, प्रमोद गुप्ता एव प्रभात कुमार ने नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, बहु-विभागीय समन्वय और निगरानी व्यवस्था पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

ड्राफ्ट नीति की समीक्षा हेतु प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सुझावों को सम्मिलित कर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे यह राज्य के प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षा और अधिकारों का मजबूत कवच बन सके।

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