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धान खरीदी प्रभावित: महासमुंद कलेक्टर ने तहसीलदारों को ESMA के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया

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 रायपुर। महासमुंद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने जिले के सभी छह तहसीलदारों को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (ESMA) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


नोटिस के अनुसार, राज्य शासन ने 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की पूरी धान खरीदी अवधि में ESMA लागू किया है। धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए तहसीलों में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारियों को धान उपार्जन केंद्रों में ड्यूटी सौंपी गई थी।

कई आरआई और पटवारी ड्यूटी व प्रशिक्षण से अनुपस्थित

कलेक्टर ने नोटिस में उल्लेख किया है कि-

  • 15 नवंबर को कई राजस्व निरीक्षक और पटवारी निर्धारित धान उपार्जन केंद्रों में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
  • 16 नवंबर को आयोजित धान खरीदी प्रशिक्षण में भी वे बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहे।
  • यह आचरण ESMA के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।

धान खरीदी प्रक्रिया प्रभावित

अधिकारियों की इस अनुपस्थिति के कारण 15 नवंबर को धान खरीदी प्रभावित हुई, और आगे भी प्रक्रिया बाधित होने की आशंका जताई गई है। कलेक्टर का कहना है कि अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना तहसीलदारों की जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने निभाया नहीं।
इसे शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बताया गया है।

24 घंटे में स्पष्टीकरण का आदेश

कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में उत्तर न देने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार की होगी और आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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