Media24Media.com: रायपुर में नक्सली दंपती बेनकाब: मजदूर बनकर 5 साल छिपे थे, कमरे से सोना और नकदी बरामद

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रायपुर में नक्सली दंपती बेनकाब: मजदूर बनकर 5 साल छिपे थे, कमरे से सोना और नकदी बरामद

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 रायपुर। राजधानी के चंगोराभाठा इलाके में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 25 सितंबर को एक नक्सली दंपती को गिरफ्तार किया, जो मजदूर बनकर पिछले 5 साल से रह रहे थे।


गिरफ्तार नक्सली दंपती जग्गू कुरसम और कमला कुरसम के ठिकाने से तलाशी में 10 तोले सोने का बिस्किट, 1.14 लाख रुपए नकद, दो एंड्रॉइड मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुआ। दोनों पर कुल 13 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

पड़ोसियों ने बताया कि पति-पत्नी खुद को मजदूर बताते थे। सुबह काम पर निकलते और देर रात लौटते थे। कमला देवी गणेश- दुर्गा प्रतिमाएं देखने जाती थीं, जबकि जग्गू पास की दुकान से अक्सर चिकन खरीदता था।

मकान किराए पर लेने की कहानी भी दिलचस्प थी। मकान मालिक पुष्पा के अनुसार, कमरे में पहले मजदूर पवन रहता था और उसने ही जग्गू को शिफ्ट कराया। किराया व्यापारी हेमंत देवांगन के जरिए तय हुआ। कमला ने किसी और की आईडी दी, लेकिन मकान मालिक ने सत्यापन नहीं कराया।

जांच एजेंसियों ने कॉल इंटरसेप्शन के जरिए दंपती पर निगरानी रखी। रायपुर और बस्तर बेल्ट के बीच संपर्क मिलने पर टीम ने रात 11:30 बजे छापा मारा और दोनों को दबोच लिया।

नक्सली इतिहास पर नजर डालें तो जग्गू 11 साल की उम्र से नक्सली संगठन से जुड़ा था। वह भैरमगढ़ डिविजनल कमेटी का सदस्य रहा और उसके ऊपर 8 लाख रुपए का इनाम था। कमला ACM की मेंबर थी और उस पर 5 लाख रुपए का इनाम था। दोनों ने नक्सल कैडर में रहते हुए शादी की और बाद में रायपुर-दुर्ग जैसे शहरों में नेटवर्क बनाने का जिम्मा संभाला।

दोनों के खिलाफ डीडी नगर थाने में UAPA सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और फिलहाल SIA पूछताछ कर रही है।

रायपुर में इससे पहले भी नक्सली गतिविधियों पर कई बड़ी कार्रवाई हुई हैं, जैसे कि 2005 में डंगनिया से सेंट्रल पोलित ब्यूरो सदस्य नारायण सान्याल की गिरफ्तारी और 2008 में हथियारों से भरे बैग तथा महिला नक्सलियों की गिरफ्तारी।

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