Media24Media.com: माओवादी संगठन ने पहली बार हथियार छोड़ शांति वार्ता की लगाई गुहार,पत्र जारी कर सीजफायर की रखी मांग

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माओवादी संगठन ने पहली बार हथियार छोड़ शांति वार्ता की लगाई गुहार,पत्र जारी कर सीजफायर की रखी मांग

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 CG News; Naxalites news : छत्तीसगढ़ में लगातार चल रहे सुरक्षाबलों के ऑपरेशन से नक्सली संगठन पर दबाव साफ दिख रहा है। माओवादी संगठन ने पहली बार स्पष्ट रूप से कहा है कि वे हथियारबंद संघर्ष को अस्थायी रूप से छोड़कर शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने सरकार से सीजफायर और जेल में बंद साथियों से चर्चा की अनुमति जैसी शर्तें रखी हैं।


अभय का प्रेस नोट वायरल

माओवादी संगठन के केंद्रीय प्रवक्ता अभय का प्रेस नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें संगठन ने कहा है कि वे जनसमस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के साथ काम करने को तैयार हैं। हालांकि, अपनी विचारधारा और राजनीतिक मान्यताओं से पीछे नहीं हटेंगे।


गुंडेकोट मुठभेड़ का जिक्र

प्रेस नोट में 21 मई को गुंडेकोट (माड़ क्षेत्र) में हुई मुठभेड़ का भी जिक्र है, जिसमें महासचिव बसवाराजू समेत केंद्रीय कमेटी के 28 सदस्य मारे गए थे। नक्सलियों का कहना है कि इस पृष्ठभूमि में शांति वार्ता की प्रक्रिया को अधूरा न छोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार का रुख सख्त

प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पत्र की सत्यता की जांच कराई जाएगी, लेकिन नक्सल ऑपरेशन जारी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि “यदि नक्सली बंदूक त्यागकर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, तो सरकार उनका स्वागत करेगी।”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पहले ही ऐलान किया है कि मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाया जाएगा।

पहले भी हो चुके हैं प्रयास

नक्सलियों ने इससे पहले भी कई बार शांति वार्ता के लिए पत्र लिखे हैं, लेकिन हर बार शर्तें रखी हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शर्त के आगे झुका नहीं जाएगा।

क्यों बढ़ा नक्सलियों का दबाव?

लगातार ताबड़तोड़ ऑपरेशन और मुठभेड़ों में बड़े नेताओं के मारे जाने से संगठन कमजोर हुआ है। हाल ही में सेंट्रल कमेटी मेंबर सुजाता ने तेलंगाना में सरेंडर किया। इससे संगठन में भय का माहौल है।

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