Media24Media.com: ट्रिपल-आईटी नवा रायपुर में डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण का शुभारंभ

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ट्रिपल-आईटी नवा रायपुर में डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण का शुभारंभ

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रायपुर। नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में आज डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसे राज्य सरकार की ओर से मंत्रालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को आई.टी एवं ए.आई के नवीनतम तकनीकों और अनुप्रयोगों में प्रशिक्षित करने, प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, विशिष्ट अतिथि सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं अध्यक्षता ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदार प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्रोडक्टिविटी को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। पहले दिन प्रतिभागियों को MS Word, Google Docs, Excel और Google Sheets के उन्नत फीचर्स के साथ AI के उपयोग और डेटा मॉडलिंग की ट्रेनिंग दी गई।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि कौशल उन्नयन सतत प्रक्रिया है, इससे व्यक्तित्व और कार्यसंस्कृति दोनों ही निखरते हैं, उन्होंने एआई-आधारित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर बताया और प्रतिभागियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने नागरिक केंद्रित शासन में तकनीक की अहम भूमिका पर अपने विचार रखते हुए सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाने में एआई टूल्स की भूमिका पर जोर दिया। भगत ने ई-रायपुर प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग शासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बना सकता है।

ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने कार्यशाला में अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि एआई के स्मार्ट उपयोग के लिए हमें जागरूक और सतर्क रहना होगा। एआई के व्यवहारिक अनुप्रयोग से शुरुआत कर उसके बारे में निरंतर सीखने की आदत हमें एआई से और अधिक फ्रैंडली बनाएगी। हमें डेटा को सुरक्षित रखते हुए एआई का उपयोग करना होगा, जिसके लिए हमें एआई को संवेदनशील जानकारी देने से बचना होगा ताकि पब्लिक डोमेन में जाकर इनका दुरुपयोग न हो सके।

वहीं, प्रो. के. जी. श्रीनिवास ने भरोसा दिलाया कि यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला और परिणामोन्मुखी होगा। इस प्रशिक्षण के प्रथम चरण में सामान्य प्रशासन, गृह एवं अन्य विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए, जो कि 24 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।


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