नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में अहम बदलाव करते हुए किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य सरकारों की लापरवाही या प्रीमियम अंशदान में देरी का असर किसानों पर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में यह जानकारी दी।
राज्य की देरी पर केंद्र देगा हिस्सा, राज्य से वसूला जाएगा ब्याज
चौहान ने बताया कि यदि कोई राज्य सरकार समय पर अपना अंशदान जमा नहीं करती है, तो केंद्र सरकार किसानों को राहत देने के लिए अपना हिस्सा पहले ही जारी कर देगी। इसके बाद संबंधित राज्य सरकार से 12% ब्याज सहित राशि वसूल की जाएगी। यह ब्याज भी सीधे किसानों के खातों में जमा किया जाएगा।
आंध्र प्रदेश में तीन साल नहीं मिला बीमा लाभ
यह फैसला आंध्र प्रदेश के किसानों को हुए नुकसान के संदर्भ में लिया गया है। कृषि मंत्री ने लोकसभा में नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल के जवाब में बताया कि पूर्ववर्ती जगन मोहन रेड्डी सरकार ने लगातार तीन वर्षों तक राज्य का प्रीमियम अंशदान नहीं दिया, जिससे किसानों को बीमा लाभ नहीं मिल पाया।
राजनीतिक निष्क्रियता से नहीं होगा किसानों का नुकसान
कृषि मंत्री ने कहा कि यह सुधार किसानों को राजनीतिक निर्णयों या प्रशासनिक देरी की वजह से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किया गया है। अब चाहे राज्य स्तर पर कोई भी लापरवाही हो, किसानों को समय पर बीमा दावा मिलेगा।
सरकार की प्रतिबद्धता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "यह फैसला केंद्र सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। किसान अब राज्य सरकार की गलती का शिकार नहीं होंगे।"