महासमुंद। लोक निर्माण विभाग (PWD) महासमुंद में मरम्मत और रंग-रोगन कार्यों के नाम पर करोड़ों की सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सरायपाली उपसंभाग से जुड़े इस मामले में दो अधिकारियों द्वारा कुल 14.28 लाख रुपये का गबन किए जाने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
मामले में तत्कालीन एसडीओ शिखा पटेल पर 1.51 लाख और प्रभारी एसडीओ अरविंद किशोर देवांगन पर 12.77 लाख रुपये के फर्जी कार्य दर्शाने का आरोप है। शिकायत के बाद रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता द्वारा गठित जांच समिति ने गहन जांच कर यह खुलासा किया।
धरातल पर नहीं मिला कोई कार्य
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिन कार्यों के लिए भुगतान किया गया, वे वास्तव में हुए ही नहीं। इनमें सरायपाली के शासकीय हाई स्कूल और मंदिर भवन में प्लास्टर, ब्लॉक कॉलोनी के क्वार्टरों में पुताई, कृषि विभाग के क्वार्टर में रंगाई, तथा कन्या हाई स्कूल में वॉटर प्रूफिंग जैसे कार्य शामिल थे।
नियमों के तहत निलंबन और आगे की कार्रवाई
दोनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आगे की जांच में आर्थिक पुनर्प्राप्ति की कार्यवाही के साथ-साथ अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 'भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख' की पुष्टि की है।