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नागपंचमी आज, पूजन के लिए मिलेगा सिर्फ इतने घंटे का मुहूर्त, जानें उपाय

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 Nag Panchami 2025: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस महीने में आने वाले प्रत्येक पर्व का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इसी कड़ी में श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नाग पंचमी का पर्व भी बेहद खास होता है। यह दिन विशेष रूप से नाग देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।


धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और कालसर्प दोष जैसे ग्रहदोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही, अगर इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो भगवान शिव की विशेष कृपा भी प्राप्त की जा सकती है।

नाग पंचमी का धार्मिक महत्व

लोकल 18 से बातचीत में एक स्थानीय पुजारी ने बताया कि नाग पंचमी का उल्लेख कई पुराणों और धर्मग्रंथों में मिलता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार नागों का सीधा संबंध भगवान शिव से है, क्योंकि वे अपने गले में वासुकी नाग को धारण करते हैं।

इस दिन नाग देवता को दूध, चावल, फूल और दूर्वा अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उन्हें इस दिन विशेष रूप से नाग पूजन करना चाहिए। नाग पंचमी पर ‘सर्प सूक्त’ का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है।

भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय

सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव व नाग देवता का विधिपूर्वक पूजन करें।

‘ॐ नमः शिवाय’ तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुकेश्वराय’ मंत्र का जाप करें।

अगर संभव हो, तो नदी या तालाब के किनारे जाकर नाग देवता के 12 नामों का स्मरण करें:
अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक, पिंगला।

ऐसा करने से न केवल कालसर्प दोष का शमन होता है, बल्कि भगवान शिव की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।

इस नाग पंचमी, आस्था और विधि-विधान से की गई पूजा आपके जीवन को नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा दे सकती है।

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