Media24Media.com: बस्तर के लोग अब विकास की ओर : नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

बस्तर के लोग अब विकास की ओर : नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है, और यह बदलाव स्थायी होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बस्तर के लोग अब नक्सलवाद से मुक्ति चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस जनभावना के प्रतीक हैं।


नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई: केंद्र और राज्य की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के जवानों की मजबूत कार्रवाई के कारण निरंतर सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा जताई कि मां दंतेश्वरी की कृपा से यह संकल्प अवश्य पूरा होगा।

बस्तर: प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का संगम

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर एक प्राकृतिक स्वर्ग है – यहां अनेक जलप्रपात और अबूझमाड़ के घने जंगल हैं। यहां फिर से देश-दुनिया के पर्यटक आएँगे और बस्तर को उसका गौरवमय स्थान मिलेगा। बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों और बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन की सबसे बड़ी गवाही है।

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का प्रतीक बना बस्तर पंडुम

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर पंडुम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के सपने को साकार किया है। इस आयोजन में ओड़िशा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जैसे 6 पड़ोसी राज्यों के 47 हजार कलाकारों ने भाग लिया। इस उत्सव में आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा, खानपान और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन हुआ।

डबल इंजन सरकार की योजनाएँ बदल रही हैं ज़िंदगी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों से राज्य में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से जुड़ी योजनाएँ, और 70 लाख माताओं और बहनों को हर महीने 1000 रुपए देने वाली महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से मोदी की गारंटी को पूरा किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना से आदिवासी समुदायों को नया जीवन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  द्वारा शुरू की गई पीएम जनमन योजना के माध्यम से अबुझमाड़िया, कोरवा, बिरहोर, पंडो जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं पहुँचाई जा रही हैं।

धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना: 80,000 करोड़ की ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना  के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,500 जनजातीय गांवों में सर्वांगीण विकास होगा। यह योजना ग्रामीण समृद्धि और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है।

नियद नेल्लानार योजना: सुरक्षा से सेवा तक का सफर

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि 100 से अधिक गांवों में सुरक्षा कैंप खोले जा चुके हैं। इन कैंपों के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, और स्कूल-अस्पताल जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जहां पहले गोलियों की आवाज आती थी, अब वहां स्कूल की घंटी बज रही है।

छत्तीसगढ़ का भविष्य: समृद्धि, शिक्षा और शांति

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास जताया कि जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलवाद मुक्त होगा और एक विकसित, खुशहाल राज्य के रूप में प्रतिष्ठित होगा। हर घर में खुशहाली और समृद्धि आएगी।

बस्तर पंडुम: सांस्कृतिक समरसता का महोत्सव

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर पंडुम आयोजन 45 दिन चला और ब्लॉक से लेकर संभाग स्तर तक इसका आयोजन हुआ है। मुख्यमंत्री  साय ने इस आयोजन में शामिल सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर बदल रहा है, और यह बदलाव  सरकार के प्रयासों के साथ ही जनता के विश्वास का परिणाम है।

उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह केवल दिल्ली से नीतियाँ नहीं बनाते, वे बस्तर की पीड़ा को महसूस करने स्वयं यहां आते हैं, पीड़ितों से मिलते हैं, उनके साथ भोजन करते हैं। यह बस्तर के प्रति सच्ची संवेदना और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

उन्होंने मुख्यमंत्री  साय को छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में बस्तर की मिट्टी से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में आज सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल टावर, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, सिंचाई जैसी सुविधाएं तीव्र गति से गांव-गांव पहुँच रही हैं।

उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि बस्तर पंडुम में जनजातीय समाज की वस्त्र, वाद्ययंत्र, भोजन, लोकगीत, पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान भी प्राप्त हुआ है। यह पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह दिन बस्तर के लिए इतिहास रचने का दिन है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में ही जनघोषणा पत्र के वादों को वास्तविकता में बदला जा रहा है और जनजातीय समाज को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.