Media24Media.com: Chhattisgarh : बीजेपी ने अपने ही नेता को जारी किया 'कारण बताओ नोटिस', उद्योग मंत्री ने सभापति को दी थी जीत की बधाई

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Chhattisgarh : बीजेपी ने अपने ही नेता को जारी किया 'कारण बताओ नोटिस', उद्योग मंत्री ने सभापति को दी थी जीत की बधाई

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रायपुर : छत्तीसगढ़ बीजेपी ने राज्य के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें कोरबा नगर निगम सभापति पद पर बीजेपी से बागी प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर की जीत पर बधाई देना महंगा पड़ सकता है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।


क्या है पूरा मामला

दरअसल, मंत्री लखनलाल देवांगन ने नूतन सिंह ठाकुर को कोरबा नगर निगम का सभापति चुने जाने पर बधाई दी थी। उन्होंने नूतन की जीत को बीजेपी की जीत बताया था। मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा था कि, नूतन सिंह ठाकुर ने नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति चुनाव में विजय हासिल की है। इस जीत पर मैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि हितानंद अग्रवाल पार्टी के घोषित प्रत्याशी थे, लेकिन सभी निर्वाचित पार्षदों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से नूतन सिंह ठाकुर की जीत सुनिश्चित की है। यह निर्णय सभी को मान्य है।


क्यों बधाई देने पर पार्टी को हुई आपत्ति

कोरबा नगर निगम में 8 मार्च को नगर निगम सभापति के लिए चुनाव हुआ था, जहां बीजेपी से अधिकृत हितानंद अग्रवाल लड़ रहे थे. लेकिन, दूसरी तरफ पार्टी से बागी होकर नूतन सिंह ठाकुर भी मैदान में उतर गए. इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रहमान भी लड़ रहे थे. तीनों के बीच मुकाबला था, जहां नूतन सिंह ठाकुर ने 33 वोट से जीत हासिल की. इसके बाद 10 मार्च को उन्होंने अपना पदभार ग्रहण किया. इसको लेकर मंत्री लखन लाल देवांगन ने उन्हें बधाई दे दिया, जिसपर पार्टी ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया। (Chhattisgarh Politics)

नूतन ठाकुर ने की थी बगावत

दरअसल, कोरबा नगर निगम में बीजेपी के मेयर की जीत हुई थी। सभापति के चुनाव के लिए बीजेपी ने हितानंद अग्रवाल को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था। हितानंद अग्रवाल को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नूनत ठाकुर ने बगावत कर नामांकन दाखिल किया था। इस नगर निगम में बीजेपी के 45 पार्षदों को जीत मिली थी। इसके बाद भी नूतन ठाकुर ने 33 वोट हासिल कर सभापति का चुनाव जीत लिया था। बीजेपी उम्मीदवार को केवल 18 वोट मिले थे।

नूतन ठाकुर की बगावत के बाद पार्टी ने एक्शन लेते हुए नूतन ठाकुर को 6 सालों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इस घटना के बाद बीजेपी का मतभेद खुलकर सामने आया था। इस मामले में अब पार्टी ने एक्शन लिया है। 

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