Media24Media.com: छत्तीसगढ़ ने लौटाई ओडिशा को उसकी धरोहर, ग्रामीणों ने जताया आभार

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छत्तीसगढ़ ने लौटाई ओडिशा को उसकी धरोहर, ग्रामीणों ने जताया आभार

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 रायपुर ।  संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय रायपुर के संचालक विवेक आचार्य ने आज पड़ोसी राज्य ओड़िशा के धरोहर को लौटाया। नुअपाड़ा जिले के जोंक पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम मुढ़ेला (पंचायत भैंसटाल) से यह 2006 में चोरी हुई थी। प्राचीन और पूजित यह मूर्ति वर्ष 2020 में पिथौरा थाने से सुपुर्दगी में लाकर महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में रखी गई थी। उसे गांव के सरपंच  प्रेमलाल नाइक को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के बाद इसे लौटा दिया गया है।  इस मूर्ति की पूजा स्थानीय लोग मां चंडी के रूप में पीढ़ियों से करते आ रहे थे। नवरात्र पर्व के पहले मूर्ति वापस मिलने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए आभार जताया है।




    ग्रामीणों ने मूर्ति के चोरी हो जाने की घटना की रिपोर्ट 03.10.2006 को जोंक थाने में किया था। ग्रामीणों और पुलिस की खोज-पड़ताल के बाद भी सालों तक मूर्ति का कोई पता नहीं चला। करीब 14 साल बाद जनवरी 2020 में पिथौरा थाना पुलिस ने सरईटार गांव के पास फिरतू कटेल जंगल से इस प्राचीन मूर्ति को लावारिश स्थित में बरामद किया और सुरक्षा की दृष्टि से उसे थाने में लाकर रखा था। यह खबर समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए पुरातत्त्व विभाग के अधिकारी डाॅ. पी.सी. पारख, उप संचालक ने आवश्यक कार्यवाही के बाद मूर्ति को महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर में रखने के लिए पिथौरा थाने से प्राप्त किया।

    कुछ दिनों के बाद मुढ़ेला के ग्रामीणों को समाचार में छपी खबर से मूर्ति के बारे में पता चला । तब  वे पिथौरा (महासमुंद) थाना पहुँचे। जहाँ उन्हें बताया गया कि मूर्ति रायपुर संग्रहालय में चली गई है। फिर कुछ ग्रामीण रायपुर संग्रहालय पहुँचकर संग्रहाध्यक्ष से संपर्क किये और वस्तुस्थिति की जानकारी दी। तत्कालीन संग्रहाध्यक्ष डाॅ. पारख ने उन्हें मूर्ति वापसी की प्रक्रियागत जानकारी प्रदान की। जिस पर अमल करते हुए और कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक जिला नुअपाड़ा ओडिशा के पहल पर संस्कृति सचिव अन्बलगन पी. के मार्गदर्शन में ओडिशा के धरोहर की वापसी की कार्यवाही पूरी की गई।      


    उल्लेखनीय है कि ग्रामीण सालों से नवरात्र पर्व पर चंडी माता की मूर्ति की विशेष पूजा-आराधना करते आ रहे थे और 03 अक्टूबर को प्रारंभ हो रहे नवरात्र के ठीक पहले अपने गांव की देवी की मूर्ति को पाकर वे इसे दैवी की कृपा मान रहे हैं। इस मूर्ति के सुपुर्दगी की कार्यवाही के दौरान  प्रभात कुमार सिंह पुरातत्त्वेत्ता रायपुर,  निशांत डागा नगरपालिका उपाध्यक्ष खरियार रोड ओड़िशा,  मोहन चेलक, पार्षद, खरियार रोड ओड़िशा,  रिखीराम बंजारा, ग्राम प्रमुख मुढ़ेला, खरियार रोड, जिला नुआपाड़ा उपस्थित रहे।

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