Media24Media.com: IAS पूजा खेडकर जैसा छत्तीसगढ़ में भी 'दिव्यांगता' केस, दिव्यांग संघ ने जारी की सूची, पढ़े पूरी खबर

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IAS पूजा खेडकर जैसा छत्तीसगढ़ में भी 'दिव्यांगता' केस, दिव्यांग संघ ने जारी की सूची, पढ़े पूरी खबर

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 रायपुर : महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS ऑफिसर पूजा खेडकर का मामला गर्माया हुआ है। इस बीच छत्तीसगढ़ में भी फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी करने वालों के नाम सामने आए हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर से लेकर पशु चिकित्सक तक शामिल हैं। इसे लेकर सरकार से शिकायत की गई है।


छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ का आरोप है कि सरकारी नौकरी में 50% दिव्यांग फर्जी हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोहित राम चंद्राकर ने बताया कि, वर्तमान में PSC से सिलेक्ट होकर 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखा अधिकारी, 3 नायब तहसीलदार, 2 सहकारिता निरीक्षक, 3 पशु चिकित्सक समेत 21 लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी में हैं।


दिव्यांग सेवा संघ ने इन अधिकारियों के खिलाफ फर्जी दिव्यांग होने का आरोप लगाते हुए सरकार से शिकायत की है।



घ अध्यक्ष चंद्राकर ने बुधवार को रायपुर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि, इसका सरगना लोरमी का ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गुलाब सिंह राजपूत, मुंगेली के ENT विशेषज्ञ डॉ. एमके राय और बिलासपुर संभाग में संयुक्त स्वासथ्य संचालक डॉ. प्रमोद महाजन हैं। उन्होंने तीनों अफसरों को बर्खास्त कर जेल भेजने की मांग की है।

चंद्राकर ने कहा कि, प्रदेश में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए कई गैंग सक्रिय हैं। ये 50 हजार से 1 लाख रुपए में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा देते हैं। कुछ केस डॉक्टरों या स्टाफ की जानकारी में होता है, लेकिन अधिकतर में प्रमाण-पत्र बनवाते समय अन्य वास्तविक दिव्यांग को पैसा देकर अपनी जगह पेश कर देते हैं। इसके चलते सरकारी नौकरी में वास्तविक दिव्यांग वंचित रह जाते हैं।




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