आरंग। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा होने जा रहा है। संपूर्ण देश राममय है। वहीं भगवान श्रीराम राम भक्तो की तरह-तरह की बातें सामने आ रही है। आरंग के श्याम बाजार निवासी 60 वर्षीय रूखू देवांगन विगत कई वर्षों से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को जय श्रीराम कहकर अभिवादन करते हैं। वह परचित, अपरिचित, बच्चे,बूढ़े , युवा व महिलाएं सभी को देखते ही जय श्रीराम कहकर अभिवादन करते हैं।वह प्रतिदिन सुबह शाम नगर के अनेक मंदिरों, चौंक चौराहों की परिक्रमा करते हैं। और भगवान को धन्यवाद करते हैं।जो भी रास्ते में मिले उन्हें हाथ जोड़कर तेज आवाज में जय श्रीराम भैयाजी या जय श्रीराम दीदी कहकर अभिवादन करना उनके आदत में शामिल है।
उनका कहना है किसी चौंक -चौराहें पर बैठकर इधर- उधर की बातें करने से भगवान श्रीराम की भक्ति करना उसे अच्छा लगता है।वह पेशे से टेलर है। सिलाई करते-करते भी वह भगवान का स्मरण करते हैं। साथ ही उनके दुकान से आने जाने वालों को भी जय श्रीराम या राम- राम कहकर अभिवादन करते हैं।वह कहते हैं भगवान का नाम जितना अधिक बार जिह्वा में आ जाए इसलिए वह किसी के दिखाई देते ही जय श्रीराम कहकर अभिवादन करते हैं। लोग भी उन्हें जय श्रीराम कहकर अभिवादन करते हुए जवाब देते हैं। इस तरह वह अपने साथ-साथ लोगों को भी जय श्रीराम बोलवाते हैं।
वहीं नगर के समाजसेवी महेन्द्र पटेल बताते हैं छत्तीसगढ़ में राम- राम कहकर अभिवादन की परंपरा पहले से चली आ रही है।आज भी लोग नामों के बाद या पहले राम जोड़ते हैं ताकि नाम के साथ साथ भगवान राम का नाम बोलने का अवसर मिले।तो कुछ लोग अपने बच्चों का नामकरण ही भगवान राम पर करते हैं जैसे रामजी, रामलाल, रामदयाल, राममोहन, रामनाथ,रामगोपाल इत्यादि।आज भी यहां के किसान धान की बोनी करते या काठा में नापते समय एक की गिनती राम है बोलकर ही करते हैं। पहले के लोग राम-राम कहकर ही अभिवादन करते थे।
इस तरह भगवान श्रीराम को लेकर अनेक प्रसंग छत्तीसगढ़ में प्रचलित है।वहीं नगर के सेवाभावी सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन ने रूखू देवांगन प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को जय श्रीराम कहकर अभिवादन करने आदत की सराहना करते हुए उन्हें किसी अवसर पर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।