Media24Media.com: Cyclone Biparjoy: गुजरात के तट से टकराएगा चक्रवाती तूफान 'बिपरजॉय'

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Cyclone Biparjoy: गुजरात के तट से टकराएगा चक्रवाती तूफान 'बिपरजॉय'

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 Cyclone Biparjoy: मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय  के तेज होने की संभावना है। तूफान उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ सकता है और इसका खतरा गुजरात पर मंडरा रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) चक्रवात बिपरजॉय पर लगातार नजर रखे हुए है कि यह गुजरात से टकराएगा या नहीं।


पोरबंदर से 620 किलोमीटर दूरी पर पहुंचा चक्रवात

Cyclone Biparjoy वर्तमान स्थिति के अनुसार यह अति विनाशकारी चक्रवात बिपरजॉय पोरबंदर से 620 किलोमीटर दूर है। गुजरात के तट पर इस तूफान का असर 11 जून से देखा जा सकता है। राज्य में मछुआरों और तटीय इलाकों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। ऐसी संभावना है कि 11 जून से 14 जून तक गुजरात के तटीय इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।

11 जून को टकराएगा

Cyclone Biparjoy वर्तमान स्थिति के अनुसार यह अति विनाशकारी चक्रवात बिपरजॉय पोरबंदर से 620 किलोमीटर दूर है। गुजरात के तट पर इस तूफान का असर 11 जून से देखा जा सकता है। राज्य में मछुआरों और तटीय इलाकों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। ऐसी संभावना है कि 11 जून से 14 जून तक गुजरात के तटीय इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।

चेतावनी के बाद अलर्ट हुआ प्रशासन

गुजरात में चक्रवाती तूफान के आने से पहले वलसाड के समुद्र तट पर ऊंची लहरें देखी गई हैं। चक्रवाती बिपरजॉय की चेतावनी के बाद वलसाड प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर तीथल बीच को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।भारतीय मौसम विभाग ने 8 जून को खुशखबरी दी कि मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है।हालांकि चक्रवात बिपरजॉय से दो-तीन दिन तक इसकी तीव्रता धीमी पड़ने की संभावना है। इसके बाद मानसून फिर रफ्तार पकड़ेगा।

भारत में मानसून कैसे आता है?

भारत में ये हवाएं 2 दिशाओं से आती हैं। दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व। ऐसे में भारत में केरल के तट से टकराने के बाद मानसून दो तरफ से देश में प्रवेश करता है।

पहला : अरब सागर से होकर चलने वाला मानसून केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, UP और बिहार जैसे राज्यों में बारिश कराता है। इसे दक्षिण-पश्चिमी मानसून कहते हैं।

दूसरा : बंगाल की खाड़ी से होकर चलने वाला मानसून तमिलनाडु, ओडिशा से होते हुए नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बारिश कराते हुए बांग्लादेश की ओर निकल जाता है। इसे दक्षिण-पूर्व मानसून कहते हैं।

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