Media24Media.com: समय आ गया है कि भारतीय विमान स्वदेश में विकसित इंजन के साथ उड़ान भरें: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

समय आ गया है कि भारतीय विमान स्वदेश में विकसित इंजन के साथ उड़ान भरें: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

Document Thumbnail

बेंगलुरु :  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत एयरोस्पेस क्षेत्र को नयी गति प्रदान करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए विमान इंजन के स्वदेशी निर्माण की दिशा में काम कर रहा है।


‘एयरो इंडिया’ में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने का समय है कि भारतीय विमान स्वदेशी रूप से विकसित इंजन के साथ उड़ान भरें। रक्षा मंत्री ने देश के भीतर आवश्यक हथियार प्रणालियों के डिजाइन और विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

कई विदेशी रक्षा प्रमुखों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री ने उनसे दुनिया के लिए विभिन्न सैन्य साजो-सामान का उत्पादन करने के लिए भारत में विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने का आग्रह किया।

उन्होंने रेखांकित किया कि भारत प्रतिस्पर्धी भूमि लागत, कुशल मानव पूंजी, जीवंत स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र और विशाल घरेलू रक्षा बाजार के महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है। सिंह ने कहा कि दुनिया भर की रक्षा निर्माण कंपनियां भारतीय विकास की कहानी का हिस्सा बन सकती हैं।

सिंह ने एक अन्य कार्यक्रम में भारत को विभिन्न विमानों के रखरखाव, मरम्मत (एमआरओ) के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया। सिंह ने संगोष्ठी में कहा, ‘‘रक्षा मंत्रालय एयरोस्पेस क्षेत्र को नयी गति प्रदान करने और पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए विमान-इंजन के स्वदेशी निर्माण की दिशा में काम कर रहा है।’’

यह संगोष्ठी निजी उद्यम के लिए आईएएफ के राजस्व स्वदेशीकरण और मरम्मत व जीर्णोद्धार (आरओएच) जरूरतों के बारे में चर्चा करने को लेकर आयोजित की गई थी। इसने उद्योग और भारतीय वायु सेना को आत्मानिर्भर भारत की प्राप्ति के लिए योजनाओं पर काम करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

इस संगोष्ठी में थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, हरियाणा के उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, रक्षा मंत्रालय, रक्षा बलों, डीपीएसयू, डीआरडीओ, निजी उद्योगों (भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग करने वाले विदेशी ओईएम सहित) के वरिष्ठ अधिकारी, आईएएफ कर्मियों और विभिन्न परिचालन व रखरखाव निदेशालयों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।



Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.