Media24Media.com: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया नया प्रोटोकॉल, अनावश्यक दवाइयां नहीं देने के संबंध में नीति निर्धारित

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया नया प्रोटोकॉल, अनावश्यक दवाइयां नहीं देने के संबंध में नीति निर्धारित

Document Thumbnail

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली द्वारा जारी किए गए नए प्रोटोकाल के मुताबिक और राज्य के वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुशंसा पर कोविड के इलाज के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा नया प्रोटोकॉल जारी किया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली और आईसीएमआर की अनुशंसा अनुसार निर्देश जारी किए गए हैं कि रेमडेसिविर, टोसीलिजुमाब और प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग केवल अस्पतालों में ही किया जाए।





छत्तीसगढ़ में नहीं थम रहा कोरोना की दूसरी लहर का कहर, फिर मिले 15,274 नए केस, 24 घंटे में 266 की मौत





इन दवाओं को प्रिस्काइब करने वाले डॉक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह इन दवाओं के संबंध में मरीज की आवश्यकता का आकलन कर लें और यह भी सुनिश्चित कर ले कि मरीज को अन्य कोई बीमारी जैसे किडनी रोग, ह्रदय रोग और कैंसर तो नहीं, यह दवाएं अभी एक्सपेरीमेंटल दवाएं हैं। ऐसे में इन दवाओं को किसी भी मरीज को देने से पूर्व मरीज के परिजन से इन्फार्ड कंसेन्ट प्राप्त करना अनिवार्य होगा।





राज्य सरकार ने जारी किया निर्देश





वहीं राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए है कि इन दवाओं के उपयोग के संबंध में राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा दवाओं के उपयोग की ऑडिट की जाएगी और बिना किसी कारण ऐसी दवाएं प्रिस्काईब करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





5 अलग-अलग टीम गठित





राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा 5 अलग-अलग दल बनाए जाएगें, जो कि निजी अस्पतालों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि पोर्टल पर बेड उपलब्धता की जानकारी अद्यतन रहे और बेड उपलब्ध होने की स्थिति में किसी भी मरीज को भर्ती होने से वंचित न होना पड़े।





लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई





यह भ्रमण दल अस्पतालों में मरीजों से मिल यह भी ज्ञात करेंगे कि अस्पताल द्वारा मरीजों को भर्ती से वंचित तो नहीं किया जा रहा। अगर कोई अस्पताल मरीज को बेड उपलब्ध होने के बावजूद भर्ती करने से इंकार करता है तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ उपचर्या गृह और रोगोपचार संबंधी स्थापनाए अधिनियम के अंतर्गत ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.