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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुड़घुसरी में 1.48 करोड़ रुपए के तीन सड़क का किया भूमिपूजन

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 रायपुर : वनांचल के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम मुड़घुसरी में 1.48 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले तीन सड़क मार्गों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 15.40 किमी लंबाई के इन सड़क मार्गों के निर्माण से बैगा बाहुल्य क्षेत्र के ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार सहित अन्य जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होगी। भूमिपूजन के अंतर्गत मुड़घुसरी से ठाकुरटोला मार्ग का 3.30 किलोमीटर, ठाकुरटोला से बांटीपथरा मार्ग का 4.00 किमी तथा सिंघारी से पांडातराई मार्ग का 8.40 किमी लंबाई में निर्माण किया जाएगा। इन मार्गों के बेहतर होने से वनांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा मजबूत होने के साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।


उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का विकास शासन की प्राथमिकता है। सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं का मार्ग भी खोलती है। सड़क मार्गों के नवीनीकरण से वनांचल के ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। बेहतर सड़क सुविधा से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।


इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, संतोष पटेल, मनीराम साहू, भुनेश्वर चंद्राकर, रामकिंकर वर्मा, खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से किया संवाद, सुनीं मांग और समस्याएं

भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यक विकास कार्यों के संबंध में जानकारी ली और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी जानी। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में ग्रामीणों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। शासन द्वारा विकास कार्यों और योजनाओं के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

SBI ATM में चोरी की कोशिश, हथौड़ी-छीनी से मशीन तोड़ रहा था आरोपी; लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

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 डोंगरगढ़। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में बस स्टैंड स्थित SBI ATM में चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात एक युवक हथौड़ी और छीनी लेकर ATM बूथ में घुसा और मशीन तोड़कर रकम निकालने का प्रयास करने लगा। आरोपी ने वारदात से पहले CCTV कैमरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते वह अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका।


जानकारी के अनुसार, आरोपी हथौड़ी और छीनी लेकर ATM बूथ में दाखिल हुआ। उसने सबसे पहले CCTV कैमरे को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद ATM मशीन के कवर और दरवाजे वाले हिस्से पर हथौड़ी-छीनी से कई वार किए। इससे मशीन का बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

इसी दौरान आसपास के लोगों की नजर बूथ में हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ गई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

घटना के दौरान SBI कर्मचारी अंजल निगम भी रेलवे स्टेशन से लौट रहे थे। उन्होंने बस स्टैंड के पास लोगों की भीड़ देखी, जहां स्थानीय लोग एक युवक को पकड़े हुए थे। बाद में पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई।

आरोपी के पास से हथौड़ी-छीनी बरामद

डोंगरगढ़ SDOP केसरी नंदन नायक के मुताबिक, पेट्रोलिंग के दौरान ATM के पास संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां सामने आई थीं। जांच में उसके पास से हथौड़ी और छीनी बरामद हुई। आरोपी ने ATM के कवर वाले हिस्से को तोड़ दिया था।

पूछताछ में आरोपी की पहचान सेवाराम वर्मा, निवासी अंडी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय आरोपी नशे की हालत में था और वह ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा था।

अकेले वारदात करने पहुंचा था या गिरोह का हिस्सा, जांच जारी

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अकेले ATM में चोरी करने पहुंचा था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। आरोपी से पूछताछ के साथ पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की तत्काल कार्रवाई से ATM में रखी रकम चोरी होने से बच गई। हालांकि, व्यस्त बस स्टैंड इलाके में ATM की सुरक्षा को लेकर यह घटना सवाल जरूर खड़े करती है।

 

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

मुख्यमंत्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

खूनी पारिवारिक विवाद: पत्नी पर टंगिया से हमला, मौत के बाद आरोपी पति फरार

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 सूरजपुर। जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के नारायणपुर में सोमवार को पारिवारिक विवाद के दौरान एक पति ने अपनी पत्नी पर टंगिया से कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई। परिजन उसे इलाज के लिए रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया।


जानकारी के अनुसार, नारायणपुर में सोमवार को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपी पति ने कथित तौर पर टंगिया से पत्नी के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला की हालत बिगड़ गई।

घटना के बाद परिजन महिला को तत्काल रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है।

पुलिस फरार आरोपी पति की तलाश कर रही है। साथ ही घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। मामले में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

PM मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम के सरकारीकरण के कांग्रेस के आरोप पर नेताम का पलटवार, बोले- कांग्रेस का काम राग अलापना

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 रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को सरकारी रूप देने के कांग्रेस के आरोपों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही हर मुद्दे पर कुछ न कुछ आरोप लगाना है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद की गरिमा समझनी चाहिए।


नेताम ने कहा कि नरेंद्र मोदी पिछले 25 वर्षों से महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। अभियान के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने और उन्हें कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर भी साधा निशाना

15 सितंबर से अंबिकापुर में प्रस्तावित कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी रामविचार नेताम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहती है, लेकिन वह किस तरह का प्रशिक्षण देती है, यह समय-समय पर सामने आता रहता है।

नेताम ने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर आपसी खींचतान की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से दूर कर दिया है और पार्टी के लिए इससे उबरना मुश्किल है। उनके मुताबिक, कांग्रेस विभिन्न अभियानों के जरिए अपने जनाधार को बनाए रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें उसे सफलता नहीं मिलेगी।

नए प्रदेश प्रभारी के दौरे पर भी तंज

कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी के आगामी छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी कृषि मंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इससे पहले भी कई नेता और प्रभारी आते रहे हैं, लेकिन उनके आने से पार्टी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। किसी नए व्यक्ति के आने से कांग्रेस की स्थिति बदलने वाली नहीं है।

कांग्रेस-भूपेश बघेल पर भी साधा निशाना

भाजपा की ओर से कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए जारी किए गए रैप वीडियो को लेकर भी नेताम ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जनता से किए कई वादे पूरे नहीं किए और उसकी योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ।

नेताम ने कहा कि भाजपा पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दों और जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करने के आरोपों को जनता के सामने रख रही है।

छात्रा की मौत के मामले में NSUI नेता पर FIR, आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

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 अंबिकापुर। अंबिकापुर में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा की मौत के मामले में गांधीनगर पुलिस ने एनएसयूआई छात्र नेता ज्ञान तिवारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई छात्रा के परिजनों की शिकायत के आधार पर की है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।


परिजनों ने लगाए प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप

पुलिस के मुताबिक, दो दिन पहले बीए प्रथम वर्ष की छात्रा ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद परिजनों ने ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित तौर पर लंबे समय से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे।

परिजनों का कहना था कि कथित प्रताड़ना के कारण छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत के आधार पर मामला दर्ज

परिजनों की शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर गांधीनगर पुलिस ने ज्ञान तिवारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण से संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस छात्रा और आरोपी के बीच संपर्क, घटनाक्रम तथा परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

आरोपी की तलाश जारी

मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी ज्ञान तिवारी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रा की मौत के पीछे की परिस्थितियों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।

CG NEWS : स्पा सेंटर में पुलिस की जांच, अनैतिक गतिविधि नहीं मिली

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 दुर्ग। भिलाई के सूर्या मॉल स्थित सेंशेसन स्पा सेंटर में कथित अवैध गतिविधियों की शिकायत पर पुलिस ने जांच और छापेमारी की। हालांकि जांच के दौरान स्पा सेंटर में किसी तरह की अनैतिक गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने एहतियातन सेंटर के संचालक और वहां मिली युवतियों को भविष्य में किसी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होने के लिए मुचलका पाबंद किया है।


पुलिस के अनुसार, स्पा सेंटर में कथित अवैध गतिविधियों की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मॉल प्रबंधन के मुताबिक, स्पा सेंटर जिस परिसर में संचालित है, वह सोल्ड प्रॉपर्टी है और वहां बिजली-पानी की सप्लाई भी बंद है। इसके बावजूद पुलिस को परिसर के अंदर कुछ युवतियां और अन्य लोग मौजूद मिले। पुलिस ने सभी को बाहर निकालकर पूछताछ की।

जांच के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद युवतियों की भूमिका और गतिविधियों की जानकारी ली। किसी तरह की अनैतिक गतिविधि सामने नहीं आने पर पुलिस ने संचालक और युवतियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं किया। हालांकि भविष्य में किसी अवैध गतिविधि की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी को मुचलका पाबंद किया गया।

स्पा सेंटरों की चेकिंग जारी रहेगी

भिलाई नगर CSP निशांत पाठक ने कहा कि शहर में स्पा सेंटरों की आड़ में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस द्वारा ऐसे संस्थानों की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई ASP सिटी शोभराज अग्रवाल के निर्देश पर की गई। टीम में CSP निशांत पाठक, DSP (IUCAW) भारती मरकाम, सुपेला थाना प्रभारी एसएन सिंह और स्मृति नगर चौकी प्रभारी अमित अंडानी सहित पुलिस अधिकारी शामिल रहे।

IPS अधिकारी के बेटे पर चाकू से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस

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 अंबिकापुर। शहर के बौरिपारा तालाब के पास आईपीएस अधिकारी रवि कुर्रे के बेटे के साथ मारपीट और चाकू से हमला करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को कोतवाली थाने से जिला न्यायालय तक पैदल ले गई।


पुलिस के अनुसार, बौरिपारा तालाब के पास किसी का नाम लेने की बात को लेकर युवक और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान दोनों आरोपियों ने युवक पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में युवक घायल हो गया।

सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने से पहले पुलिस दोनों आरोपियों को थाने से जिला न्यायालय तक पैदल लेकर गई।

पुलिस मामले में विवाद के वास्तविक कारण, घटना में इस्तेमाल चाकू और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराओं तथा मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

UCC को लेकर बड़ा अपडेट, 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में लागू करने का लक्ष्य

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नई दिल्ली- समान नागरिक संहिता यानी UCC (Uniform Civil Code) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद देश की राजनीति में UCC को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

अमित शाह के मुताबिक, UCC का उद्देश्य नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और विरासत जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में NDA सरकारें आगे काम करेंगी।

कई राज्यों में पहले से चल रही प्रक्रिया

UCC को लेकर कुछ राज्यों में पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं। उत्तराखंड में इसे लागू किया जा चुका है, जबकि अन्य NDA शासित राज्यों में भी इसे लेकर प्रक्रिया और चर्चा आगे बढ़ रही है। अब 2029 से पहले सभी 21 NDA शासित राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य सामने रखा गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है UCC?

समान नागरिक संहिता का मकसद व्यक्तिगत कानूनों के अलग-अलग प्रावधानों की जगह एक समान नागरिक कानून व्यवस्था लाना है। इसके दायरे में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।

अमित शाह के ताजा बयान के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि अलग-अलग NDA शासित राज्यों में UCC को लागू करने के लिए सरकारें किस तरह की विधायी और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाती हैं।

UCC का मुद्दा आने वाले समय में देश की राजनीति और कानून व्यवस्था से जुड़ी बहस का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।

BRICS Summit में PM मोदी का बड़ा संदेश, बोले- वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग जरूरी

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नई दिल्ली- राजधानी नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं और तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि आज की वैश्विक चुनौतियां किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ऐसे में देशों के बीच सहयोग, विश्वास और सामूहिक प्रयास पहले से ज्यादा जरूरी हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के 'हथियारीकरण' को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तकनीक और रणनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के तौर पर नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक विकास और साझा समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

पीएम मोदी ने वैश्विक सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने BRICS देशों के बीच Logistics Supply Chain Cooperation Framework को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि संकट के समय जरूरी सामान और संसाधनों की आपूर्ति बाधित न हो।

महामारी से निपटने के लिए Early Warning System

BRICS Summit में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम सामने आया। पीएम मोदी ने BRICS Integrated Early Warning System की पहल का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य संक्रामक बीमारियों के संभावित खतरों की समय रहते पहचान और बेहतर प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना है।

Global South की आवाज मजबूत करने का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS के प्रति Global South का भरोसा बढ़ रहा है, क्योंकि विकासशील देशों की आवाज और चिंताओं को इस मंच पर जगह मिल रही है। उन्होंने BRICS से लिए गए फैसलों को सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित न रखकर उन्हें जमीन पर लागू करने और आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने पर जोर दिया।

इसके साथ ही भारत ने स्टार्टअप्स, डिजिटल कृषि, ऊर्जा भंडारण, आपदा प्रबंधन और MSME सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी नई पहलों पर जोर दिया। पीएम मोदी का संदेश साफ रहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सहयोग, नवाचार और सामूहिक विकास ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

BRICS Summit में भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं, सप्लाई चेन संकट और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है।

भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, श्रीलंका को 72 रन से हराकर 8वीं बार जीता महिला एशिया कप

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दुबई- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया में अपना दबदबा साबित कर दिया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से करारी शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 8वीं बार महिला एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की।

2024 के फाइनल में श्रीलंका के हाथों मिली हार का बदला भी भारतीय टीम ने शानदार अंदाज में ले लिया। इस बार फाइनल में भारत ने बल्ले और गेंद दोनों से ऐसा प्रदर्शन किया कि श्रीलंकाई टीम पूरे मुकाबले में दबाव से बाहर नहीं निकल सकी।

शैफाली और स्मृति ने मचाई तबाही

टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय ओपनर्स शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई।

शैफाली ने महज 39 गेंदों में 68 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने भी 39 गेंदों में 59 रन बनाकर शानदार अर्धशतक जड़ा।

दोनों बल्लेबाजों के बीच 129 रनों की शानदार साझेदारी हुई, जिसने भारत को बड़े स्कोर की नींव दी। शैफाली ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक रहा।

भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 184 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की कमर तोड़ी

184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।

भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। वहीं अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।

श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने 36 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के लगातार दबाव के सामने उनकी टीम पूरी तरह बिखर गई।

श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 72 रन से जीत लिया।

2024 की हार का लिया बदला

इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि भारत ने दो साल पहले मिली हार का हिसाब भी बराबर कर दिया।

2024 के महिला एशिया कप फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराकर पहली बार खिताब जीता था। उस मुकाबले में श्रीलंका ने शानदार रन चेज करते हुए भारत को मात दी थी।

लेकिन 2026 के फाइनल में हरमनप्रीत कौर की टीम ने कोई मौका नहीं दिया और शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी।

पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत

भारत का प्रदर्शन सिर्फ फाइनल तक ही सीमित नहीं रहा। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अजेय रहते हुए खिताब अपने नाम किया।

ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान सहित अपने विरोधियों को हराया। पाकिस्तान के खिलाफ तो भारतीय स्पिनरों ने कमाल करते हुए उसे सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट कर दिया था। भारत ने 56 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया था।

इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

दीप्ति शर्मा का भी शानदार टूर्नामेंट

भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में गेंद से जबरदस्त प्रदर्शन किया। फाइनल से पहले ही वह 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज थीं।

फाइनल में भी उन्होंने तीन विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

स्मृति मंधाना ने भी रचा इतिहास

इस एशिया कप में स्मृति मंधाना ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

हांगकांग के खिलाफ 124 रन की शानदार पारी के दौरान मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया और मिताली राज के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

भारत की बेटियों की ऐतिहासिक जीत

फाइनल का पूरा स्कोरकार्ड:

भारत – 183/5 (20 ओवर)
शैफाली वर्मा – 68 रन
स्मृति मंधाना – 59 रन

श्रीलंका – 111 रन ऑलआउट
श्री चरणी – 4 विकेट
दीप्ति शर्मा – 3 विकेट

नतीजा: भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया।

खास उपलब्धि: भारत 8वीं बार महिला एशिया कप चैंपियन बना।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एशियाई क्रिकेट में उसका दबदबा कायम है। शैफाली और स्मृति की तूफानी बल्लेबाजी, श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी और पूरी टीम के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत को एक और ऐतिहासिक खिताब दिला दिया।

भारत की बेटियों ने सिर्फ एशिया कप नहीं जीता, बल्कि पूरे देश को गर्व करने का एक और मौका दे दिया।

Ganesh Chaturthi 2026: आज घर-घर विराजेंगे बप्पा, जानें गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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 Ganesh Chaturthi 2026: गणेश उत्सव का पावन पर्व आज, 14 सितंबर 2026, सोमवार से शुरू हो गया है। देशभर में गणपति बप्पा की स्थापना की जा रही है। छत्तीसगढ़ में भी घरों से लेकर सार्वजनिक गणेश पंडालों तक बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भक्त अगले 10 दिनों तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और आराधना करेंगे। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ गणेश उत्सव का समापन होगा।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। गणेश चतुर्थी के दौरान श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन के विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी पर शुभ मुहूर्त में बप्पा की स्थापना को विशेष महत्व दिया जाता है।

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी की तिथि 14 सितंबर की सुबह 7:06 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। गणपति स्थापना और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 14 सितंबर को सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा कर सकते हैं।

  • गणेश चतुर्थी तिथि शुरू: 14 सितंबर 2026, सुबह 7:06 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 सितंबर 2026, सुबह 7:44 बजे
  • गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त: सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक
  • मुहूर्त की अवधि: 2 घंटे 29 मिनट
  • गणपति विसर्जन: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार
  • चंद्र दर्शन वर्जित समय: 14 सितंबर को सुबह 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक

गणपति स्थापना के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए?

अगर आप घर पर गणपति की स्थापना कर रहे हैं तो पूजा से पहले सभी जरूरी सामग्री तैयार कर लें। पूजा के लिए मिट्टी की इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा, चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, आम के पत्ते, नारियल, दूर्वा, रोली, चंदन, अक्षत, कलावा, जनेऊ, फूल, मोदक या लड्डू, फल, दीपक, धूप और कपूर रखें।

धार्मिक परंपरा में भगवान गणेश को दूर्वा और लाल फूल विशेष प्रिय माने गए हैं। पूजा में 21 दूर्वा अर्पित करने की परंपरा है।

बप्पा को लगाएं मोदक का भोग

गणेश चतुर्थी की पूजा में भगवान गणेश को भोग लगाने का भी विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार मोदक भगवान गणेश का प्रिय भोग है। इसके अलावा बप्पा को लड्डू, पूरन पोली, खीर या पायस, केला, नारियल, मौसमी फल, मेवे और गुड़ का भोग भी लगाया जा सकता है।

गणेश जी के प्रमुख पूजा मंत्र

गणपति की पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।

गणेश बीज मंत्र:
ॐ गं गणपतये नमः।

वक्रतुण्ड महाकाय मंत्र:
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

गणेश गायत्री मंत्र:
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥

घर में गणपति की स्थापना कैसे करें?

1. पूजा स्थल तैयार करें

सबसे पहले घर के पूजा स्थल या उपयुक्त स्थान पर चौकी रखें। चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर फूलों से सजावट करें।

2. शुभ मुहूर्त में बप्पा को विराजमान करें

शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक चौकी पर स्थापित करें। इसके साथ ही जल से भरा कलश रखें। कलश में आम के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल रखें।

3. पूजा का संकल्प लें

दाहिने हाथ में फूल और अक्षत लेकर भगवान गणेश का ध्यान करें और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद विधि-विधान से पूजा शुरू करें।

4. शुद्धिकरण और पूजन करें

जल के छींटे देकर पूजा स्थल और पूजा सामग्री का शुद्धिकरण करें। इसके बाद भगवान गणेश को जल अर्पित करें।

5. तिलक और जनेऊ अर्पित करें

भगवान गणेश को रोली, चंदन और अक्षत लगाएं। इसके बाद कलावा और जनेऊ अर्पित करें।

6. दूर्वा और फूल चढ़ाएं

भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें। इसके साथ लाल फूल चढ़ाकर बप्पा का पूजन करें।

7. भोग लगाएं

पूजा के बाद भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, फल और अन्य पसंदीदा प्रसाद का भोग लगाएं। श्रद्धानुसार पान-सुपारी भी अर्पित की जा सकती है।

8. आरती कर प्रार्थना करें

अंत में घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान गणेश की आरती करें। आरती के बाद भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और सभी विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना करें। पूजा में हुई किसी भूल के लिए क्षमा याचना करें।

10 दिनों तक होगी गणपति की आराधना

गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेश उत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का पर्व है। इन दिनों घरों और पंडालों में भगवान गणेश की विशेष पूजा, आरती और भजन-कीर्तन किए जाते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार गणपति को डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या पूरे 10 दिनों तक विराजमान रखते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा को विदाई दी जाती है और प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है।

दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की शिकायत मिलते ही हो तत्काल कार्रवाई, दोषी किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों के मामले में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को भी यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता गंभीरता से ली जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीडि़त छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वाेपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: सामान्य वर्षा का 99.9% कोटा पूरा

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 ​रायपुर : छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की मेहरबानी से जल संकट काफी हद तक दूर हो चुका है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी बारिश रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 13 सितंबर 2026 तक प्रदेश में औसत सामान्य वर्षा की 99.9% आपूर्ति दर्ज की जा चुकी है। राज्य भर में अब तक कुल 988.5 मिमी औसत बारिश हुई है, जो पिछले 10 वर्षों के 989.9 मिमी के ऐतिहासिक औसत के बिल्कुल बराबर है। वहीं पिछले 24 घंटों के भीतर प्रदेश में 12.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, जिसमें दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 46.3 मिमी बारिश हुई है।


​वर्षा आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में मानसून का रूप भिन्न रहा है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले ने 1482.8 मिमी कुल बारिश और सामान्य औसत के मुकाबले 177% वर्षा के साथ पूरे प्रदेश में बाजी मारी है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में औसत का 146.3%, रायपुर में 131.8%, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 127.1% और महासमुंद में 125.7% बारिश दर्ज की गई है। मैदानी जिलों में बलौदाबाजार, मुंगेली, गरियाबंद और धमतरी जैसे इलाकों में भी सामान्य से अधिक वर्षा होने से कृषि गतिविधियों को काफी मजबूती मिली है।


​दूसरी ओर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अब भी अच्छी बारिश की दरकार बनी हुई है। बेमेतरा जिला प्रदेश भर में सबसे कम 563.8 मिमी (औसत का 78.2%) वर्षा के साथ तालिका में सबसे नीचे है। सरगुजा संभाग के मुख्य सरगुजा जिले में केवल 589.4 मिमी (79.7%) बारिश ही हो पाई है। वहीं बस्तर संभाग के कांकेर जिले में ऐतिहासिक औसत की तुलना में मात्र 67.1% (924.5 मिमी), सुकमा में 70.5% (975.2 मिमी) और बीजापुर में 74.7% (1313.0 मिमी) ही वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि नारायणपुर (1352.7 मिमी) और दंतेवाड़ा (1216.0 मिमी) में बस्तर के अन्य जिलों की तुलना में बेहतर स्थिति है।

​मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों की बात करें तो बिलासपुर (963.0 मिमी), कोरबा (1056.9 मिमी), दुर्ग (742.4 मिमी), सक्ती (927.8 मिमी) और जशपुर (894.7 मिमी) जैसे जिलों ने अपने 10-वर्षीय औसत के लगभग 95% से 107% तक का आंकड़ा हासिल कर लिया है, जो संतुलित स्थिति को दर्शाता है। राजनांदगांव, कबीरधाम, रायगढ़, कोंडागांव और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से थोड़ा कम रहने के बावजूद खरीफ फसलों के लिए राहतजनक स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष की ओर से आगामी दिनों में भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है।

CG NEWS : 19 हाथियों ने मचाई दहशत, जान बचाने बिजली टावर पर चढ़े कर्मचारी

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 कोरबा। जिले के बंजारी परिसर के जंगल में हाथियों के झुंड की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। क्षेत्र में इन दिनों 19 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इनमें 18 हाथियों का झुंड और एक लोनर हाथी शामिल है। इसी बीच टावर लाइन के नीचे साफ-सफाई का काम करने पहुंचे कर्मचारियों के सामने अचानक हाथियों का दल आ गया। जान बचाने के लिए कर्मचारियों ने बिजली टावर के ढांचे पर चढ़कर खुद को सुरक्षित किया।


अचानक सामने आ गया हाथियों का झुंड

जानकारी के मुताबिक, ग्राम बंजारी में टावर लाइन के नीचे साफ-सफाई का काम करने के लिए कर्मचारी पहुंचे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से अचानक हाथियों का दल वहां पहुंच गया और कर्मचारियों के काफी करीब आ गया। हाथियों को अपनी ओर बढ़ता देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

खतरे को भांपते हुए कर्मचारियों ने तत्काल बिजली टावर के ढांचे पर चढ़कर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि हाथियों का दल काफी देर तक टावर लाइन के नीचे ही विचरण करता रहा।

वन अमला और हाथी मित्र दल ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही बंजारी परिसर के परिसर रक्षक ऋषभ राठौर तथा हाथी मित्र दल के राजेश त्रिवेदी और अशोक बिंझवार मौके पर पहुंचे। वन अमले और हाथी मित्र दल ने हाथियों की गतिविधियों का जायजा लिया और स्थिति सामान्य होने के बाद कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक टावर से नीचे उतारा।

इसके बाद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित घटनास्थल से बाहर निकाला गया। राहत की बात रही कि घटना में किसी कर्मचारी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

19 हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत

बंजारी क्षेत्र में 19 हाथियों के विचरण को देखते हुए वन विभाग उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाथियों की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों और जंगल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों में भी दहशत का माहौल है।

वन विभाग ने लोगों से हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। साथ ही हाथियों के करीब नहीं जाने, उन्हें छेड़ने या उनका रास्ता रोकने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि सावधानी बरतकर ही किसी अप्रिय घटना को रोका जा सकता है।

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