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इस सड़क से रोज गुजरते हैं अधिकारी-नेता, कोई नहीं ले रहा सुध : अशवन्त तुषार साहू

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महासमुंद। सरकार चाहे कितना भी सड़कों के गड्ढा मुक्त होने का दावा करे, लेकिन  शहर की कई प्रमुख सड़कें ऐसी हैं जो बेहद खस्ताहाल हैं। ये सड़कें शासन के दावों की पोल खोल रही हैं। खास बात तो यह है कि गड्ढों में तब्दील हो चुकीं इन सड़कों के निर्माण के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी, उनकी गाड़ियां भी इन्हीं सड़कों में बने गड्ढों से होकर निकलती हैं, जबकि सरकार ने सत्ता में आते ही सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान दिया था।


महासमुंद से तुमाडबरी जाने वाली सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। कई स्थानों पर तो गड्ढों में सड़क को तलाशना पड़ता है। अक्सर लोग गिरकर घायल भी हो जाते हैं। लोग अनेक बार इसको बनवाने की मांग कर चुके हैं पर उनकी मांग पर कभी गौर नहीं किया गया है। लिहाजा
, इस सड़क की हालत और भी ज्यादा दयनीय होती जा रही है शारदा मंदिर पास से , एकता चौक ,ओवरब्रिज के नीचे से व रेलवे फाटक जाने वाली सड़क पर हर समय लोगों का आवागमन रहता है। इस सड़क पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जो हर किसी के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इस सड़क से रोजाना अधिकारी-नेता भी गुजरते हैं, मगर किसी को सड़क ठीक कराने के लिए कोई सुध नहीं आती। ऐसे में लोग भी जनप्रतिनिधियों के साथ ही पालिका प्रशासन को कोसते थक नहीं रहे हैं।


महासमुंद शहर रोड को जोड़ने वाली सड़क अपना वजूद ही खोती जा रही है।  सड़क पर लंबा गड्ढा है, जिसमें बिना बरसात के ही जलभराव हो जाता है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तुमाडबरी में आत्मानंद स्कूल खोलने के बाद से स्कूली बच्चों का आना जाना और लोगों का ज्यादा आवागमन रहता है। महासमुंद की ओर से आने वाले चार और दोपहिया वाहन वाले इसी सड़क से गुजरते हैं। कई स्थान पर तो सड़क ही गायब हो गई है। यहां के लोगों का कहना है कि समझ में नहीं आता कि उन्हें किस बात की सजा दी जा रही है, जो आज तक किसी ने इसके निर्माण की सुध नहीं ली है।

नवाचार के माध्यम से जिले के अंतिम छोर तक के बच्चों को मदद करने के लिए की गई यह पहल : कलेक्टर डोमन सिंह

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राजनांदगांव। कलेक्टर डोमन सिंह ने आज सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु जिला स्तरीय ऑनलाईन नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस का शुभारंभ किया। कलेक्टर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार के माध्यम से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के जिले के अंतिम छोर के बच्चों को मदद करने के प्रयास के लिए यह पहल की गई है। इस ऑनलाईन नि:शुल्क कोचिंग के माध्यम से 205 स्कूलों के बच्चे जुड़ेंगे।



जिनमें कक्षा 10वीं के 14 हजार तथा कक्षा 12वीं के 7 हजार बच्चे नि:शुल्क कोचिंग क्लास का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में थोड़ी दिक्कत हो सकती है लेकिन इसके परिणाम अच्छे होंगे। विषय विशेषज्ञों से इस पर लगातार चर्चा होते रहेगी। उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य के लिए ऐसे शिक्षक जुड़े जो दिल से स्वेच्छा से बच्चों के हित के लिए पढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि सफल होने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। 10वीं एवं 12वीं के बच्चों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है। मानपुर, औंधी एवं छुईखदान जैसे दूरस्थ क्षेत्र के बच्चे इस कोचिंग से जुड़कर खूब लाभ लें।



कलेक्टर सिंह ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि राजनांदगांव शहर में ही उन्होंने लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए तैयारी की थी और यहां ग्रंथालय में लगातार बैठकर अध्ययन करते थे। उन्होंने कहा कि इस शहर से यादें जुड़ी हुई हैं। इस लिए बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल से कार्य करने का प्रयास रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नि:शुल्क कोचिंग में ही पीएससी, व्यापम, रेल्वे, बैंक जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी जानकारी देते रहें। उन्होंने कहा कि बच्चों को मार्गदर्शन देने के लिए उपाय किया गया है और रास्ता बनाया गया है ताकि वे मंजिल तक पहुंच सके। कलेक्टर ने इस दौरान डोंगरगढ़, खैरागढ़ एवं अन्य विकासखंड से इस कोचिंग के लिए जुड़े बच्चों से बात की।

एसडीएम अरूण वर्मा ने कहा कि शिक्षा के उन्नयन के लिए कलेक्टर के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है। शिक्षकों से यह आग्रह है कि बच्चों को जिम्मेदारी से पढ़ाते हुए इस कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान करें। जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा कि कलेक्टर सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों में कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। इसकी भरपाई करने के लिए अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रोजेक्टर, लेपटॉप, इंटरनेट कनेक्टीविटी एवं शिक्षकों की उपस्थिति के साथ कोचिंग प्रारंभ हो रहा है। जिससे लगभग 21 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। कठिन विषयों में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध होगी जो उनके लिए कारगर एवं लाभप्रद साबित होगी। जुलाई से ही पढ़ाई प्रारंभ की जा रही है। नई सोच एवं नई पहल के साथ आज से इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। शिक्षकों का सहयोग इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। डिप्टी कलेक्टर अमित श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों को नि:शुल्क तौर पर पढ़ाने के लिए की गई यह पहल उपयोगी साबित होगी।

अभी से पढ़ाई के लिए आधार बनाते हुए सभी बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर खेमलाल वर्मा, प्राचार्य श्रीमती आशा मेनन सहित शिक्षक एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन दीपक ठाकुर ने किया। इस अवसर पर सभी एसडीएम, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, बीआरसी, विकासखंड के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के बच्चे तथा सभी प्राचार्य अपनी संस्था के अध्यापन कक्ष, स्मार्ट क्लास के माध्यम से जुड़े।

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