Media24Media.com: innovation

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label innovation. Show all posts
Showing posts with label innovation. Show all posts

नवाचार के माध्यम से जिले के अंतिम छोर तक के बच्चों को मदद करने के लिए की गई यह पहल : कलेक्टर डोमन सिंह

No comments Document Thumbnail

राजनांदगांव। कलेक्टर डोमन सिंह ने आज सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु जिला स्तरीय ऑनलाईन नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस का शुभारंभ किया। कलेक्टर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार के माध्यम से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के जिले के अंतिम छोर के बच्चों को मदद करने के प्रयास के लिए यह पहल की गई है। इस ऑनलाईन नि:शुल्क कोचिंग के माध्यम से 205 स्कूलों के बच्चे जुड़ेंगे।



जिनमें कक्षा 10वीं के 14 हजार तथा कक्षा 12वीं के 7 हजार बच्चे नि:शुल्क कोचिंग क्लास का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में थोड़ी दिक्कत हो सकती है लेकिन इसके परिणाम अच्छे होंगे। विषय विशेषज्ञों से इस पर लगातार चर्चा होते रहेगी। उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य के लिए ऐसे शिक्षक जुड़े जो दिल से स्वेच्छा से बच्चों के हित के लिए पढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि सफल होने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। 10वीं एवं 12वीं के बच्चों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है। मानपुर, औंधी एवं छुईखदान जैसे दूरस्थ क्षेत्र के बच्चे इस कोचिंग से जुड़कर खूब लाभ लें।



कलेक्टर सिंह ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि राजनांदगांव शहर में ही उन्होंने लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए तैयारी की थी और यहां ग्रंथालय में लगातार बैठकर अध्ययन करते थे। उन्होंने कहा कि इस शहर से यादें जुड़ी हुई हैं। इस लिए बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल से कार्य करने का प्रयास रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नि:शुल्क कोचिंग में ही पीएससी, व्यापम, रेल्वे, बैंक जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी जानकारी देते रहें। उन्होंने कहा कि बच्चों को मार्गदर्शन देने के लिए उपाय किया गया है और रास्ता बनाया गया है ताकि वे मंजिल तक पहुंच सके। कलेक्टर ने इस दौरान डोंगरगढ़, खैरागढ़ एवं अन्य विकासखंड से इस कोचिंग के लिए जुड़े बच्चों से बात की।

एसडीएम अरूण वर्मा ने कहा कि शिक्षा के उन्नयन के लिए कलेक्टर के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है। शिक्षकों से यह आग्रह है कि बच्चों को जिम्मेदारी से पढ़ाते हुए इस कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान करें। जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा कि कलेक्टर सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों में कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। इसकी भरपाई करने के लिए अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रोजेक्टर, लेपटॉप, इंटरनेट कनेक्टीविटी एवं शिक्षकों की उपस्थिति के साथ कोचिंग प्रारंभ हो रहा है। जिससे लगभग 21 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। कठिन विषयों में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध होगी जो उनके लिए कारगर एवं लाभप्रद साबित होगी। जुलाई से ही पढ़ाई प्रारंभ की जा रही है। नई सोच एवं नई पहल के साथ आज से इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। शिक्षकों का सहयोग इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। डिप्टी कलेक्टर अमित श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों को नि:शुल्क तौर पर पढ़ाने के लिए की गई यह पहल उपयोगी साबित होगी।

अभी से पढ़ाई के लिए आधार बनाते हुए सभी बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर खेमलाल वर्मा, प्राचार्य श्रीमती आशा मेनन सहित शिक्षक एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन दीपक ठाकुर ने किया। इस अवसर पर सभी एसडीएम, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, बीआरसी, विकासखंड के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के बच्चे तथा सभी प्राचार्य अपनी संस्था के अध्यापन कक्ष, स्मार्ट क्लास के माध्यम से जुड़े।

छत्तीसगढ़ सरकार का शिक्षा में एक और नवाचार

No comments Document Thumbnail

रायपुर। स्कूली बच्चे अब आस-पास के स्कूल में उपलब्ध प्रयोगशाला, खेल के मैदान, जिम उपकरणों, पाठ्य सामग्रियों और खेल शिक्षकों के अनुभव का लाभ ले सकेंगे। इस संबंध में समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर शालाओं में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों का बच्चों के हित में अधिकतम एवं बेहतर उपयोग करने के लिए कहा है। सभी अधिकारियों को राज्य स्तरीय निरीक्षण से पहले शत-प्रतिशत शालाओं में इसे लागू करने कहा गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि शालाओं के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आ रही है 



कि शालाओं में उपलब्ध संसाधनों का अपेक्षित एवं प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है। शालाओं में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग न कर पाने की इस समस्या को दूर करने के लिए सभी शालाओं में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिले में विभिन्न शालाओं में कार्यरत पीटीआई की विशेषज्ञता का लाभ आसपास के शालाओं में भी लिया जा सके, इस हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं करें, जिससे विभिन्न खेलों का लाभ अधिकाधिक शालाओं में मिल सके। अटल टिंकरिंग शालाओं में उपलब्ध प्रयोगशालाओं का लाभ आसपास के स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी सुलभ करवाते हुए उन्हें विभिन्न प्रयोगों को करने एवं उपकरणों के अवलोकन का अवसर प्रदान करें।

कुशल स्रोत व्यक्तियों और कुशल शिक्षकों का चिह्नांकन कर अन्य शिक्षकों का क्षमता विकास करें। खेल का मैदान, जिम के उपकरण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं किसी एक शाला में होने की स्थिति में उसका लाभ आसपास की अन्य शालाओं के बच्चे ले सकें। शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि पाठ अनुसार ई-सामग्री की खोज इंटरनेट से करते हुए विषय अनुसार उपयोगी सामग्री को स्कूलों द्वारा आपस में पेन ड्राईव के माध्यम से साझा किया जा सकता है। ई-सामग्री को स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से बच्चों को सीखने में सहयोग देने हेतु उपयोग में लाया जा सकता है। स्थानीय भाषा के जानकार शिक्षक भी अपने भाषा संबंधी विशेषज्ञता का लाभ अपने अन्य साथी शिक्षक को दे सकते हैं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.