Media24Media.com: Sandeep Chandrakar murder case

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संदीप ने गुस्से में ललकारा तो मछुआरे परिवार ने मिलकर मौत के घाट उतारा !

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फिंगेश्वर। महासमुन्द के कद्दावर नेता अग्नि चंद्राकर का भतीजा और संभ्रांत परिवार के युवा संदीप चंद्राकर की सरेआम हत्या का राज जानने सभी आतुर हैं। "मीडिया24मीडिया" की टीम ने जमीनी हकीकत जानने मौका मुआयना, प्रत्यक्षदर्शियों से बात, विवेचना अधिकारी, आरोपियों से बातचीत के आधार पर इस हृदय विदारक घटना का राज जानने का प्रयास किया। 


निष्कर्ष यही है कि मृतक और आरोपियों के बीच रुपये के लेनदेन का पुराना विवाद था। संदीप ने आज गुस्से में तमतमाते हुए रुपये लेकर ही वहां से जाने की बात कहते हुए ललकारा। तब मछुआरे परिवार के चार लोगों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। जानिए प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी, संदीप चंद्राकर की हत्या की गमगीन कहानी-


लीज की राशि के हिसाब में गड़बड़ी 

रविवार 29 अगस्त की सुबह के 10 बजे थे। सोरिदखुर्द (फिंगेश्वर) का मूल निवासी संदीप मोतीलाल चंद्राकर फिंगेश्वर का मछली मार्केट पहुंचे। जहां नरहरि राजवंशी से रुपये के लेनदेन को लेकर हिसाब की बातें होने लगी। मृतक संदीप के परिजनों का अमेठी गांव में बड़ा तालाब है। जिसे मछली पालन करने नरहरि राजवंशी की टीम ने लीज पर लिया है। 

यह भी पढ़ें:- महासमुंद के पूर्व विधायक के भतीजे का सरेआम कत्ल, मछली बाजार में हुआ था विवाद

कथित तौर पर लीज की राशि करीब 5-6 लाख रुपये चुकाना बकाया है। संदीप आज वसूली करने पहुँचा और कथित तौर पर गाली गलौज करते हुए आज रुपये लेकर ही जाने पर अड़ गए। इधर, आरोपी यह दलील देते रहे कि वे किश्तों में रुपये चुका रहे हैं। इतनी बड़ी रकम बकाया नहीं है। बकाया राशि के हिसाब को लेकर दोनों पक्षों में ठन गई। 

नरहरि परिवार को नागवार गुजरा 

विवाद बढ़ता गया। घण्टेभर बहस हुई। इस बीच संदीप चंद्राकर भड़क गए। भला बुरा कहते हुए अश्लील गाली गलौज पर उतर आए। यह नरहरि परिवार को नागवार गुजरा। नरहरि ने अपने भाई, बेटे और भांजे को भड़काया। जिससे तीनों ने मिलकर इस कदर पिटाई कर दी कि घटना स्थल पर ही संदीप ढेर हो गया। इससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। पुलिस पहुँचकर संदीप को अस्पताल ले गई। और तीन आरोपियों नरहरि, उसके बेटे राहुल और भांजे हरिश्चंद्र को हिरासत में ले लिया। पुलिस के पहुचने से पहले ही चौथा आरोपी श्रीहरि राजवंशी फरार हो गया था। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। तीनों आरोपियों को भादवि की धारा 302, 294, 34 के तहत गिरफ्तार कर राजिम न्यायालय में पेश किया गया। जहाँ से तीनों को गरियाबंद जेल भेज दिया गया है। 

 गिरफ्तार आरोपी- 

  • नरहरी राजवंशी  पिता सुखदेव राजवंशी उम्र 41 वर्ष ।
  • राहुल राजवंशी पिता नरहरी राजवंशी उम्र 19 वर्ष। 
  • हरिशचंद्र दास पिता गौरांग दास उम्र 19 वर्ष । 
  • सभी निवासी पिपरौद कॉलोनी, थाना गोबरा नयापारा, जिला रायपुर छत्तीसगढ़। 

फरार आरोपी- 

  • श्रीहरि राजवंशी पिता सुखदेव राजवंशी

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