Media24Media.com: Janjgir-Champa News

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label Janjgir-Champa News. Show all posts
Showing posts with label Janjgir-Champa News. Show all posts

अब नहीं गिरते आंसुओं के बूंद, बहती है यहां पानी की धार

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चांपा : यह जिले के बलौदा विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम करमा और सक्ती विकास खंड अंतर्गत पुजेरीपाली गाँव है। भले ही इन दोनों गांव में रहने वाले परिवारों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन पानी को लेकर यहां की समस्या बहुत बड़ी है। गर्मी क्या आई ? कुएं, तालाब तो सूख ही जाते थे, गांव का हैंडपंप भी जलस्तर नीचे जाने से जवाब दे जाता था। इस गांव के लोगों ने ऐसे कई गर्मी के मौसम देखे हैं, जो उन्हें पानी के बूंद-बूंद के लिए मोहताज करते हुए उनकी आंखों से आंसुओं के बूंद गिराए हैं। अब जबकि गाँव में सोलर ड्यूल पम्प लग गया है तो यहां पीने के पानी के लिए गर्मी के दिनों में किसी भी ग्रामीणों को आंखों से आंसुओं की बूंद नहीं गिराना पड़ता। सोलर ड्यूल पंप से गाँव में लगे नल और घरों के कनेक्शन से उन्हें पानी की धार मिल जाती है। जिससे घरेलू कार्य आसान हो गए हैं।


बलौदा ब्लॉक के करमा और सक्ती ब्लॉक के ग्राम पुजेरीपाली में जल जीवन मिशन के माध्यम से सोलर ड्यूल पंप लगाया गया है। जल संकट वाले इस ग्राम में हर साल गर्मी के दिनों में पानी की समस्या विकराल हो जाती थी। करमा गाँव की महिला पटैतीन बाई ने बताया कि पास का तालाब और कुएं गर्मी आते ही सूख जाते हैं। जिससे सभी को पानी के लिए जूझना पड़ता है। जलस्तर नीचे चले जाने के बाद समस्या और भी बढ़ जाती थी। पुजेरीपाली गाँव की युवती हाजरीन बानों ने बताया कि पास का हैण्डपम्प से लगातार पानी निकालने से हैंडपंप भी बिगड़ जाते थे। गांव में सोलर पंप लगा है, जिससे गांव वालों को आसानी से पीने का पानी मिलने लगा है। 

उन्होंने बताया कि घरों में पेयजल के लिए सबसे ज्यादा महिलाओं को ही परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्हें ही दूर कहीं से पानी लाना पड़ता था। अब ऐसी समस्या दूर हो गई है। पुजेरीपाली गांव के शेख मोहम्मद का कहना है कि सोलर ड्यूल पंप लगाना बहुत अच्छी पहल है। इससे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। घरों में नल का कनेक्शन भी लगा है। पानी की सप्लाई से गांव वालों को राहत मिलने लगी है। सोलर ड्यूल पंप लग जाने से 24 घण्टे पानी की सुविधाएं मिल गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्रीृ भूपेश बघेल द्वारा हर घर पेयजल पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। कलेक्टर श्री जितेंद्र कुमार शुक्ला के निर्देशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जांजगीर-चाम्पा जिले में 478 ग्रामों में क्रेडा के सहयोग से सोलर ड्यूल पंप स्थापित कराकर घरों में नल कनेक्शन दिया गया है। जिले में कुल 581 सोलर ड्यूल पम्प स्वीकृत है।

जांजगीर-चांपा सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत, विवाद के बाद पत्नी को मायके छोड़ने जा रहा था पति

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां तेज रफ्तार वैन पेड़ से टकरा गई, जिसकी वजह से पति और पत्नी की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पति के शव को कार से बाहर निकलवा सकी। दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

पुलिस के मुताबिकशिवरीनारायण के लोहर्सी गांव में रहने वाले नरेश श्रीवास (उम्र 26) अपनी पत्नी पूनम श्रीवास (उम्र 24) को साथ लेकर वैन में अपने ससुराल पेंड्री जा रहा था। इसी बीच लोहर्सी से आगे धरदेई गांव के पहले मोड़ पर तेज रफ्तार वैन पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन आगे से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसकी वजह से पति-पत्नी दोनों उसी में फंस गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, हालांकि तब तक नरेश दम तोड़ चुका था। जबकि पूनम बुरी तरह से घायल थी। पुलिस ने पूनम को पामगढ़ अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टर्स ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। इस बीच नरेश का शव निकालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शव बुरी तरह से वैन में फंसा हुआ था। ग्रामीणों की मदद से पुलिस करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाल सकी।

दंपती के बीच हुआ था झगड़ा 

जानकारी के मुताबिक नरेश और पूनम की शादी को हुए सिर्फ 7 महीने ही हुआ था, लेकिन पूनम और नरेश के बीच आपसी मनमुटाव चल रहा था। इसकी वजह से दोनों में विवाद हुआ था। इसके बाद गुस्से में नरेश उसको मायके छोड़ने जा रहा था। इसी बीच ये हादसा हो गया। आशंका जताई जा रही है कि वैन की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण वो अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।

मौत के मामले में 11वें नंबर पर छत्तीसगढ़

इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

दिन-ब-दिन बढ़ रहा सड़क हादसों का ग्राफ

इन 3 हजार 200 में से करीब 2450 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। इसके कारण प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रह है, इसके कारण सड़क हादसों में जान गवांने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे ज्यादा हादसे राजधानी रायपुर में हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर हर महीने 4 से 5 लोगों की मौत होती है। ऐसा नहीं है कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है।

लोगों की लापरवाही बन रही हादसों का कारण

बता दें कि सड़क हादसों और इन हादसों में घायल लोगों को जल्द इलाज मुहैया करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने हर जिले के पुलिस को पेट्रोलिंग वाहन सौंपा है. साथ ही सड़क हादसों को कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाएं जा रहे है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते है, बल्कि पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते है। वहीं लोग हर काम जल्दी करना चाहते है, कई बार लोगों की यहीं जल्दबाजी सड़क हादसों का कारण बनता है।

इन कारणों की वजह से हो रहा सबसे ज्यादा हादसा

  • शराब पीकर वाहन चलाने के कारण।
  • गलत साइड में ड्राइविंग करने के कारण।
  • बिना हेलमेट वाहन पहने गाड़ी चलाने के कारण।
  • मोबाइल फोन का उपयोग करते-करते ड्राइविंग करने के कारण।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे कारणों के कारण सबसे ज्यादा दुर्घटना और मौत हो रही है।

साल दर साल बढ़ रहा आंकड़ा

बीते तीन साल के सड़क हादसों के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तैयार की हैं। वहीं साल 2016 से अगस्त 2020 तक के मौतों के आंकड़ों को देखा जाए तो हर साल सड़क हादसों होने वाले मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं। बता दें कि कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अनलॉक के बाद प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार तेजी आई है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में बीते साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी सितंबर में हुई है।

इन जिलों में आई मृत्यु दर में कमी

आंकड़ों के मुताबिक रायपुर, गरियाबंद, मुंगेली, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है,जबकि बाकी जिलों में मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेशभर के सड़क हादसों के रिपोर्ट के मुताबिक 67% दोपहिया वाहन सवारों की मौत हुई है। दोपहिया वाहन सवार 2359 लोग हादसे के शिकार हुए, जिनमें 2361 की मौत हो गई। इनमें से 2257 की मौत हेलमेट नहीं पहनने से हुई है। इस साल दस महीने में 9097 सड़क हादसे हुए हैं । इसमें 3543 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 8388 लोग घायल हुए हैं।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं।

जांजगीर-चांपा के कई वार्डों सहित नारायणपुर का बंगलापारा वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट घोषित

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चांपा कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति पाए जाने पर नगर पंचायत जैजैपुर के वार्ड क्रमांक- 3, तहसील बंहनीडीह के पोड़ीशंकर के वार्ड क्रमांक- 15 और तहसील बलौदा के ग्राम खारी के वार्ड क्रमांक -09 के पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।  जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कंटेनमेंट  जोन में अति आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति सहित अपरिहार्य, स्वास्थगत आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर कंटेनमेंट जोन में आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 




कंटेनमेंट जोन के निवासी बिना अनुमति के अपने घरों से बाहर किसी भी परिस्थिति में नहीं निकलेंगे। चिन्हांकित क्षेत्र में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद रहेंगे। वाहनों के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अति आवश्यक होने पर अलग से आदेश प्रसारित किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित SDM को दी गई है। 


 PWD के कार्यपालन अभियंता को सौंपा गया दायित्व 


स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य निगरानी, सैंपल की जांच की व्यवस्था की जाएगी। कानून-व्यवस्था, कंटेनमेंट जोन को सील करने और गश्त करने के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षकऔर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सिर्फ एक प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था के लिए PWD के कार्यपालन अभियंता को दायित्व सौंपा गया है।

     

सेक्स रैकेट: गेस्ट हाउस और स्पा में चल रहा था देह व्यापार का धंधा, 7 युवती और 12 युवक गिरफ्तार



स्वास्थ्य विभाग के SOP के मुताबिक PPE कीट, मास्क उपलब्ध करवाने, घरों का एक्टिव सर्विलांस, मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सैनिटाइज के लिए नगर पंचायत जैजैपुर, जनपद पंचायत बम्हनीडीह और जनपद पंचायत बलौदा  के सीएमओ को दायित्व सौंपा गया है।


 बंगलापारा वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट घोषित


नारायणपुर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार कोशिश की जा रही है, जिसके तहत जिले के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसमें बंगलापारा वार्ड में 1 व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण से फैलाव को देखते हुए बंगलापारा के पूर्व दिशा दिनेश नेताम के घर तक, पश्चिम दिशा मेनोनाइट चर्च के किनारे वाली दिवाल तक, उत्तर दिशा सहकारी लेंपस से शांति नगर जाने वाली सड़क तक दक्षिण दिशा पक्की सड़क तक तक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। 


घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित


इन चिन्हांकित क्षेत्र अंतर्गत सभी दुकानें, हाट-बाजार और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। इसके साथ ही घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। सभी प्रकार के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप व्यवस्था के लिए पुलिस, पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार आवश्यक सर्विलांस,कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग और सैंपल जांच की कार्रवाई की जाएगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.