Media24Media.com: Group Captain Varun Singh passes away

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हेलीकॉप्टर हादसे में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का निधन, PM मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ ने दी श्रद्धांजलि

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CDS जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश में एक मात्र जिंदा बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का बेंगलुरू स्थित कमांड हॉस्पिटल में निधन हो गया है। बीते एक हफ्ते से ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे, जिन्होंने आज इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। PM नरेंद्र मोदी ने उनकी मौत पर दुख व्यक्त किया है।  वायुसेना ने ट्वीट कर बताया कि 'बहादुर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की सूचना देते हुए गहरा दुख है, जिनकी आज सुबह हेलीकॉप्टर दुर्घटना में घायल होने के कारण मौत हो गई। भारतीय वायुसेना गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती है और शोक-संत्पत परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।' 

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को M17V5 हेलीकॉप्टर क्रैश में गंभीर चोटें आई थी। उनकी हालत गंभीर थी। शुरूआत में उन्हें वेलिंगटन के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, लेकिन अगले ही दिन उन्हें बेंगलुरू में वायुसेना के कमांड हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया था। उसके बाद से ही उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। 

PM मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने गर्व, बहादुरी और अत्यधिक प्रोफेशनलिज्म के साथ देश की सेवा की। उनके निधन से बेहद आहत हूं। राष्ट्र के लिए उनकी समृद्ध सेवा को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उनके परिवार और मित्रों के लिए संवेदनाएं। ऊँ शांति। 

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि 'एयरफोर्स के पायलट ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह एक सच्चे योद्धा थे, जो अंतिम सांस तक लड़ते रहे। मेरी गहरी संवदेनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। दुख की इस घड़ी में हम परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।'  गृह मंत्री अमित शाह ने भी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन के बारे में सुनकर दुखी हूं। वह कुन्नूर हादसे के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को शक्ति प्रदान करे। मेरी संवेदनाएं। 

कैप्टन वरुण सिंह वायुसेना में साल 2004 में शामिल हुए थे। वे एक फाइटर पायलट थे और स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलसीए तेजस उड़ाते थे। बीते साल यानी अक्टूबर 2020 में एलसीए तेजस फाइटर जेट में मिड-एयर आई खराबी के बावजूद उन्होनें विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार दिया था। हालांकि एटीसी ने उन्हें तेजस से इजिक्ट करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होनें विमान नहीं छोड़ा और विमान समेत सकुशल उतर आए।

पीयूष गोयल ने भी जताया दुख

उनकी इस सूझबूझ और बहादुरी के लिए उन्हें इसी साल स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य चक्र से नवाजा गया था। फिलहाल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह तमिलनाडु के वेलिंगटन में डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में फैकलटी के तौर पर तैनात थे। हादसे के दिन वे CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत बाकी सैनिकों को लेने के लिए सुलूर एयरबेस पर गए थे। क्योंकि CDS को 8 दिसंबर को स्टॉफ कॉलेज में लेक्चर देना था, लेकिन सुलूर एयरबेस से जिस M17V5 हेलीकॉप्टर से CDS और ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह समेत सभी 14 लोगों ने वेलिंगटन के लिए उड़ान भरी थी, वो रास्ते में ही दुर्घटना का शिकार हो गया था।

CDS समेत 12 लोगों की हो गई थी मौत

CDS समेत बाकी 12 लोगों की उसी दिन मौत हो गई थी, लेकिन ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह गंभीर चोट आने के बावजूद बच गए थे, जिनकी भी अस्पताल में मौत हो गई। उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नितिन गडकरी ने संवेदना जताई है। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह साल 2019 में इसरो के गगनयान कार्यक्रम के लिए भी चुने गए थे, लेकिन लास्ट स्टेज में मेडिकल कारणों से शामिल नहीं हो पाए थे।  

छात्रों के लिए लिखा था पत्र

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने इसी साल सितंबर के महीने में चंडीमंदिर (चंडीगढ़) स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को एक लैटर लिखा था। ये लैटर उन्होनें शौर्य चक्र मिलने के बाद लिखा था। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी इसी स्कूल के पढ़े हुए थे। क्योंकि उनके पिता सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से रिटायर हुए थे। इस लेटर में उन्होनें छात्र-छात्राओं को लिखा था कि मिडयोकर छात्र होना भी ठीक है।

नितिन गडकरी ने जताया दुख

कैप्टन ने लिखा था कि स्कूल के समय में वे खुद बहुत होनहार छात्र नहीं थे, लेकिन उन्होनें अपने पायलट बनने का सपना नहीं छोड़ा था। यही वजह थी कि वे वायुसेना में पायलट बने थे। उन्होनें छात्रों को लिखा था कि वे चाहे किसी भी क्षेत्र में जाना चाहें फिर वो आर्ट हो या डांस हो या साहित्य, ग्राफिक डिजाइन हो उसमें बहुत लगन के साथ काम करें, लेकिन उसके लिए मेहनत और समय लगता है। उन्होनें लिखा था कि अगर एक भी छात्र उनसे प्रेरित होता है तो उनका इस लेटर को लिखने का मकसद सफल हो जाएगा।

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