Media24Media.com: Establishment of Science Park

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विज्ञान की समझ आसान बनाने के लिए की गई विज्ञान पार्क की स्थापना

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विज्ञान को रूचिकर और आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के द्वारा विद्यालयीन छात्रों के लिए विद्यालय परिसर में विज्ञान पार्क की स्थापना की गई है। इस पार्क के माध्यम से खेल-खेल में विद्यार्थी विज्ञान के विभिन्न आयामों को समझ पाएंगे। प्रदेश में इस तरह के कुल 12 पार्क स्थापित किए गए हैं। जिला दुर्ग में एक विज्ञान पार्क की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। राज्य के सभी जिलों में परिषद के द्वारा विज्ञान पार्क की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। 

छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की वैज्ञानिक जेके राय ने बताया कि छत्तीसगढ़ विज्ञान और परिषद के विज्ञान लोकव्यापीकरण योजना के अंतर्गत राज्य में विज्ञान के व्यापक प्रचार-प्रसार और विद्यालयीन छात्र-छात्राओं में खेल-खेल में विज्ञान प्रादर्शो के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को सीखने और समझने के लिए विज्ञान पार्कों की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में दैनिक जीवन में उपयोगी वैज्ञानिक तथ्यों की समझ और दृष्टिकोण, विश्लेषणात्मक सोच-रचनात्मक प्रतिभा विकसित होगी। विज्ञान पार्क की स्थापना बीएम बिरला साइस सेंटर, बिरला आर्कियोलॉजिकल और कल्चरल रिसर्च इन्स्टीट्यूट प्रभाग, हैदराबाद के माध्यम से उनके मापदंड के अनुरूप की गई है। 

पार्क की स्थापना संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हित विद्यालयों के परिसर में की जा रही है। इन साईंस पार्कों में विद्यालयीन विज्ञान पाठ्यक्रम के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित चलित प्रादर्श स्थापित किए गए है। जिसमें गुरूत्व केन्द्र सिद्धांत को प्रदर्शित करने के लिए एन्टी ग्रेविटी कोण, पुली के सिद्धांत के लिए लिफ्ट यूवरसेल्फ  और पुल्ली एण्ड बेल्टस, जड़त्वाघूर्ण के सिद्धांत के लिए रैस द रोलर, पेनडुलम के सिद्धांत पर पेनडुलम पैर्टनस, न्यूटन के सिद्धांत पर न्यूटन क्रेडल, ध्वनि तरंग के सिद्धांत के लिए जाइलोफोन, कोणीय संवेग को प्रदर्शित करने के लिए ब्लैक होल, 2 डी  और 3 डी सिद्धांत के लिए स्प्लीट पर्सनलिटी, पाइथोगोरस सिद्धांत के लिए पाइथोगोरस मॉडल, दाब के सिद्धांत के लिए आर्कमिडिज स्क्रू, स्थितिज ऊर्जा से गतिज ऊर्जा परिवर्तन के लिए रोलर कोस्टर  और एक्रोवेटिल बॉल, डिस्ट्राटेड इमेज के लिए फन मिरर  और कोविड-19 के लिए कोरोना वायरस प्रदर्शन बोर्ड आदि प्रादर्श स्थापित है।

इन सिद्धांतों को आसानी से समझ पा रहे छात्र

इन प्रादर्शों के माध्यम से विद्यार्थी पाठ्यक्रम में सम्मिलित विज्ञान के सिद्धांतों को आसानी से समझ पा रहे हैं। साथ ही शिक्षकों को भी इन सिद्धांतों को विद्यार्थियों को समझाने में आसानी हो रही हैं। इन विज्ञान पार्को के माध्यम से संबंधित विद्यालय और आस-पास के अन्य विद्यालय के छात्र-छात्राएं के अलावा नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं भी निरंतर लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य में कुल 12 साईंस पार्क स्थापित किए गए हैं। जिसमें रायपुर में 02, दुर्ग, नारायणपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, रायगढ़, महासमुंद, कोंडागांव  और बिलासपुर के एक-एक साईंस पार्क स्थापित है। अभी हाल ही में जिला-दुर्ग के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाउवारा, में साईंस पार्क की स्थापना की गई है। वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मर्रा, जिला-दुर्ग में आउटडोर-इंनडोर विज्ञान पार्क की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

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