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हाफ बिजली बिल योजना : 40 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिली 2145 करोड़ रुपए की छूट

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छत्तीसगढ़ सरकार की हाफ बिजली बिल योजना प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस योजना को लागू कर ना सिर्फ महंगाई के दौर में लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई है, बल्कि जनता से किया गया एक बड़ा वायदा भी पूरा किया है। छत्तीसगढ़ के हर गांव, हर शहर में लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। पहले 1 माह का जो बिजली बिल 1000 से 1200 रुपए तक आता था, वह बिल अब उतनी ही बिजली की खपत के लिए 500 से 600 रुपए तक आ रहा है। इससे लोगों के बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आई और वे बचत राशि का उपयोग अपनी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा 1 मार्च 2019 से लागू की गई हाफ बिजली बिल योजना में बिजली उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की बिजली की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट मिल रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी है कि बिजली उपभोक्ताओं का कोई भी बिल लंबित ना हो, उन्होंने अपने पुराने बिजली बिल चुका दिए हों। हाफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 40 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिल में 2145 करोड़ रुपए की बड़ी छूट मिली है। सस्ती बिजली से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के घर का बजट सुधरा है। इस योजना के माध्यम से जहां घरेलू बचत को प्रोत्साहन मिला है।

वहीं ये भी सुनिश्चित हुआ है कि लोग अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान करें। बिल की राशि जमा नहीं करने वाले योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। योजना के क्रियान्वयन के लिए घरों में मीटर रीडिंग कर उपभोक्ताओं को बिजली बिल देने में उपयोग में लाई जा रही स्पॉट बिलिंग मशीन के सॉफ्टवेयर को हाफ बिजली बिल योजना के मुताबिक अपडेट किया गया है। मशीन 400 यूनिट तक बिजली की हर खपत के लिए स्वचालित रूप से 50 प्रतिशत छूट के साथ बिजली बिल जनरेट करती है। राज्य सरकार द्वारा हाफ बिजली बिल योजना के अलावा एकल बत्ती कनेक्शन योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को हर माह 30 यूनिट बिजली निशुल्क दी जा रही है। 

लगभग 18 लाख बिजली उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। बीते 3 सालों में प्रदेश में 2 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता बढ़े हैं। घरेलू बिजली उपभोक्ता इस योजना को लागू करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं। महासमुंद केनअनिल चौधरी इस योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री बघेल को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि पहले जो बिजली बिल 1000 से 1200 रुपए आता था, वह सिमट कर 500 से 700 रूपए रह गया है। 

राकेश साहू ने सरकार को दिया धन्यवाद

महासमुंद के ही बिजली उपभोक्ता चमन चंद्राकर बताते हैं कि उन्हें बिजली बिल हाफ योजना का लाभ मिल रहा है, इससे उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिली है। रायपुर की सीनू योजना के लिए सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहती हैं कि योजना से मिली छूट से राहत मिली है। रायपुर के राकेश साहू भी राज्य सरकार को धन्यवाद देते नहीं थकते।

बिजली बिल हॉफ योजना ने रौशन कर दी लाखों जिंदगियां

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रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की हाफ बिजली बिल योजना (Electricity bill half) से प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के चेहरे पर खुशहाली देखी जा सकती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 38 लाख 42 हजार 50 उपभोक्ताओं को छत्तीसगढ़ शासन (Government of Chhattisgarh) द्वारा 1336 करोड़ की घरेलू सब्सिडी दी गई है, या यह कह सकते है कि सीधे-सीधे लोगों की जेब में 1336 करोड़ रूपए की बचत हुई है।





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गौरतलब है कि देश के बिजली हब छत्तीसगढ़ में किसानों, गरीब परिवारों को रियायती दरों पर बिजली आपूर्ति की अनेक योजनाएं संचालित की जाती रही हैं, पहली बार हाफ बिजली बिल योजना में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक के बिल में आधे बिल की राशि में छूट दी गयी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2019 से प्रारंभ की गई  हाफ बिजली बिल योजना में घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 400 यूनिट तक की बिजली खपत पर प्रभावशील टैरिफ पर 50 प्रतिशत की छूट की पात्रता है।





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इस छूट (Electricity bill half) के समतुल्य राशि राज्य शासन द्वारा विद्युत वितरण कंपनी को अनुदान के रूप में दी जाती है। माह सितंबर 2020 की स्थिति में कुल 38 लाख 42 हजार 50 उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। मार्च 2019 से अब तक छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1336 करोड़ की घरेलू सब्सिडी घरेलू उपभोक्ताओं को दी गई है





निम्न और मध्यम आय वर्ग के अनेक ऐसे परिवार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं में शामिल हैं, जिनके लिए बिजली बिल पटाना महंगाई के दौर में काफी मुश्किल होता था। रियायती दरों पर बिजली आपूर्ति की सुविधा इस वर्ग के लिए दूर की कौड़ी जैसा था, इसके विपरीत कुछ वर्षों के अंतराल में बिजली शुल्क में वृद्धि के कारण इस वर्ग के लोगों को अपने घरों के बिजली का बढ़ा हुआ बिल पटाना पड़ता था। इस बढ़ने वाले अति आर्थिक बोझ को पूरा करने के लिए उन्हें अपने अन्य जरुरी खर्चों में मजबूरन कटौती करनी पड़ती थी।





‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति अमल





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में दिसंबर 2018 में गठित नई सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के इस वर्ग की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ महसूस किया और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति पर अमल करते हुए राज्य के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए 01 मार्च 2019 से ‘हाफ बिजली बिल योजना’ लागू की और अपना एक बड़ा वादा पूरा किया। ‘हाफ बिजली बिल योजना’





प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए अप्रत्याशित और सुखद बदलाव की योजना साबित हो रही है। प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं ने कभी ऐसी योजना की कल्पना भी नहीं की थी। योजना ने इस वर्ग के लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। उनके घरों का हजार रुपए का बिजली बिल कुछ सैकड़ों में सिमट गया। अब इन उपभोक्ताओं के लिए अपने घर का बिजली बिल पटाने में होने वाला खर्च आधा हो गया है, बचत राशि का उपयोग अब वे अन्य कार्यों में कर सकेंगे।





विद्युत की दरों के आधार पर आधे बिल की राशि की छूट





हाफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशील विद्युत की दरों के आधार पर आधे बिल की राशि की छूट दी जा रही है। इससे पहले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 4.50 रूपये देने पड़ते थे, वर्तमान में 400 यूनिट बिजली खपत पर प्रति यूनिट 2.30 रूपये देने होंगे।





इस योजना का लाभ राज्य के सभी बी.पी.एल. और अन्य घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिल रहा है। हाफ बिजली बिल  योजना के प्रारंभ से माह सितम्बर 2020 तक राज्य के लगभग 38 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 1336 करोड़ 19 लाख रुपए की रियायत दी गई है। इस योजना के लागू होने से प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं का विद्युत देयक आधा हो गया है, जिसके कारण निम्न एवं मध्यम वर्ग के उपभोक्ता बचत की राशि से अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हुए हैं।


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