Media24Media.com: DRDO

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label DRDO. Show all posts
Showing posts with label DRDO. Show all posts

DRDO ने सुखोई-30 एमके-आई प्लेटफॉर्म से लंबी दूरी के ग्लाइड बम ‘गौरव’ का किया सफल परीक्षण

No comments Document Thumbnail

 DRDO ने ओडिशा के तट पर भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम (एलआरजीबी) गौरव का पहला परीक्षण किया है। उड़ान के दौरान ग्लाइड बम ने लॉन्ग व्हीलर द्वीप पर स्थापित लक्ष्य को बिल्कुल सटीकता से मारकर अपनी प्रमाणिकता साबित की।


एलआरजीबी ‘गौरव’ क्या है
डीआरडीओ के मुताबिक मंगलवार शाम को ओडिशा के तट से लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम ‘गौरव’ का पहला उड़ान परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। एलआरजीबी गौरव हवा से प्रक्षेपित 1,000 किलोग्राम वर्ग का ग्लाइड बम है, जो लंबी दूरी पर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। प्रक्षेपित होने के बाद ग्लाइड बम आईएनएस और जीपीएस डेटा के संयोजन के साथ अत्यधिक सटीक हाइब्रिड नेविगेशन योजना का उपयोग करके लक्ष्य की ओर बढ़ता है। गौरव को हैदराबाद के रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया है।

लक्ष्य पर लगाया सटीक निशाना
उड़ान परीक्षण के दौरान ग्लाइड बम ने लॉन्ग व्हीलर द्वीप पर स्थापित लक्ष्य को सटीक निशाना बनाया। परीक्षण प्रक्षेपण के दौरान संपूर्ण उड़ान डेटा को समुद्र तट के किनारे एकीकृत परीक्षण रेंज में तैनात टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए कैप्चर किया गया। उड़ान की निगरानी डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने की। डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन साझेदार अडाणी डिफेंस और भारत फोर्ज ने भी उड़ान परीक्षण के दौरान भाग लिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना को बधाई दी। उन्होंने इसे सशस्त्र बलों की क्षमता को और मजबूत करने के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के देश के प्रयास में एक प्रमुख मील का पत्थर बताया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने एलआरजीबी के सफल उड़ान परीक्षण के लिए पूरी डीआरडीओ टीम को बधाई दी।

DRDO ने खतरनाक परमाणु मिसाइल का परीक्षण, एक साथ कई टारगेट को बना सकती है निशाना

No comments Document Thumbnail

 Agni-Prime Missile : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि प्राइम का सफल परीक्षण किया। मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि मिसाइल का परीक्षण अपने उद्देश्यों में सफल रहा।


मंत्रालय के अनुसार मिसाइल के तीन सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद यह पहला प्री-इंडक्शन नाइट लॉन्च था, जो सिस्टम की सटीकता और विश्वसनीयता की पुष्टि करता है। अफसरों ने कहा कि यह परीक्षण 7 जून की रात में किया गया।

रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे रेंज इंस्ट्रूमेंटेशन को दो डाउन-रेंज जहाजों सहित विभिन्न स्थानों पर टर्मिनल बिंदु पर तैनात किया गया था, ताकि उड़ान डेटा को कैप्चर किया जा सके।

DRDO और सामरिक बल कमान के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस परीक्षण को देखा। रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह ने इस परीक्षण के लिए डीआरडीओ और सशस्त्र बलों को बधाई दी। रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने डीआरडीओ प्रयोगशालाओं की टीमों और परीक्षण में शामिल होने वालों की सराहना की।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.