Media24Media.com: 800 किलो गोबर चोरी

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अजब-गजब: कोरबा से 800 किलो गोबर चोरी, केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव से गोबर चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि आठ-नौ जून की मध्यरात्रि में दिपका पुलिस थाना क्षेत्र के धुरेना गांव से 800 किलो गाय का गोबर चोरी हो गया, जिसकी कीमत 1600 रुपये है। दिपका थाना प्रभारी हरीश तांडेकर ने कहा कि ग्राम गौथन समिति के अध्यक्ष कमहान सिंह कंवर ने 15 जून को इस बाबत औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।





भूपेश सरकार को बड़ी उपलब्धि : गोधन न्याय योजना को मिला स्कॉच गोल्ड अवार्ड





शिकायतकर्ता कंवर ने कहा कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने कृमि खाद के उत्पादन के लिए गौधन न्याय योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत गाय का गोबर दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाता है। बताया जा रहा है कि इस इस गोबर का दाम 1600 रुपये है। धारा 379 के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें कि पिछले साल कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड के एक गांव में दो किसानों का करीब 100 किलो गोबर चोरों ने उठा लिया।





गोबर की खाद का भरपूर इस्तेमाल





गोबर का इस्तेमाल खाद के तौर पर किया जाता है। रासायनिक खाद से बहतर गोबर की खाद मानी जाती है। गोबर की खाद से जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। किसान गोबर को करीब छह महीने तक एक जगह इकट्ठा करते हैं। जानकारी के मुताबिक गोबर को खाद बनने में करीब छह महीने लगते हैं। इसके साथ ही ऑर्गेनिक फार्मिंग में भी गोबर की खाद का भरपूर इस्तेमाल होता है।





क्या है गोधन न्याय योजना?





'गोधन न्याय योजना' छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को लाभ पहुंचाने की प्रदेश सरकार की एक नई योजना है। इस योजना के तहत किसानों और पशुपालकों से 2 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है, जिसके जरिए गौठानों में बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे। इससे गांव के लोगों को रोजगार और आर्थिक लाभ मिल रहा है। यह योजना 20 जुलाई 2020 से शुरू हुई है। अब तक 70 हजार से ज्यादा भूमिहीन लोगों को योजना का फायदा मिला है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाई जा रही है। वर्मी कम्पोस्ट खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।





गोधन न्याय योजना से जैविक खेती को बढ़ावा





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मानना है कि गोधन न्याय योजना से प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, फसलों की चराई पर रोक लगेगी, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ ग्रामीणों को आमदनी का अच्छा जरिया मिलेगा।


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