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किसान हितैषी योजनाओं से खुशहाल हैं, छत्तीसगढ़ के अन्नदाता: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज महासमुंद विधानसभा के शेर गांव भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आमजन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार लोगों के विश्वास के साथ आई है, हमने शपथ लेते ही पहले फ़ैसले में किसानों का ऋण माफ़ किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने हमें 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी, जिसे हमने 10 घंटे के अंदर ही पूर्ण किया। लोगों का विश्वास हमारे साथ है, जिसका परिणाम है कि विधानसभा में हमारी संख्या 71 है।



तक छत्तीसगढ़ में 3 चौथाई बहुमत वाली सरकार नहीं बनी है। 17 दिसम्बर को हमारी सरकार के 4 साल पूरे हो रहे हैं। कोरोना काल में 2 साल बीत गया लेकिन हमारा हौसला कमजोर नहीं हुआ। किसानों के हित में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। हमने किसानों को कृषि उपजों का सर्वाधिक मूल्य दिया। प्रदेश में तिलहन, दलहन और कोदो-कुटकी की भी ख़रीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। किसानों को सभी न्याय योजनाओं की किश्त समय पर मिल रही है, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त 31 मार्च से पहले उनके खाते में अंतरित कर दी जाएगी। राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से हमारे अन्नदाता खुशहाल है।



मुख्यमंत्री ने किसानों से पैरादान की अपील करते हुए जिले के लोगों को बढ़-चढ़कर इस अभियान में हिस्सा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पैरा जलाने से जमीन की उर्वरता समाप्त हो रही है और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे पूरी दुनिया परेशान है। बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन हो रहा है, इसलिए पैरा नहीं जलाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैरा मवेशियों के काम आएगा, जिससे गौ माता और धरती माता की सेवा होगी। मुख्यमंत्री बघेल से बात करते हुए किसान विजय चंद्राकर ने बताया कि उनकी 30 एकड़ जमीन है। कर्ज माफी के दौरान उनका लगभग ढाई लाख रुपए का कर्जा माफ हुआ है और बचे हुए पैसों से खेत को विकसित किया है। अब उद्यानिकी फसलों की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। ग्रामीण चैन सिंह ने बड़े रोचक अंदाज में चर्चा करते हुए बताया कि राज्य शासन की कल्याणकारी योजनों से किसानों के जीवन में सुधार आया। मुख्यमंत्री ने श्री चैन सिंह को हेलीकॉप्टर में सपत्नी घुमाने के लिए आमंत्रित भी किया।

बिरकोनी से आई श्रीमती बिमला साहू ने बताया कि उनके घर में 7 सदस्य हैं, उन्हें 35 किलो चावल और नमक निःशुल्क मिलता है। शक्कर एक किलो 17 रूपए में लेते हैं। लेकिन मिट्टी तेल 105 रूपये प्रति लीटर की दर से मिलता है, जो बहुत महंगा है और गैस सिलेंडर महंगा होने के कारण उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि मिट्टी तेल और गैस सिलेंडर की कीमत केंद्र सरकार तय करती है। श्रीमती पुष्पा पाठक ने बताया कि उनका समूह वर्मी कम्पोस्ट बनाता है। समूह के द्वारा अब तक एक लाख 80 हजार रूपए का केंचुआ खाद बेचा जा चुका है और समूह के सदस्यों द्वारा केचुआ का भी विक्रय किया जा रहा है। उससे हुई बचत से उन्होंने गाड़ी भी खरीदी है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए समूह के लिए शेड देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री से बात करते हुए गोधन न्याय योजना की लाभान्वित हितग्राही मंजू यादव ने बताया कि मेरे यहां 60-70 गाये हैं एक क्विंटल दूध होता है, 6 लाख का गोबर बेचा है। योजना का लगातार लाभ मिल रहा है। इससे हुई आय से बाइक और गहने भी खरीदी हैं।

शेर ग्राम की निवासी सीताबाई ने बताया कि इतवार के दिन हाट-बाजार में मोबाइल क्लीनिक की गाड़ी आती है, इलाज निःशुल्क मिलता है। गोप कुमार टंडेकर ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की 3 किश्ते मिल गई है। उनका एक बच्चा बीएससी और एक बीएड की पढ़ाई कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बच्चों की निर्बाध पढ़ाई के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की। राकेश चन्द्राकर द्वारा बंदोबस्त त्रुटि सुधार की बात कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तीन महीने में कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की जानकारी पूछे जाने पर ग्राम केसवा की श्रीमती उमा यादव ने बताया कि उनके बच्चे का वजन पहले ढाई किलो था लेकिन योजना के तहत गरम और पौष्टिक भोजन मिलने से अब वजन 11 किलो है और स्वस्थ है। किसान विजय चंद्राकर ने बताया कि उनके पास 30 एकड़ जमीन है और उनका ऋण माफी योजना के तहत लगभग ढाई लाख रुपये का कर्ज माफ हुआ। उन्होंने कृषि से हुई आय से अपने खेतों को विकसित किया और अब वे उद्यानिकी फसल की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने 2 एकड़ जमीन भी ख़रीदा साथ ही पत्नी के लिए ऐंठी और पायल भी लिया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा महासमुंद विधानसभा के ग्राम शेर में आयोजित भेंट-मुलाकात में की गई घोषणाएं:-

मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम शेर में क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। जिनमें ग्राम शेर में विद्युत उप केन्द्र की स्थापना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, हायर सेकेंडरी स्कूल के लिये भवन का निर्माण, महासमुंद में अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की स्थापना, महासमुंद में स्वामी आत्मानंद स्कूल जाने हेतु रोड़ निर्माण, महासमुंद में एथलेटिक और फुटबाल ग्राउण्ड का निर्माण और जामली से सिरगिडी तक डामरीकरण (3 कि.मी) सड़क निर्माण शामिल हैं।

हौसले, हिम्मत और हुनर से आगे बढ़ रहे दिव्यांग

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रायपुर। हौसला, हिम्मत और हुनर हो तो शारीरिक अक्षमता आगे बढ़ने में कहीं बाधक नहीं बनती। यह साबित किया है जशपुर जिले के दिव्यांग नौ-जवानों ने। अपने हुनर से इन दिव्यांगों ने न सिर्फ अपनी शारीरिक कमी को पीछे छोड़ा बल्कि समाज मंें अपना सम्मानजनक स्थान भी बनाया है। ये दिव्यांग एलईडी बल्ब बनाने के साथ आकर्षक बैग और सजावटी समान भी तैयार कर रहे हैं। दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जिला कौशल विकास प्राधिकरण के माध्यम से उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें विभिन्न कलाओं में निपुण किया जा रहा है। 



जिससे वे विभिन्न उत्पादों का निर्माण कर आय अर्जित कर रहे हैं। दिव्यांग हितग्राहियों द्वारा मोतियों का आकर्षक बैग, ब्रेसलेट एवं घर के लिए आवश्यक साज-सज्जा के सामान तैयार किए जा रहे हैं। दिव्यांग समूह द्वारा पहले एलईडी बल्ब, इमरजेंसी लाइट, साउंड बॉक्स, टी बल्ब निर्माण का प्रशिक्षण लेकर निर्माण शुरू किया गया। जिसके विक्रय से उन्हें अच्छी आमदनी हुई। इस साल के शुरूआत तक उन्होंने डेढ़ लाख रूपए तक का लाभ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री से प्राप्त किया था। अब उनकी आमदनी को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से इन्हें अन्य उत्पाद तैयार करने हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डिसेबल्ड समूह में कुल 10 सदस्य है।

इनके दो सदस्यों राजेश लकड़ा एवं कुलदीप मिंज को दुर्ग में आकर्षक बैग एवं घरेलू सजावटी उत्पाद का निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। कौशल विकास प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षित दिव्यांग हितग्राहियों द्वारा डिसेबल्ड समूह के अन्य सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे सभी निपुण होकर अधिक मात्रा में आकर्षक बैंग, ब्रेसलेट आदि का निर्माण कर सकेंगे। इसके विक्रय से दिव्यांगजन की आमदनी में वृद्धि होगी और उनकी स्थिति में निश्चित रूप से सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि आगामी क्रिसमस एवं नव वर्ष के अवसर पर दिव्यांगों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे।

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