Media24Media.com: हस्तशिल्प

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छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष शालिनी राजपूत आज करेंगी पदभार ग्रहण

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ज 3 जून 2025 को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

इस गरिमामय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्यमंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, भोजराज नाग, विधायक किरण सिंह देव, राजेश मूणत, विक्रम उसेण्डी, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, आशाराम नेताम एवं महापौर, नगर निगम रायपुर श्रीमती मीनल चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।


संवरेंगे बिगड़े बांस के वन : चार वर्षों में 01 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में बिगड़े बांस वनों का सुधार

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रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश में चार वर्षों के दौरान 01 लाख 9 हजार हेक्टेयर रकबा में सुधार का कार्य किया गया है।


बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश के बसोड़ों, पानबरेजा परिवारों एवं बांस का काम करने वाले हस्तशिल्प कारीगरों को अधिक मात्रा में अच्छा बांस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में बिगड़े बांस वनों का सुधार तथा बांस रोपण का कार्य कराया जाता है। इसके तहत बिगड़े बांस वनों में गुथे हुए बांस के भिर्रों की सफाई कराकर मिट्टी चढ़ाई का कार्य किया जाता है, जिससे अच्छे करले प्राप्त होते है और बांस वनों की उत्पादकता में वृद्धि भी होती है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2019-20 में 30 हजार हेक्टेयर, वर्ष 2020-21 में 28 हजार 970 हेक्टेयर तथा वर्ष 2021-22 में 14 हजार 600 हेक्टेयर रकबा में बिगड़े बांस वनों का सुधार कार्य किया गया है। इसी तरह वर्ष 2022-23 में माह दिसंबर तक 35 हजार 515 हेक्टेयर रकबा में बिगड़े बांस वनों का सुधार कार्य हुआ है।

 

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग गुवाहाटी में 11-17 मई मार्च तक आयोजित

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2023-24 में 12 अन्य शहरों में भी दिव्य कला मेला का आयोजन किया जाएगा


दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग देशभर के दिव्यांग उद्यमियों, कारीगरों के उत्पादों और शिल्प-कौशल को प्रदर्शित करने के लिए से 11 मई से 17 मई तक मनीराम दीवान ट्रेड सेंटर गुवाहाटी में अपनी तरह के अद्वितीय आयोजन ‘दिव्य-कला मेला’ का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन आगंतुकों को एक रोमांचक अनुभव प्रदान करेगा। इसमें जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी राज्यों सहित देश के विभिन्न भागों के हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई के काम और डब्बा-बंद खाने का एक साथ प्रदर्शन होगा।

यह आयोजन दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में डीईपीडब्ल्यूडी की एक अनूठी पहल है। ‘दिव्य-कला मेला’ दिव्यांगजनों के उत्पादों और कौशलों को बाजार और प्रदर्शन के लिए एक बहुत बड़ा मंच उपलब्ध कराएगा।

2022 से शुरू होने वाली इस श्रृंखला में गुवाहाटी का ‘दिव्य-कला मेला’ क्रम में चौथा है। [(i) दिल्ली दिसंबर 2022, (ii) मुंबई फरवरी 2023 (iii ) भोपाल मार्च 2023 में अन्य तीन मेलों का क्रम से आयोजन किया गया।]

22 राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों के लगभग 100 दिव्यांग कारीगर/कलाकार और उद्यमी अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन इस मेले में करेंगे। निम्नलिखित श्रेणियों के उत्पाद इसमें शामिल होंगे:- घर की सजावट और जीवनशैली से संबंधित, कपड़े, स्टेशनरी और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, डिब्बा-बंद भोजन और जैविक-उत्पाद, खिलौने और उपहार, और व्यक्तिगत उपयोग वाली वस्तुएं- आभूषण और क्लच बैग्स। यह सभी के लिये ‘स्थानीय के लिए मुखर’ होने का अवसर भी होगा और दिवयांग शिल्पकारों द्वारा अपने अतिरिक्त दृढ़ संकल्प के साथ बनाए गए उत्पादों को इसमें देखा और खरीदा जा सकेगा।

गुवाहाटी में सात दिवसीय ‘दिव्य-कला मेला’ सुबह 10:00 बजे से रात्रि के 10:00 बजे तक खुला रहेगा और इसमें विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का, जिसमें दिव्यांग कलाकारों और प्रसिद्ध कलाकारों के प्रस्तुतियों सहित लोग देश के विभिन्न क्षेत्रों से अपने मनपसंद भोजन का भी आनंद उठा सकेंगे।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक-कल्याण और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा 11 मई को शाम 5:00 बजे निर्धारित है। इस कार्यक्रम की शोभा सामाजिक-कल्याण एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा भौमिक भी अपनी उपस्थिति से बढ़ाएंगी।

विभाग के पास इस संकल्पना को बढ़ावा देने के लिए भव्य योजनाएं हैं। जिसके अंतर्गत देश-भर में ‘दिव्य-कला मेले’ का आयोजन किया जाएगा। 2023-2024 के दौरान यह कार्यक्रम गुवाहाटी से शुरू होकर देश के 12 शहरों में आयोजित होना प्रस्तावित है।

 

लाल किले में भारत आया छत्तीसगढ़ ने रंग जमाया : भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के पर्यटन को लेकर लोगों में विशेष रूचि

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रायपुर। नई दिल्ली के लाल किला प्रांगण में चल रहे भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, पर्यटन, ग्रामोद्योग हस्तशिल्प और गढ़कलेवा के स्टॉल को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। बीते तीन दिनों से छत्तीसगढ़ के स्टॉलों में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। गढ़कलेवा के स्टॉल में छत्तीसगढ़ी व्यंजन का लुफ्त उठाने के साथ ही लोग छत्तीसगढ़ के पर्यटन के बारे में विशेष रूचि दिखा रहे हैं।

विदेशी दर्शक बस्तर दशहरा के बारे में जानकारी ले रहे हैं, जबकि देश के अन्य राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के बारे में जानने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल में लगातार पहुंच रहे हैं। शनिवार को अवकाश होने के कारण भारत पर्व में लोगों की भीड़ आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा थी। लोग दोपहर दो बजे से ही भारत पर्व में विभिन्न राज्यों के कला संस्कृति, टूरिज्म और खान-पान के बारे में जानकारी लेने के लिए पहुंचने लगे थे।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल में पहुंचने वाले सभी दर्शकों को राज्य के पर्यटन स्थलों सहित वहां के जन-जीवन एवं प्राकृतिक परिवेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों ने जशपुर के चाय बागान, राम वन गमन पर्यटन परिपथ को लेकर विशेष रूचि दिखाई और इस संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विदेशी पर्यटकों को बस्तर दशहरा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए राज्य की प्राचीन लोक कला, आदिवासियों के खान-पान, होमस्टेट की सुविधा से अवगत कराया गया। छत्तीसगढ़ के गढ़कलेवा पारंपरिक व्यंजनों का देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए अतिथियों ने खूब स्वाद लिया। गढ़कलेवा के स्टॉल में बच्चों ने इमली के लाटा और बेर (बोईर)का पापड़ी को खूब पसंद किया गया।


अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आगाज आज से, छत्तीसगढ़ का पवेलियन भी सजा

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रायपुर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 41वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आज से आगाज हो गया है। इस बार मेले की थीम वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल" पर आधारित छत्तीसगढ़ के पवेलियन को भी सजाया गया है। सोमवार को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक (सीएसआईडीसी) सारांश मित्तर ने छत्तीसगढ़ के पवेलियन का उद्घाटन किया।



14 से 27 नवम्बर तक आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में 29 राज्यों सहित सभी केंद्र शासित प्रदेश शामिल हो रहे हैं। मेले में सभी राज्य अपनी प्रगति के साथ ही प्रत्येक क्षेत्र की विशेषता के अनुसार अपने औद्योगिक, कृषि और हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस साल हॉल नंबर 2 फर्स्ट फ्लोर पर छत्तीसगढ़ का पवेलियन बनाया गया है। 300 वर्ग फुट के क्षेत्र में प्रदर्शन के लिए कुल 12 स्टाल लगाए गए हैं। 

वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल" की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, स्वयं सहायता समूह, हैंडलूम, हस्तशिल्प, हर्बल, कृषि विभाग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं, 21 नवंबर को राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा, जहां प्रदेश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का लोक कलाकार प्रदर्शन करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने किया। आजादी के 75वें वर्ष में आयोजित इस मेले में अमृत महोत्सव की झलक भी देखने को मिलेगी।

इस बार मेला 73 हजार वर्ग मीटर में नए आधुनिक प्रदर्शनी हाल में आयोजित किया गया है, जो काफी खूबसूरत है। इस बार देशी-विदेशी तीन हजार से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। पार्टनर स्टेट जहां बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र है वहीं फोकस स्टेट उत्तर प्रदेश व केरल है। 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले व्यापार मेले में शुरुआती पांच दिन यानि व्यापारी दर्शकों के लिए जबकि बाकी नौ दिन आम जनता के लिए रहेंगे।

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