Media24Media.com: स्व-सहायता समूहों

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स्व-सहायता समूह की बहनों के द्वारा तैयार राखियों का ही उपयोग करने मुख्यमंत्री की अपील

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपील कर कहा कि मैं एक वादा चाहता हूँ.. इस बार स्व-सहायता समूहों की बहनों द्वारा तैयार की गई राखियों का ही उपयोग करें। जब कोई बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी, तो दूर गाँव की एक और बहन के चेहरे पर मुस्कान खिल उठेगी। बघेल ने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता बहुत खास होता है, जिस तरह से वह एक-दूसरे की चिंता करते है, उसकी कोई तुलना नहीं की जा सकती है। 

भाई-बहन के बीच का रिश्ता अतुलनीय है, जीवन के विभिन्न समयों पर यह रिश्ता और भी ज्यादा मजबूत होता जाता है। बड़े भाई अपनी बहनों की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, इसी तरह बड़ी बहनों के द्वारा भी अपने छोटे भाईयों का मार्गदर्शन किया जाता है। भाई-बहन के इसी प्रेम के कारण यह विशेष पर्व मानाया जाता है। रक्षा बंधन का त्योहार हर भाई-बहन के लिए बहुत खास होता है। यह उनका एक-दूसरे के प्रति आपसी स्नेह, एकजुटता और विश्वास का प्रतीक है। इस खास अवसर पर स्व-सहायता समूह की बहनों के द्वारा तैयार राखियों का ही उपयोग कर उन्हे प्रेम दें और सहायता करें ।

सीएम भूपेश बघेल 21 मई को गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का ऑनलाईन अंतरण करेंगे

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महासमुंद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल रविवार 21 मई दुर्ग जिले के सांकरा पाटन में आयोजित हो रहे भरोसे के सम्मेलन में गोधन न्याय योजना के प्रदेश के हितग्राहियों को 13 करोड़ 57 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। जिसमें 01 मई से 15 मई तक गौठानों में क्रय किए गए 1.98 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीण पशुपालकों को 3.95 करोड़ रूपए तथा गौठान समितियों को 5.66 करोड़ एवं स्व-सहायता समूहों को 3.96 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है।

महासमुंद ज़िले के पशुपालकों ने 01 मई से 15 मई तक गौठानों में 11512.18 (1151218 किलो) गोबर बेचा था। ज़िले के इन सभी पशुपालकों के बैंक खातों में कुल 2302436 रुपये अंतरित होंगे। महासमुंद ज़िले में 564 गौठानों में 561 गौठान सक्रिय हैं। इनमें 17566 गोबर विक्रेता है। गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के तहत ज़िले में 30 अप्रैल 2023 की स्थिति मेंं गोबर विक्रेताओं से 5,83,074.01 से क्विंटल गोबर ख़रीदी कर उन्हें 11 करोड़ 66 लाख 14 हज़ार 803 का भुगतान किया जा चुका हैं। 21 मई को 2302436 रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 11 करोड़ 89 लाख 17 हज़ार 239 रूपए हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाधिक लोकप्रिय योजनाओं में से एक गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व से हुई थी। इस योजना के तहत गौठानों में ग्रामीण पशुपालकों से 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी तथा 4 रूपए लीटर में गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। महासमुंद ज़िले में सुराजी गांव योजना के गरूवा घटक के तहत गांवों में 564 गौठान स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 561 गौठान निर्मित एवं संचालित है। संचालित गौठानों में 30 अप्रैल 2023 की स्थिति में 5,83,074.01 क्विंटल गोबर क्रय किया गया है,

जिसमें गोबर विक्रेताओं को 11 करोड़ 66 लाख 14 हज़ार 803 का भुगतान किया जा चुका हैं। पूरे छत्तीसगढ़ की बात करें तो गोधन न्याय योजना से 3 लाख 41 हजार 713 पशुपालक ग्रामीण लाभान्वित हो रहे है, जिसमें 46.51 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस योजना से भूमिहीन ग्रामीणों को भी बड़ा सहारा मिला है। लगभग 2 लाख भूमिहीन परिवार के लोग भी गौठानों में गोबर की बिक्री और रोजगार हासिल कर अपनी आजीविका चलाने में सक्षम हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कम्पोस्ट उत्पादक महिला समूहों को बड़ी सौगात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट एवं सुपर प्लस कम्पोस्ट का निर्माण कर राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों को एक बड़ी सौगात दी है। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कम्पोस्ट में से 7 जुलाई 2022 तक बिक चुकी कम्पोस्ट के एवज में प्रति किलो एक रूपए तथा सहकारी समितियों को 10 पैसे के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बोनस वितरण के संबंध में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा आज 19 जुलाई को आदेश जारी किया गया।



गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठानों से जुड़कर कम्पोस्ट निर्माण कर रही महिला स्व-सहायता समूहों को 7 जुलाई 2022 तक बिक चुकी कम्पोस्ट के एवज में बोनस दिए जाने की मंशा जताई थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 7 जुलाई 2022 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के परिपालन में कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा विविधत आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत महिला समूहों द्वारा उत्पादित कम्पोस्ट में से 7 जुलाई 2022 तक विक्रय किए गए लगभग 17.64 लाख क्विंटल की मात्रा के एवज में महिला समूहों को 17 करोड़ 64 लाख तथा प्राथमिक सहकारी समितियों को 01 करोड़ 76 लाख रूपए की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। 

प्रोत्साहन की यह राशि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गोधन न्याय योजना के बजट प्रावधान से किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के लिए वर्ष 2022-23 के बजट में 175 करोड़ रूपए का प्रावधान है। यहां यह उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से राज्य में हुई थी। इस योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों से 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी गौठानों में की जा रही है। अब तक 76 लाख क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी की जा चुकी है, जिससे महिला समूहों द्वारा अब तक 16.81 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट, 5.16 लाख से अधिक सुपर कम्पोस्ट तथा 18 हजार 924 क्विंटल

सुपर प्लस कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसमें से तीनों प्रकार के कम्पोस्ट की कुल 17.64 लाख की मात्रा का विक्रय हो चुका है। इसके एवज में महिला समूहों और प्राथमिक सहकारी समितियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। गौरतलब है कि महिला स्व-सहायता समूहों को वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण के लिए 3 रूपए 27 पैसे प्रति किलो के मान से लाभांश तथा प्रति किलो पैकेजिंग पर 65 पैसे मिलते हैं। 7 जुलाई 2022 तक बिक चुकी कम्पोस्ट की प्रति किलो मात्रा पर एक रूपए का बोनस मिलने से महिला समूहों को अतिरिक्त लाभ होगा। इस प्रकार देखा जाए कि महिला समूहों को कम्पोस्ट निर्माण का लाभांश, पैकेजिंग और प्रोत्साहन राशि को मिलाकर प्रति किलो 4 रूपए 92 पैसे की राशि मिल रही है, जो वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय मूल्य के 50 प्रतिशत के करीब है।

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