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90 प्रतिशत पूर्णता वाली योजनाओं के काम तत्परता से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करें – अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में 90 प्रतिशत कार्य पूर्णता वाले नल जल योजनाओं के काम से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सतही जल पर आधारित कई गांवों के लिए प्रगतिरत समूह जलप्रदाय योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों को टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देशित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता टी. डी. साण्डिल्य भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रदेशवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का पुण्य काम आपके जिम्मे है। केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों को पूर्ण करने की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है। मिशन के कार्यों को तय समय़ावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए टीम वर्क और कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मैदानी टीम के साथ प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्राथमिकता से उनका त्वरित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

साव ने कहा कि सबसे पहले जिन योजनाओं के कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, उनके बचे कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण कराकर हर-घर-जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ऐसे गांवों में तेजी से कार्य कर जल्दी ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकते हैं। इन योजनाओं से जलापूर्ति शुरू होने के बाद 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कार्य प्रगति वाली योजनाओं को पूर्ण कराएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि आप केवल निर्धारित कार्ययोजना व लक्ष्यों के आधार पर ही कार्य करें। आप मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अन्य योजनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने समूह जलप्रदाय योजनाओं के कामों में भी तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए जिससे कि समय पर प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बैठक में बताया कि शासन स्तर पर 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इन उप-अभियंताओं के मैदानी बल में शामिल होने से योजनाओं को पूर्ण करने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता से काम करते हुए निर्धारित समयावधि में जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए जुट जाने को कहा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 19 हजार 656 गांवों के लिए 29 हजार 160 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनके माध्यम से 49 लाख 98 हजार ग्रामीण परिवारों को हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के तहत अब तक 31 लाख 16 हजार 398 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शत-प्रतिशत कनेक्शन वाली 5029 नल जल योजनाएं संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगतिरत नल जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्यों को गति दी जा रही है। निर्माणाधीन सभी कार्यों को आगामी तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार 846 योजनाओं, 2026-27 में 7261 योजनाओं तथा 2027-28 में 4077 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।


जल जीवन मिशन में बड़ी लापरवाही, 70 ठेकेदारों को नोटिस जल्द कार्य पूर्ण नहीं करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

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रायपुर। राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में हो रही लापरवाही अब ठेकेदारों पर भारी पड़ने लगी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मुंगेली जिले में समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले 70 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय सख्ती की यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक के हालिया मुंगेली प्रवास के बाद सामने आई है। दौरे के दौरान उन्होंने कलेक्टर कुंदन कुमार के साथ जिले के विभिन्न गांवों में मिशन के अंतर्गत चल रहे पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण में यह पाया गया कि कई योजनाएं तय समय-सीमा से पीछे चल रही हैं और कार्यों में ठेकेदारों की लापरवाही व उदासीनता प्रमुख कारण बनकर उभरी है। हक ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे में कार्यों की गति तेज की जाए और लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जल आवर्धन योजनाओं के लिए 132 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को दी गई मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल आवर्धन योजनाओं के लिए 132 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित की जाने वाली जल आवर्धन योजनाओं से नगरीय निकायों में जल आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि नागरिकों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल आवर्धन हेतु प्रस्तावित योजनाओं पर वित्त विभाग ने बलौदाबाजार जिले के भटगांव के लिए 14 करोड़ 66 लाख रुपए, सारंगढ़ के लिए 47 करोड़ 46 लाख रुपए, जांजगीर-चांपा जिले के चांपा के लिए 17 करोड़ 86 लाख रुपए और सारागांव के लिए तीन करोड़ 61 लाख रुपए, कांकेर जिले के चारामा के लिए 19 करोड़ 75 लाख रुपए, कोरबा जिले के कटघोरा के लिए 24 करोड़ 63 लाख रुपए तथा बीजापुर के लिए चार करोड़ 35 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।

जल आवर्धन योजनाओं से जलापूर्ति संरचना मजबूत होने से जल की गुणवत्ता और वितरण में सुधार होने के साथ ही जल संकट को कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही नागरिकों का स्वास्थ्य और जीवन स्तर भी बेहतर होगा। ये नई जल आवर्धन योजनाएं जल संसाधनों की उपलब्धता को सुनिश्चित करेंगी। साथ ही स्थानीय विकास और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होंगी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की पीडब्लूडी, पीएचई तथा नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज जांजगीर में अपने प्रभार वाले लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने तीनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को विभागीय कामकाज के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने पीएम आवास, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। शत प्रतिशत पहुंचाने कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को विभागीय समन्वय बनाकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव को समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा के कलेक्टर आकाश छिकारा ने विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। सांसद गुहाराम अजगले, विधायक व्यास कश्यप और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्रीश्री साव ने बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों की श्रेष्ठ गुणवत्ता प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी कार्यों को अनिवार्यतः समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में काम पूर्ण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने तीनों विभागों के अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने और बेहतर मॉनिटरिंग के लिए कार्यप्रणाली में सुधार लाने आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति जो हमें जिम्मेदारी दी गई है उसके मुताबिक अच्छा काम करना है। उन्होंने सड़कों की मरम्मत का काम यथाशीघ्र पूर्ण करने को कहा।

साव ने बैठक में कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर में पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पीएम आवास और पीएम विश्वकर्मा योजना का काम प्राथमिकता के साथ करने को कहा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से योजना का प्रचार-प्रसार करते हुए क्रियान्वयन किया जाए।

उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि शहरी क्षेत्र के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रमुखता के साथ प्रदान किए जाएं। उन्होंने अवैध कालोनियों के निर्माण पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाते हुए शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य निर्माण कार्याे की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सुबह फील्ड में जाकर निर्माण कार्य एवं सफाई कार्याें का निरीक्षण करने को कहा।

 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों महासमुंद जिले को मिली 655 करोड़ रूपए की लागत के 223 विकास कार्यों की सौगात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर महासमुंद के प्रवास के दौरान जिले को 655 करोड़ की लागत के 223 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 71.08 करोड़ रूपए की लागत के 132 कार्यों का लोकार्पण और 583 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत के 91 कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस कार्यक्रम में 322 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से बनने वाले महासमुंद मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण कार्य की आधारशिला भी रखी।

मुख्यमंत्री बघेल ने 2.38 करोड़ रूपए की लागत से ग्राम घोंच तथा 1.72 करोड़ रूपए की लागत से भुल्का (पथियापाल) में स्थापित 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र, जिला अस्पताल महासमुंद में 25 लाख रूपए की लागत से निर्मित फिजियोथैरेपी बिल्डिंग, सीएचसी पिथौरा में 30 लाख रूपए की लागत से बनाए गए ब्लड बैंक तथा 12 लाख रूपए की लागत से स्थापित हमर लैब का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत 13 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से 18 गांवों के पूर्ण हो चुके पेयजल योजना के कार्य

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 27 करोड़ 65 लाख रूपए की लागत से पूर्ण हुए सड़क निर्माण की 65 कार्य, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण के तहत 11 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से पूर्ण हो चुके 4 उच्च स्तरीय पुल निर्माण के कार्य का भी लोकार्पण किया। इनमें से साई-सराईपाली पहुंच मार्ग में करमेल नाला पर 3.06 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल, 2.90 करोड़ रूपए की लागत से बनपचरी-बरेकेल-धनगांव मार्ग में नैनी नाला पर निर्मित पुल, 3.24 करोड़ रूपए की लागत से गहनाखार-छिन्दपाली-लिमगां मार्ग में पुल निर्माण और 2.37 करोड़ रूपए की लागत से भुथियाडीह-कल्लूदूड़ा मार्ग के मुरमुरी नाला पर निर्मित उच्च स्तरीय पुल शामिल है।

इसी तरह मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के 4.09 करोड़ रूपए की लागत के 3 कार्यों, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 2.05 करोड़ रूपए की लागत के 6 कार्यों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1.71 करोड़ रूपए की लागत के 17 कार्यों, वन विभाग के 3.73 रूपए की लगात के 16 कार्य, विद्युत विभाग 4.09 करोड़ रूपए की लागत के 2 कार्य और आयुष विभाग के 2.55 करोड़ रूपए की लागत के 1 कार्य का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में नर्रा, बंजारी, सुरंगी नाला बंसुला में निर्मित हाई टेक बेरियर सहित नरवा विकास के कार्यों का भी लोकार्पण हुआ। 

नगरीय निकायों में 118.42 करोड़ रूपए की लागत के कार्यों का हुआ भूमिपूजन

मुख्यमंत्री बघेल ने जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में प्रारंभ होने वाले 118.42 करोड़ रूपए लागत के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में नगर पालिका सरायपाली में 40.08 करोड़ रूपए, नगर पंचायत बसना में 30.80 करोड़ रूपए, नगर पंचायत पिथौरा में 27.62 करोड़ रूपए की लागत के कार्य शामिल है। इनके अलावा ग्राम खैरा में 6.40 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले नवीन बस स्टेंड, 3.43 करोड़ रूपए की लागत से महासमुंद में फुटबाल ग्राउंड, महासमुंद में 6 करोड़ रूपए की लागत से सेंट्रल लाईब्रेरी भवन,

ग्राम गांजर में 2.37 करोड़ रूपए, ग्राम शेर में 2.43 करोड़ रूपए, ग्राम पचरी में 2.29 करोड़ रूपए, ग्राम कंचनपुर में 2.59 करोड़ रूपए और ग्राम कुदारीबाहरा में 2.20 करोड़ रूपए की लागत से नये 3.15 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर 33/11 केव्ही उपकेन्द्र की स्थापना, 17.30 करोड़ रूपए की लागत से देवगांव जलाशय के नहरों एवं जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य तथा पक्के कार्यों के सुधार का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के 13.52 करोड़ रूपए की लागत के 20 कार्य, महासमुंद ईमलीभाटा में 1.17 करोड़ रूपए की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी भूमिपूजन मुख्यमंत्री के हाथों किया गया।

गौठानों में होगी बेहतर पेयजल व्यवस्था : मंत्री गुरु रूद्रकुमार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में प्राथमिकता से संचालित नलजल योजना में अतिरिक्त स्त्रोत निर्माण के जरिये पेयजल की निरंतरता को बनाए रखने के लिए नलकूप खनन किए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने गौठानों में बेहतर पेयजल व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिसके परिपालन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के अवधि में राज्य मद के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु 5007 नलकूप खनन का अंतरिम लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बने 785 गौठानों में पेयजल की निरंतरता को बनाए रखने के लिए नलकूप खनन किया जा रहा है। राज्य में बेहतर पेयजल व्यवस्था की निरंतरता को बनाए रखने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौठानों में नलकूप खनन किया जा रहा है। जिसके तहत रायपुर जिले के 40 गौठान, बलौदाबाजार 50, गरियाबंद 8, धमतरी 8, महासमुंद 50, दुर्ग 80, बेमेतरा 50, बालोद 8, राजनांदगांव 35, कबीरधाम 50, बस्तर 50 और कोण्डागांव जिले के 50 गौठानों में नलकूप खनन किया जा रहा है। इसी तरह कांकेर जिले में 50, बिलासपुर 50, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 8, मुंगेली 50, कोरबा 8, जांजगीर-चांपा 50, रायगढ़ 50, जशपुर 8, सरगुजा 8, बलरामपुर 8, सूरजपुर 8 और कोरिया जिले के 8 गौठानों में नलकूप खनन किया जा रहा है।

स्वास्थ्य और पोषण की डेल्टा रैंकिंग में आकांक्षी जिला सुकमा देश में प्रथम

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रायपुर। नीति आयोग द्वारा अक्टूबर माह में जारी आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में सुकमा जिले ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। आकांक्षी जिला सुकमा को अक्टूबर माह के लिए स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में देश में प्रथम रैंक मिला है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने इस बेहतर प्रदर्शन के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सभी आकांक्षी जिले लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।



गौरतलब है कि प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों से निश्चित ही जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी मापदण्डों में स्थिति बेहतर हुई है। जिले में गर्भवती महिलाओं की एएनसी रजिस्ट्रेशन में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं संस्थागत प्रसव में जिले में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, वर्तमान स्थिति में 90 प्रतिशत संस्थागत प्रसव किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत जिले के आंगनबाड़ियों में गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार प्रदान करने की दर 99.14 प्रतिशत है। इसी तरह जिले में टीबी के मरीजों की पहचान में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं टीबी मरीजों के सफल इलाज में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अक्टूबर माह के ओवरऑल रेंक में मिला तीसरा स्थान

जिला प्रशासन द्वारा जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, मूलभूत सुविधाओं के विकास, कौशल विकास, जल संसाधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप नीति आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर अक्टूबर माह के ओवरऑल रेंक में सुकमा जिला को तीसरा स्थान मिला है, जो कि जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी किए जा रहे बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है और सुकमा जिलेवासी इससे लाभांवित हो रहे हैं।

जल जीवन मिशन : कार्य प्रारंभ न करने वाले ठेकेदारों का कार्यादेश होगा निरस्त

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने जल जीवन मिशन के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिसके परिपालन में  बलरामपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत विभिन्न योजनाओं, कार्यों, आईएसए, जल परीक्षण प्रयोगशाला के एनएबीएल उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। 



उन्होंने जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों की धीमी गति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित ठेकेदारों को अनुबंध के अनुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए आदेशित करें।कलेक्टर विजय दयाराम के. ने लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले में नलकूपों में जल आवक क्षमता का परीक्षण किये जाने हेतु उपकरण तत्काल क्रय करने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्य प्रारंभ करने वाले ठेकेदारों का कार्यादेश निरस्त करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिये। कलेक्टर ने डीपीआर तैयार करने वाले फर्मों को नवीन एसओआर पर डीपीआर तैयार कर एक सप्ताह में जमा करने को कहा तथा कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को दैनिक प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिये।

 उन्होंने कार्यपालन अभियंता को प्रत्येक विकासखण्ड अंतर्गत पांच ग्रामों कोहर घर जलमात्रक के अनुसार चिन्हित कर आगामी समय-सीमा की बैठक में अवगत कराने को कहासाथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत बिछाई जा रही पाईप लाईन से ग्राम के सभी संस्थान स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केन्द्रों में नल कनेक्शन दिया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने जानकारी दी कि जिले के 604 बसाहटों के 1 लाख 77 हजार 938 घरेलू नल कनेक्शन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है, शेष 32 ग्रामों की योजनाओं हेतु डीपीआर को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।

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