Media24Media.com: स्नेहपूर्वक

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label स्नेहपूर्वक. Show all posts
Showing posts with label स्नेहपूर्वक. Show all posts

मुख्यमंत्री ने कहा बेटा, यहां सब अपने लोग हैं और समाप्त हो गई तृप्ति की हिचक

No comments Document Thumbnail

रायपुर। प्रदेश के मुखिया न केवल आम जनता की नब्ज समझते हैं अपितु बच्चों के मनोविज्ञान को भी गहराई से समझते हैं। अपनी बात कहने जब प्रोफेसर जे.एन. पांडे आत्मानंद स्कूल की छात्रा तृप्ति जगत खड़ी हुई। तृप्ति अपनी बात कहने में थोड़ा सा हिचक रही थी।

मुख्यमंत्री ने पूरे वात्सल्य से स्नेहपूर्वक कहा, बेटा यहां सब अपने लोग हैं बेझिझक अपनी बात कहो। मुख्यमंत्री की बात को सुनते ही तृप्ति की हिचक पूरी तरह दूर हो गई। उसने बताया कि इस स्कूल में पढ़ाई के अच्छे स्तर को देखते हुए मैंने यहां प्रवेश लिया है। मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है। उसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्रा को शाबासी देते हुए कहा आप कितने अच्छे ढंग से बात रख रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर बच्चों से आज रू-ब-रू हो रहे थे।

मुख्यमंत्री से बच्चों ने भी बेझिझक होकर अपने दिल की बात कहीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि 16 जून के बदले 26 जून को स्कूल खोलने पर कैसा अनुभव कर रहे हैं। सभी बच्चों ने मुख्यमंत्री बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि 26 जून से स्कूल खुलने से गर्मी और लू से राहत मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय गर्मी के मौसम और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया कि स्कूल 26 जून से खोले जाएं। शाला प्रवेश उत्सव शुरू होने से पूर्व ही प्रदेश में बरसात शुरू हो गई। बारिश की फुहारों के साथ ही नए शिक्षा सत्र की शुरूआत हुई।

विद्यार्थी राजेश ने बताया कि हम सबकी पढ़ने में रुचि बढ़ गई है। स्वामी आत्मानंद बीपी पुजारी शाला में पढ़ रही आठवीं की छात्रा सुरभि साहू ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल आरंभ होने से आर्थिक रूप से कमजोर और होनहार बच्चों को भी अच्छी अंग्रेजी शिक्षा का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री बघेल के समक्ष स्वामी आत्मानंद राजा तालाब स्कूल कक्षा 8वीं की छात्रा कशिश अंजुम खान ने भी शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर अपनी विचार रखी।

हमर अबड़ हवे भाग, मुख्यमंत्री ह आय हे हमर घर, खाय बर पितर भात

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद जिले के विधानसभा डौंडीलोहारा के ग्राम कुसुमकसा में किसान पुरषोत्तम जीराम के घर पितर नवमीं के अवसर पर पहुँचकर स्नेहपूर्वक भोजन किया। मुख्यमंत्री जब पुरषोत्तम जीराम के घर पहुँचे तो घर वालों ने मुख्यमंत्री का घर के देवरावठी में चौक पूरकर ज़ोडा कलश जलाकर पीढ़हा में खडे़कर ओरछा उतारकर घर में प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री जब घर में प्रवेश किए, तब घर परिवार में एक अलग माहौल बन गया। परिवार के सभी लोगों के चेहरे में सुंदर मुस्कान और खुशियां साफ झलक रही थी।



 मुख्यमंत्री को जब भोजन परोसा गया तब छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से भरी थाली देखकर उन्होंने जीभर कर भोजन किया। पुरषोत्तम जीराम की पत्नी श्रीमती सावित्रीबाई ने भोजन परोसा। मुख्यमंत्री की थाली में तोरई, बरबटी, प्याज भाजी, लालभाजीकोचई पत्ता कढ़ीपूड़ी, बड़ा, खीर, चावल- दाल, टमाटर चटनी तवा रोटी, अइरसा, खुरमी सलोनी, पापड़ परोसा गया। मुख्यमंत्री ने पुरषोत्तम के यहां उनके दिवंगत माता स्वर्गीय श्रीमती गनेशी बाई व पिता स्वर्गीय भगवानी राम के नवमीं पितर मिलन के अवसर पर यहां उनके निवास पहुँचे थे।



वे यहां जमीन पर बैठकर पीढ़हा के ऊपर फुलकास की थाली से भोजन का आनन्द लिए। मुख्यमंत्री ने ठेठ छत्तीसगढ़ी अंदाज में भोजन ग्रहण किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा मोला अतक बढ़िया भात साग खवाय हव। मोला अपन गांव अउ घर के सुरता आगे। गांव के साग भात बने सुहाथे। मोला तुंहर इहां पितर खाय के भाग मिलिस। मेहा ओ दाई अउ ददा ल परनाम करत हव। ये बात ल सुनके सावित्री बाई कहिस आज मुख्यमंत्री ह हमर गरीब के कुटिया म आके हमर घर खाना खाय हो हमन ल अबड़  सुग्घर लागथे। हमर अबड़ जनिक भाग के मुख्यमंत्री ल भात साग परोसे के मौका मिलिस। मुख्यमंत्री ने इस दौरान घर वालों से बात कर हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा मोरो घर के नेवता हेवे हमरो घर आहू।

माँ ने बच्चे का जीवन बचाने के लिए मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राजपुर भेंट मुलाकात में आज एक भावुक कर देने वाला पल सामने आया, जब एक 4 साल के बच्चे के साथ उसकी मां अचानक से खड़ी हुई और उसने कहा इस बच्चे का जीवन आज मुख्यमंत्री की वजह से बचा हुआ है। दरअसल इस महिला के बच्चे के दिल में बचपन से ही छेद था और उसका इलाज नहीं हो पा रहा था लेकिन डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना की मदद से युवान कुजूर नाम के इस 4 साल के बच्चे का इलाज भी हुआ और आज  ये बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ भी है।



जैसे ही पता चला मुख्यमंत्री खुद लैलूंगा के राजपुर आने वाले हैं, वे अपने बच्चे के साथ भेंट मुलाकात कार्यक्रम स्थल पहुंची और अपने बच्चे का जीवन बचाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अपनी आंखों में खुशी के आंसू लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील किया कि वह इस बच्चे के साथ एक फोटो खिंचवाए। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को सुनकर उन्हें मंच पर बुलवाया और उनके साथ स्नेहपूर्वक फोटो खिंचवाईं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.