Media24Media.com: स्टील प्लांट

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समर कैंप : स्टील प्लांट में लंबी रेल पात बनते देख बच्चे हुए रोमांचित

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 रायपुर : रायगढ़ के स्कूली बच्चे समर कैंप के दौरान आयोजित किए गए शैक्षणिक भ्रमण में स्टील प्लांट और पावर प्लांट देखकर हुए रोमांचित। जिला प्रशासन रायगढ़ की पहल पर शासकीय स्कूल के बच्चों को स्टील प्लांट का भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान स्कूली बच्चों को स्टील उत्पादन से जुड़ी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी गई तथा स्टील प्लांट का अवलोकन कराया गया। इन बच्चों ने पावर प्लांट का भी भ्रमण किया।


इस अवसर पर स्टील पावर प्लांट के तकनीकी विशेषज्ञों के द्वारा बच्चों को रॉ मैटेरियल उत्पादन, रॉ मैटेरियल्स एरिया, ओर से आयरन बनाने की प्रोसेस, ऑक्सिजन प्लांट, लम्बी रेल पात बनाने की विधि, लोहे से प्लेट बनाने, लोहे और कोयले की मिक्सिंग, कीलन, कोल वासरी आदि को प्रत्यक्ष दिखाया और इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सरकारी स्कूलों में समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। रायगढ़ जिला कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल के निर्देश एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में 09 दिवसीय समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। रायगढ़ जिले में कलेक्टर के विशेष पहल पर विशेष समर कैंप कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय शैक्षिक भ्रमण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। 


इस कार्यक्रम में रायगढ़ शहरी क्षेत्र में शासकीय हाई स्कूल चांदमारी, स्वामी आत्मानंद चक्रधर नगर, हाई स्कूल राजीव गांधी नगर, हायर सेकंडरी स्कूल जूट मिल, शासकीय नटवर, हायर सेकंडरी कन्या शाला स्कूल के लगभग 100 से अधिक बच्चों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों ने आज स्टील एवं पावर प्लांट का भ्रमण कर विभिन्न प्रकार की मशीनों प्रक्रिया उत्पादन आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र में भी मिलेगा हाफ बिजली बिल योजना का लाभ

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रायपुर। राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ अब भिलाई टाउनशिप के हजारों उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। राज्य शासन के ऊर्जा विभाग ने आज इसका आदेश जारी कर दिया। पहले भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के टाउनशिप में निवासरत उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता था, क्योंकि उन्हें बीएसपी प्रबंधन विद्युत आपूर्ति करता है। लंबे समय से वहां के उपभोक्ता हाफ बिजली बिल योजना के तहत छूट देने की मांग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बीएसपी कर्मियों को इसकी सौगात दी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के सभी घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा प्रति माह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशाली विद्युत की दरों के आधार पर आंकलित बिल की राशि की आधी राशि देनी होती है। फरवरी 2019 से लागू इस योजना का लाभ 42.82 लाख उपभोक्ताओं को मिल रहा है जिसमें अब तक 3900 करोड़ रूपए से अधिक राशि की छूट प्रदान की जा चुकी है। अब इसका लाभ बीएसपी क्षेत्र के 27 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

जारी आदेश में कहा गया है कि

बी.एस.पी. के डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी एरिया में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 400 यूनिट तक की प्रति माह विद्युत खपत पर देय फिक्स्ड चार्ज, एनर्जी चार्ज एवं वेरियेबल कॉस्ट एडजस्टमेंट के मद में कुल देय राशि के 50 प्रतिशत की रियायत दी जाती है।

यह योजना 01 सितम्बर 2023 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी। उपभोक्ताओं को रियायत के समतुल्य राशि का अग्रिम भुगतान प्रतिपूर्ति के रूप में राज्य शासन द्वारा बी. एस.पी. को बजट के माध्यम से किया जाएगा। रियायत की राशि का प्रावधान बजट में किए जाने हेतु बी.एस.पी. के द्वारा समुचित प्रस्ताव समय-समय पर ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान किया जायेगा।


छत्तीसगढ़ सरकार की उद्योग नीति के कारण कोरोना काल में भी स्टील उद्योग ने किया बेहतर प्रदर्शन : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आये स्टील उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्टील सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिये छत्तीसगढ़ सरकार तत्त्पर है। स्टील उद्योग छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है

लेकिन पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्टील उद्योग को बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कभी महंगी बिजली का संकट सामने आ जाता है, कभी ईंधन का संकट सामने आ जाता है, कभी सस्ते कच्चे माल की जरूरत शिद्दत के साथ महसूस की जाती है, तो कभी कोरोना और लॉकडाउन का संकट सामने आ जाता है। लेकिन कोरोना काल में छत्तीसगढ़ सरकार की नीति की वजह से उद्योग बंद नहीं हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को भले घाटा हो लेकिन हमने आपको बिजली में छूट दी ताकि उद्योग अच्छे से चलते रहें। हमारे राज्य से कोयला पूरे देश में जाता है, कोरोना काल मे हमने कोयला की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी। मैं रायपुर सांसद के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि एसईसीएल से स्टील व्यवसायिओं को कोल लिंकेज मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला खदानों की वजह से सड़कें बहुत खराब हैं। खराब सड़कों की वजह से परिवहन बहुत महंगा हो गया है। इसलिए किसी उद्योग की स्थापना के समय सड़क को भी प्रोजेक्ट में ले लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा जब कोरोना की दूसरी लहर आयी तो देश की राजधानी और अन्य राज्यों में ऑक्सीजन की कमी थी लेकिन छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हुई, हमने तुरन्त उद्योगपतियों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए लाइसेंस दिया। देशभर में ऑक्सीजन का दवाब था तो मैंने प्रधानमंत्री जी से आग्रह किया कि स्टील प्लांट को भी कुछ ऑक्सीजन दीजिये। जिससे प्लांट भी चल सकें। कोरोना काल में देशभर में  मजदूर पलायन कर रहे थे, लेकिन छत्तीसगढ़ में स्थिति ऐसी नहीं थी। हमारे छत्तीसगढ़ में बेहतर उद्योग नीति की वजह से कोरोना काल मे भी उद्योग अच्छे से चलते रहे।

जब कोरोना संकट आया और लॉकडाउन की परिस्थितियां निर्मित हुई तब एक बारगी लगा कि प्रदेश का स्टील सेक्टर दम तोड़ देगा, लेकिन हमने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। भीषण संकट के बीच सरकार स्टील सेक्टर की ताकत बनी और हमारे स्टील उद्योग सरकार की ताकत बन गए। कोरोना संकट काल में भी हमारे यहां देश में सबसे ज्यादा स्टील का उत्पादन किया। पिछले चार सालों के दौरान छत्तीसगढ़ का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, रायपुर सांसद सुनील सोनी, स्टील कॉन्क्लेव के पदाधिकारी रमेश अग्रवाल, सुरेंद्र त्रिपाठी उपस्थित रहे।

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