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भेंट-मुलाकात कार्यक्रम: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुँचे ग्राम सोनाखान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आज विधानसभा बिलाईगढ़ अंतर्गत विकासखंड कसडोल के ग्राम सोनाखान पहुँचे। मुख्यमंत्री ने यहां क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह की कर्मभूमि सोनाखान में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ करने, सोनाखान में सहकारी बैंक, क्षेत्र के 44 गांवों में वीर नारायण सिंह समूह नल जल प्रदाय योजना प्रारंभ करने, सोनाखान स्थित एकलव्य आवासीय परिसर में विभिन्न संसाधनों हेतु 5.6 करोड़ रूपये स्वीकृति की, ग्राम सोनाखान में ग्रामीण अधोसंरचना विकास के लिये 2.5 करोड़ रूपये की स्वीकृति, सोनाखान के समीपवर्ती ग्राम अर्जुनी, भूसड़ीपाली, महकोनी एवं महकम में विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु 50 लाख रूपये की स्वीकृति की घोषणा की।


इसी प्रकार उन्होंने गिरौदपुरी में अनुविभागीय कार्यालय (एस.डी.एम. कार्यालय) प्रारंभ करने
, गिरौदपुरी धाम के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के रूप में करने, जिले के भवनविहीन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भवन निर्माण, गिरौदपुरी, राजादेवरी से बया पहुँच मार्ग पुल पुलिया सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, चरींदा (बया) से बार होते हुए तुरतुरिया पहुँच मार्ग पुल पुलिया सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, सलिहा से कुशगढ़ विजयमाल होते हुए सांकरा पहुँच मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, टुण्डरा के हाईस्कूल के लिए नये भवन के निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण कर भेंट-मुलाकात का शुभारंभ किया और ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। इस मौके पर स्कूल शिक्षा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम संसदीय सचिव एवं विधायक चंद्रदेव राय और सुश्री शकुंतला साहू, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, जीव जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष विद्याभूषण शुक्ल, रजक कल्याण बोर्ड लोकेश कन्नौजे,जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा,अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य गणेश ध्रुव, जिला अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, कलेक्टर रजत बंसल, एएसपी दीपक झा समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



भेंट मुलाकात में मानाकोनी की श्रीमती पद्मावती पटेल ने बताया कि उनके समूह ने तीन लाख 71 हजार रुपए का वर्मी कंपोस्ट बेचा है। इस आय से उनके समूह की दस महिलाओं ने आपस में 25-25 हजार रुपए बांटे हैं। शेष रकम उन्होंने बैंक में जमा रखा है। वर्मी कंपोस्ट की बिक्री से हुई कमाई से उनके समूह की कुछ महिलाओं को अपने बच्चों की पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था करने में और कुछ को अपने बच्चों की शादी में बहुत मदद मिली है। समूह की कुछ महिलाओं ने अपने लिए पायल और मंगलसूत्र जैसे गहने भी खरीदे हैं।

सोनाखान में ग्राम भानसी के किसान डिगेश यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पांच एकड़ के किसान हैं। उनका 75 हजार रुपए का कर्जा माफ हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को खेती से अच्छी आमदनी हो रही है। उन्होंने अपने लिए बुलेट मोटरसाइकिल और पत्नी के लिए हार खरीदा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से राजीव गांधी किसान न्याय योजना, कर्ज माफी, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राशनकार्ड, उचित मूल्य दुकानों के संचालन के संबंध में फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने सोनाखान पहुंचने के बाद वहां स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही स्मृति स्थल पर स्थापित की गयी शहीद वीर नारायण सिंह के आदम कद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके साथ ही शहीद वीर नारायण सिंह के वंशजों का भी श्रीफल एवं शॉल से सम्मान किया गया और उन्हें 10-10 हजार रूपए का चेक भेंट किया।

सोनाखान में क्षेत्र के विकास के लिए 125 करोड़ रूपए केे कार्यो का लोकार्पण-भूमिपूजन

मुख्यमंत्री ने सोनाखान में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिले के लिए 125 करोड़ 75 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसमें 99 करोड़ 36 लाख रूपए के 73 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 26 करोड़ 39 लाख रूपए के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने कार्यक्रम में सोनाखान के दुलेश्वर यादव को ट्राइसिकल प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने सोनाखान में ओपन एयर म्यूजियम का किया शुभारंभ

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रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह की जन्म एवं कर्म स्थली को उनके गौरव के अनुरूप विकसित करने के लिए जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा सोनाखान में भव्य ओपन एयर म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जिसका शुभारंभ आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया। इसके अलावा उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा टूरिज्म सर्किट का भी शुभारंभ किया। इस टूरिज्म सर्किट में बाबा गुरू घासीदास की जन्म एवं कर्म स्थली गिरौदपुरी, शहीद वीर नारायण सिंह की जन्म एवं कर्म स्थली सोनाखान, कबीर पंथियों के प्रसिद्ध धर्म स्थली दामाखेड़ा, तुरतुरिया, सिद्धखोल जलप्रपात, बलारडेम, सिद्धेश्वर मंदिर पलारी और नारायणपुर का शिव मंदिर शामिल है। इस टूरिज्म सर्किट में आने वाले पर्यटकों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।

 


सोनाखान में बनाया गया यह म्यूजियम प्रदेश में अपनी तरह का पहला म्यूजियम होगा, जहां ऑडियो- विजुअल सेटअप और एक विशेष धातु कॉर्टेन स्टील के माध्यम से शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी को प्रदर्शित किया जा रहा है। कॉर्टेन स्टील के बनें लम्बे और सुंदर पैनल्स पर शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी उकेरी गई है। जिसकी भव्यता दिन के साथ ही रात में भी देखी जा सकती है। लाइट के अद्भुत सेटअप इसे खास और अलग बनाते हैं। सभी पैनल एक ऑडियो सेटअप लगा हुआ है, जिसके माध्यम से शहीद वीर नारायण सिंह की जन्म से लेकर क्रांति और बलिदान को सुना जा सकता है। यह ऑडियो हिंदी, अंग्रेज़ी और छत्तीसगढ़ी भाषा में उपलब्ध है। यहां आने वाले लोग अपनी पसंद मुताबिक ऑडियो की भाषा तय कर सकते हैं।



देश में कॉर्टेन स्टील का उपयोग विभिन्न महान परियोजनाओं में कलाकृतियां बनाने के लिए किया जा चुका है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बिहार म्यूज़ियम और कई देशों के प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट में इसका उपयोग किया गया है। यहां पार्किंग और केंटिन की भी व्यवस्था रहेगी। केंटिन की व्यवस्था स्व-सहायता समूह के द्वारा संचालित की जाएगी। इसके साथ ही यहां आने वाले लोगों को म्यूजियम में प्रवेश सशुल्क रहेगा। इस नवाचार से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को भी रोजगार उपलब्ध होगा।

चंदखुरी, गिरौदपुरी और सोनाखान का बदलेगा नाम : सीएम ने दिए निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के महापुरूषों तथा आस्था के केंद्रों को जनभावनाओं के अनुरूप नई पहचान देने के लिए प्रदेश के तीन स्थानों चंदखुरी, गिरौदपुरी और सोनाखान का नाम बदलने के निर्देश दिए है। अब चंदखुरी को माता कौशल्याधाम चंदखुरी, गिरौदपुरी को बाबा गुरू घासीदास धाम गिरौदपुरी और सोनाखान को शहीद वीरनारायण सिंह धाम सोनाखान के नाम से जाना जाएगा। अनेक जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग लंबे समय से इन स्थानों का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। 


राज्य शासन द्वारा शीघ्र ही राजपत्र में इन तीनों स्थानों के नए नामकरण संबंधी अधिसूचना का प्रकाशन किया जाएगा। 
संसदीय सचिव सर्वश्री चंद्रदेव राय, गुरूदयाल सिंह बंजारे, इंद्रशाह मंडावी, यू.डी. मिंज तथा विधायक सर्वश्री बृहस्पत सिंह, गुलाब सिंह कमरो और डॉ. विनय जायसवाल ने आज मुख्यमंत्री से जनभावनाओं के अनुरूप गिरौदपुरी और सोनाखान का नाम बदलने का आग्रह करते हुए इस संबंध में अपना पत्र सौंपा था। छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री डॉ. महंत रामसुंदर दास ने भी जनआस्था को देखते हुए, 

हरेली के दिन 28 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चंदखुरी का नाम माता कौशल्याधाम चंदखुरी करने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए इन स्थानों के नए नामकरण के निर्देश दिए हैं। रायपुर से लगे चंदखुरी में विश्व का इकलौता कौशल्या मंदिर है। वहां माता कौशल्या के साथ भगवान श्रीराम अपने बालरूप में विराजे हैं। छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या का मायका और श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। राज्य शासन ने देश-प्रदेश के लाखों लोगों के श्रद्धा के केंद्र चंदखुरी को श्रीराम वन गमन पर्यटन परिपथ में 



शामिल कर वहां तालाब के बीच स्थित माता कौशल्या मंदिर का जीर्णोद्धार और तालाब का सौंदर्यीकरण कराया है। तालाब के पास ही भगवान श्रीराम की विशालकाय प्रतिमा भी स्थापित की गई है।बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित गिरौदपुरी सतनाम पंथ के लाखों अनुयायियों की आस्था का केंद्र है। यह बाबा गुरू घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि है। सतनाम समाज और स्थानीय लोग लंबे समय से गिरौदपुरी को बाबा गुरू घासीदास धाम गिरौदपुरी के नाम से प्रतिष्ठित करने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आज उनकी यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरी कर दी है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में ही स्थित सोनाखान 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तारी के बाद 10 दिसम्बर 1857 को उन्हें रायपुर के जयस्तंभ चौक में फांसी दे दी गई थी। सोनाखान में जन्मे बिंझवार जनजाति के शहीद वीरनारायण सिंह की वीरता और गरीबों के लिए संघर्ष को अक्षुण्य रखने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लंबे समय से सोनाखान का नाम उनके नाम से जोड़ने की मांग कर रहे थे। सोनाखान के शहीद वीरनारायण सिंह धाम सोनाखान के रूप में नए नामकरण से क्षेत्रवासियों और जनजाति समाज की पुरानी मांग पूरी हो रही है।

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