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मुख्यमंत्री साय ने गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब एवं राजेश अग्रवाल को दी शुभकामनाएँ

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब तथा राजेश अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने सभी मंत्रियों के उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामूहिक सहयोग और प्रतिबद्धता के बल पर जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।


सुशासन की नई परिभाषा गढ़ता चिंतन शिविर 2.0: तकनीक और नवाचार से गुड गवर्नेंस की राह

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज को और अधिक प्रभावी एवं जन-हितैषी बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर में चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के नवाचारों और सुशासन की आधुनिक तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रीमंडल के सहयोगियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ सुशासन के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। चिंतन शिविर के अंतिम दिन प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने "आर्ट ऑफ गुड गवर्नेंस" विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, राज्य की क्षमताओं में वृद्धि करने, अनावश्यक नियमों को हटाने तथा सरकारी एजेंसियों के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकारें अपने नीति-निर्धारण और कार्यान्वयन की गुणवत्ता को कैसे अधिक प्रभावी बना सकती हैं।

डिजिटल हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकें और सुशासन के सम्बन्ध में बताया कि डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजीज दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। उन्होंने ई-हेल्थ रिकॉर्ड्स, टेलीमेडिसिन, मोबाइल हेल्थ ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य तकनीक से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होती हैं, बल्कि शासन के प्रति आम जनता का भरोसा भी बढ़ता है।

राजनीतिक विश्लेषक और लेखक उदय माहुरकर ने "गुड गवर्नेंस टू इलेक्शन" विषय पर भारतीय लोकतंत्र के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, राजनीतिक आचरण की गुणवत्ता, प्रशासनिक जवाबदेही और नीतियों के जन-हितैषी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सशक्त और पारदर्शी शासन प्रणाली लोकतंत्र में जनता का विश्वास बढ़ाती है और चुनावी प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुशासन को मजबूत करने, चुनावों में पारदर्शिता लाने और प्रशासन में नैतिक मूल्यों की स्थापना के उपायों पर भी प्रकाश डाला।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा भारतीय प्रबंध संस्थान के निदेशक राम काकानी भी उपस्थित थे।

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया।

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया।

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। सुशासन तिहारआपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई।

सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजनाऔर मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजनाके अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, महापौर रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, इंदर चोपड़ा, श्रीमती पिंकी शाह, श्रवण मरकाम सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजु एस., आयुक्त, रायपुर संभाग महादेव कांवरे, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

नारी सशक्तीकरण और सुशासन की मिसाल है रानी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन –अरुण साव

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रायपुर। रानी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन नारी सशक्तीकरण और सुशासन की मिसाल है। अपने जीवन में तमाम आघातों और विपरीत परिस्थितियों के बीच उन्होंने कुशलता से राजकाज संचालित किया और अनेक कल्याणकारी कार्य किए। केवल इंदौर तक ही सीमित न रहकर उन्होंने पूरे देश में धर्मशालाएं, मंदिर और घाट बनवाए। प्रजा को अपनी संतान मानकर उनके लिए बेहद संवेदनशीलता से कार्य किए।

बालिकाओं को पढ़ाई और विधवा महिलाओं को संतान गोद लेने के अधिकार दिए। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयन्ती के अवसर पर रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण समारोह में ये विचार व्यक्त किए। विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी नवीन विश्राम भवन में आयोजित संगोष्ठी-सह-पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में मौजूद स्कूली और महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर बहुत बहादुर, धैर्यवान, क्षमतावान और हौसलेमंद महिला थी। इन गुणों की बदौलत उन्होंने अपने जीवन में आए संघर्षों और समस्याओं का डटकर सामना किया। प्रजापालक के रूप में अपने दायित्वों का पूरी क्षमता और कुशलता से निर्वहन किया। वे राजकाज के कार्यों के साथ ही युद्ध कौशल में भी प्रवीण थीं। उनका पूरा जीवन हम सबके लिए बहुत प्रेरणादायी है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर साधारण परिवार में पैदा होने वाली असाधारण महिला थी। अपने कार्यों से उन्होंने वीरांगना, लोकमाता और राजमाता का दर्जा हासिल किया। अपने शासन काल में राज्य और प्रजा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अच्छे से निर्वहन किया। उन्होंने सुशासन और परोपकार के नए प्रतिमान स्थापित किए। आज से 300 साल पहले उन्होंने पेयजल और भू-जल रिचार्ज सुनिश्चित करने के कार्य किए।  

चंदेल ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर सफल व्यक्ति की जीवनी को पढ़ना चाहिए। शिखर पर पहुंचने वाले लोगों के जीवन का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता से विचलित होने की जरूरत नहीं है। असफलता में ही सफलता का राज छुपा है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कार्यक्रम में अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर सर्वगुण संपन्न, प्रजाहितैषी और न्यायप्रिय शासक थी। उनके गौरवशाली जीवन से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं।

महापौर श्रीमती चौबे ने बताया कि रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन के विविध पक्षों को बच्चों और युवाओं के सामने लाने रायपुर नगर निगम द्वारा अलग-अलग वर्गों में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। चित्रकला स्पर्धा में सीनियर वर्ग में 27 और जूनियर वर्ग में 83 बच्चों ने भाग लिया। वहीं निबंध लेखन में सीनियर वर्ग में 40 और जूनियर वर्ग में 58 प्रतिभागी शामिल हुए। दोनों स्पर्धाओं में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के कुल 208 विद्यार्थियों ने भागीदारी की। रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, आयुक्त विश्वदीप, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्य, जोन अध्यक्ष और पार्षदों सहित दोनों स्पर्धाओं के प्रतिभागी विद्यार्थी तथा उनके अभिभावक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हर जरूरतमंद के साथ राज्य सरकार खड़ी है, जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुशासन मतलब है अच्छा शासन। सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। उन्होंने नारायणपाल के देवगुड़ी परिसर में आम के पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से जीवंत संवाद कर योजनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बिजली व्यवस्था, राशन वितरण, पीएम आवास योजना और महतारी वंदन योजना के साथ ही गांव में राशन कार्ड की स्थिति, राशन की उपलब्धता, शिक्षकों और पटवारियों की उपस्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जानकारी ली। महतारी वंदन योजनाकी लाभार्थी श्रीमती सरिता कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, महतारी वंदन से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और बच्चों के इलाज में करती हैं। जगमोहन कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण पूरा होने की जानकारी दी।

श्रीमती ललिता बघेल ने बताया कि पहले उन्हें बेल मेटल का काम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। अब बिहान योजना के तहत उन्हें 15,000 रूपए की सहायता और बैंक से 1.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल रहा है, जिससे उनका काम बेहतर तरीके से चल रहा है। श्रीमती पदमिनी ठाकुर ने बताया कि वे ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के निर्माण से जुड़ी हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री को फूड बास्केट भेंट किया।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लसमें जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजनामें जिन महिलाओं का नाम नहीं जुड़ा है, उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जल्द ही इसका विस्तार सभी ग्राम पंचायतों में होगा।

अनेक विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर अनेक घोषणाएं की, जिनमें नारायणपाल माध्यमिक शाला भवन के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के लिए 20 लाख रूपए, स्ट्रीट लाईट, हाई मास लाईट के लिए 15 लाख रूपए, व्यावसायिक परिसर हेतु 20 लाख रूपए, सी.सी. रोड 600 मी. (गोवर्धन भाटा से बोधघरा घर तक) 15 लाख रूपए, पुलिया 2 मी. स्पान 2 नग के लिए 12 लाख रुपए, सी.सी सड़क धरमु घर से नाव घाट तक 9 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत के कार्यों की घोषणा की।

नारायणपाल में मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की वन समिति के 11 हितग्राहियों को वाहन का वितरण किया। इसमें कोटमसर, तीरथगढ़ और कामानार के वन समिति के हितग्राही शामिल थे। उन्होंने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट और किताबें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार द्वारा बीते डेढ़ वर्ष में किए गए कार्यों की जमीन हकीकत का मूल्यांकन और जनता जनार्दन से संवादकर फीडबैक प्राप्त करना है। राज्य शासन का लक्ष्य जनसेवा है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन है। मुख्यमंत्री साय ने यह बातें कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में वनोपज आधारित रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि इमली एवं रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति बनाकर वैल्यू एडिशन करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने रेशम, मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के मद्देनजर अधिकारियों को रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने एवं गैस सब्सिडी के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों, विशेषकर सीमांकन से संबंधित मामलों को 15 जून के पूर्व निराकृत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में मक्का प्रमुख फसल है, इसे उन्न्त तकनीक से जोड़कर उत्पादकता में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें तथा सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए भी विशेष प्रयास करें।

प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने त्रुटि सुधार कार्यों, विशेषकर नाम वर्तनी संबंधी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कोंडागांव जिले में अप्रारंभ आवासों की संख्या अधिक होने पर इसका त्वरित निराकरण तथा राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों को भी अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, रिटेंडर प्रक्रिया, मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर डोमन सिंह, आई.जी. सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार 2025 : सुशासन तिहार में वनांचल के किसान गोवर्धन को मिला किसान किताब की द्वितीय प्रति सुशासन तिहार में अपने आवेदन पर शीघ्रता से काम होने पर

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बालोद। सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर कोटागांव में किसान किताब की द्वितीय प्रति मिलने पर किसान गोवर्धन ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव में आयोजित समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में पहुंचे ग्राम धोतिमटोला के किसान गोवर्धन हल्बा ने बताया कि उनका पहले जो किसान किताब था, वह बहुत पुराना होने के कारण उसे उपयोग में नहीं ला पा रहे थेजिससे बहुत कठिनायों का सामना करना पड़ रहा था। 

नया किसान किताब बनाने के लिए काफी समय से सोंच रहे थे, लेकिन नहीं बनवा पा रहा था। गोवर्धन ने बताया कि सुशासन तिहार की जानकारी गांव में मुनादी द्वारा मिलने पर उन्होने पंचायत में जाकर नया किसान किताब बनाने के लिए आवेदन किया और आज उन्हें समाधान शिविर में निःशुल्क नया किसान किताब मिल गया।

नया किसान किताब के लिए किसी प्रकार की राशि भी नहीं लगा है। गोवर्धन ने कहा कि सुशासन तिहार बहुत मददगार साबित हुआ है। उन्होंने सुशासन तिहार आयोजन करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। किसान गोवर्धन ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर सभी किसानों के लिए बहुत अच्छा है। उनके आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से बहुत सारी योजनाओं की जानकारी मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के सुशासन ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में उठाया ऐतिहासिक कदम

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 रायपुर : सुशासन के एक साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बैकुंठपुर के शासकीय रामानुज हायर सेकेंडरी स्कूल के मिनी स्टेडियम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महतारी वंदन सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले की 59 हजार और प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाली महतारी वंदन योजना की सफलता का जश्न मनाया गया।


सुशासन दिवस पर आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन के मुख्य अतिथि बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह महिलाओं को एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन में आर्थिक मजबूती आई है।

महतारी वंदन सम्मेलन में कोरिया कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में बदलाव के लिए यह बेहतर कदम है। यह योजना महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य को भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस पैसे का उपयोग अपने स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं पर करें।

महतारी वंदन योजना के लाभार्थी जिले के विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने योजना से अपने जीवन में आए बदलाव की कहानियां साझा कीं। लाभार्थियों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और अब उनके जीवन में नए अवसर आए हैं। सम्मेलन के दौरान महिला जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी योजनाओं, महिला अधिकारों और स्वास्थ्य जागरूकता के विषय में जानकारी दी गई। यह शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ।

महतारी वंदन सम्मेलन ने महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यह आयोजन सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और महिलाओं को समाज के मुख्यधारा में लाने के प्रयासों का प्रतीक बन गया। महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को केवल आर्थिक मजबूती ही नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास भी कराया है।

CG NEWS : खुशहाल एक साल इवेंट साइंस कॉलेज चौपाटी में आयोजित

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की दास्तान और पिछले एक साल की उपलब्धियों को लोगों के बीच ले जाने के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित खुशहाल एक साल इवेंट शाम को घूमने फिरने निकलने वाले युवाओं को बहुत भा रहा है ।


इसी कड़ी में 19 दिसंबर को साइंस कॉलेज स्थित चौपाटी में इवेंट आयोजित किया गया। युवा सड़क किनारे रुक कर आयोजन के ज़रिए छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं को जानने के लिए उत्सुक दिखे ।इवेंट में राह चलते लोगों ने भी रुक कर न केवल कार्यक्रम में हिस्सेदारी निभाई, बल्कि सही जवाब देकर विजेता भी बने । यहाँ न केवल एनआईटी एवं साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, चौपाटी में सैर करने आए लोगों ने भी इवेंट में हिस्सा लेने में बड़ी दिलचस्पी दिखायी ।


ख़ुशहाल एक साल इवेंट में गुदगुदा देने वाले टंग ट्विस्टर गेम्स , छत्तीसगढ़ की पहचान बताते गीत , पासिंग द बॉल , शासकीय योजनाओं के पांपलेट देखकर योजनाओं की जानकारी देना आदि मनोरंजक आयोजन के साथ क्विज भी रखा जाता है। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को बिहान के स्व सहायता समूहों की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद उपहार स्वरूप दिए गए। इसके साथ ही चौपाटी स्थित फ़ूड जोन के गिफ्ट वाउचर्स भी प्रदान किए गए।

डिजिटल युग में छत्तीसगढ़: मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन

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आज जब पूरी दुनिया डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रही है, भारत भी इस बदलाव की अगुवाई कर रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य भी ’’डिजिटल युग’’ में कदम से कदम मिलाते हुए अपने विकास की कहानी लिख रहा है। बीते कुछ महीनों में, छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रगति और सुशासन की दिशा में जो उल्लेखनीय कदम उठाए हैं, वे न सिर्फ राज्य को विकास की ओर ले जा रहे हैं, बल्कि प्रदेश के नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुविधाजनक बना रहे हैं। यह विकास प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व का प्रमाण है।


डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ राज्य ने सरकार की योजनाओं और कार्यों को पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए डिजिटल तकनीक को अपना प्रमुख साधन बनाया है। जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ’’ई-ऑफिस’’ प्रणाली लागू की है, जिसके माध्यम से सरकारी दस्तावेजों का प्रबंधन, सुरक्षा और फाइलों का निपटारा तेजी से किया जा रहा है। इस कदम से न केवल सरकारी प्रक्रिया की गति बढ़ी है, बल्कि कामकाज में पारदर्शिता भी आई है। इसी तरह मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़ शासन) में भी डिजिटल रूपांतरण की दिशा में कदम उठाए गए हैं। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को मुख्यमंत्री के रोजमर्रा के कार्यक्रम, राज्य की योजनाओं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ विभिन्न जिलों की जानकारी उपलब्ध होने से आम लोगों को भी सहूलियत होगी। यह डिजिटल पहल न केवल सरकारी कार्यप्रणाली को सरल बना रही है, बल्कि नागरिकों को भी राज्य के विकास में भागीदार बना रही है।

’स्वागतम’ पोर्टल: समय और सुविधा का संगम
छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों के लिए मंत्रालय में प्रवेश को सुगम बनाने के लिए ’स्वागतम’ पोर्टल की शुरुआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से बड़े शहर हो या सुदूर क्षेत्र के लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और उन्हें एसएमएस और ई-मेल के जरिए प्रवेश पास प्राप्त होगा। इससे समय की बचत होगी और कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। यह पहल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बना रही है, बल्कि आम जनता के लिए सरकार के द्वार खोल रही है।

दस महीनों में सुशासन की ओर कदम
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने करीब दस महीनों में ’’सुशासन’’ की एक नई परिभाषा गढ़ी है। सरकार ने विकास के साथ-साथ आम जनता का विश्वास वापस पाने में भी सफलता हासिल की है। ’मोदी की गारंटी’ को पूरा करने के लिए विष्णु सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इन दस महीनों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे जनता को सीधे लाभ मिल रहा है।

डिजिटल छत्तीसगढ़: भविष्य की ओर बढ़ता राज्य
छत्तीसगढ़ का डिजिटल सफर न केवल राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाएगा, बल्कि यह भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी राज्य को तैयार कर रहा है। डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग जहां सरकारी प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी बना रहा है, वहीं यह नागरिकों के लिए भी एक आसान और त्वरित सेवा का माध्यम बन रहा है। ’’मोदी की गारंटी’’ और ’’विष्णु के सुशासन’’ में छत्तीसगढ़ जिस तेजी से डिजिटल युग की ओर कदम बढ़ा रहा है, वह न केवल राज्य के वर्तमान को समृद्ध बना रहा है, बल्कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगा। यह डिजिटल क्रांति प्रदेश के विकास की कहानी का नया अध्याय लिख रही है और छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा में ले जा रही है।

एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों का दौर जारी, पीएचई के कार्यों की हुई समीक्षा

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रायपुर। सुशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के काम में कसावट लाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। वे आज लगातार तीसरे दिन अलग-अलग विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा मुख्यमंत्री सचिवालय, जल जीवन मिशन और विभागीय अधिकारियों के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में बरसात के दिनों में प्रदेश में स्वच्छ पेयजल के लिए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए पीएचई विभाग के टोल-फ्री नम्बर 1800-233-0008 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में जन कल्याणकारी योजनाओं के मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के हर घर में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए शुद्ध पेयजल के लिए जलापूर्ति व्यवस्था के आवश्यक रखरखाव और मरम्मत का कार्य पूर्ण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांवों में नियुक्त किए जाने वाले नल जल मित्रों का प्रशिक्षण कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से यथाशीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग में तकनीकी अमला बढ़ाने के लिए नई भर्तियों के प्रस्ताव भी शीघ्र भेजने को कहा।

मुख्यमंत्री साय ने खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी और जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे उन गांवों में यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में ये मल्टी-विलेज योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इससे दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचेगा।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए संचालन-संधारण नीति जल्द तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जलस्रोतों को रिचार्ज करने मनरेगा के माध्यम से आवश्यक संरचनाओं के निर्माण पर जोर दिया। साव ने ऐसे गांवों में जहां पेयजल आपूर्ति के लिए भू-जल स्रोत नहीं मिल रहे हैं, उन गांवों के लिए नई मल्टी-विलेज योजनाएं राज्य मद से स्वीकृत करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए सीएसआर या डीएमएफ फंड से राशि की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने तेजी से नए नलकूपों के खनन के लिए विभाग में नई ड्रिलिंग मशीनें खरीदने की जरूरत भी बताई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बैठक में बताया कि प्रदेश में अब तक 39 लाख 14 हजार से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा चुका है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 78 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है। राज्य के 3356 गांवों में शत-प्रतिशत, 5093 गांवों में 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तथा 3153 गांवों में 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत घरों में नल का पानी पहुंच रहा है। 

उन्होंने बताया कि गांवों में पंचायतों के द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नल जल मित्र की नियुक्ति की जाएगी। भारत सरकार द्वारा इसके लिए प्रदेश के 33 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा चयनित नल जल मित्रों का प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, और डॉ. बसवराजु एस., क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा, जल जीवन मिशन के एमडी सुनील जैन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता एम.एल. अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बैठक में बताया कि प्रदेश में अब तक 39 लाख 14 हजार से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा चुका है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 78 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है। राज्य के 3356 गांवों में शत-प्रतिशत, 5093 गांवों में 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तथा 3153 गांवों में 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत घरों में नल का पानी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में पंचायतों के द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नल जल मित्र की नियुक्ति की जाएगी।

भारत सरकार द्वारा इसके लिए प्रदेश के 33 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा चयनित नल जल मित्रों का प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, और डॉ. बसवराजु एस., क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा, जल जीवन मिशन के एमडी सुनील जैन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता एम.एल. अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

 

 

विष्णु देव साय सरकार के छह माह : सुशासन के ट्रैक पर विकास ने फिर पकड़ी रफ्तार

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। 


विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। 

साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। 

18 लाख आवास स्वीकृत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

13 लाख किसानों को धान का बोनस

मोदी जी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है।

3100 रूपए में धान की खरीदी

साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।

70 लाख महिलाओं का वंदन 

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है।

रामलला दर्शन योजना

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं।  

तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपए

राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा। 

भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूट

युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2028 तक आयु सीमा में 05 वर्ष छूट का लाभ मिलेगा। 

यूपीएससी की तर्ज पर होगी पीएससी

यूपीएससी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन कर दिया गया है। पीएससी की घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। 

पांच शक्तिपीठों का होगा विकास

राज्य की 5 शक्तिपीठों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। शक्तिपीठों के विकास के लिए चारधाम की तर्ज पर 1000 किलोमीटर की परियोजना शुरू की जाएगी। ग्रामीण घरों को नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

युवाओं के लिए उद्यम क्रांति योजना

राज्य में युवा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यम क्रांति योजना शुरू करते हुए बजट प्रावधान भी कर दिया है। इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है।  

अधोसंरचना और कनेक्टीविटी पर जोर

राज्य में सड़क, रेल और हवाई यातायात की सुविधाओं के विस्तार का काम भी शुरू हो चुका है। बिलासपुर और जगदलपुर से नयी उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान कर दिया गया है। अंबिकापुर और जगदलपुर हवाई अड्डों में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

गरीबों के लिए मुफ्त राशन

छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 34 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए भी बजट में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है।


राजिम कुम्भ कल्प की पुनः शुरूआत

राज्य की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजिम मेले का आयोजन पुनः उसके व्यापक स्वरूप में राजिम कुंभ कल्प के रूप में शुरू कर दिया गया है। बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और सहायता दी जा रही है।

रायपुर में आईटी हब बनाने का काम शुरू

रायपुर को आईटी हब बनाने का काम शुरू हो गया है। हाल ही में 2 आईटी कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है, उन्हें फर्नीस्ड बिल्डअप एरिया भी उपलब्ध करा दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को बेंगलुरू की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। 

शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य योजना

राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। राज्य के दो बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर (सिम्स) में भवन के विस्तार और सुविधाओं के विकास का काम शुरू कर दिया गया है।

आईआईटी की तर्ज पर प्रौद्योगिकी संस्थान

राज्य में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जाएगा। राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना की जाएगी। 

राज्य-राजधानी क्षेत्र का विकास (एससीआर)

ऱाष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विकास योजना की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य में शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। 

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ आयोजित करने के लिए बजट में पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता के लिए खनिज परिवहन हेतु ऑनलाइन ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः प्रारंभ की गई है। इससे राज्य को मिलने वाले राजस्व में वृद्धि होगी।

आर्थिक सलाहकार परिषद 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं से परामर्श करने तथा देश और दुनिया में चल रहे बेस्ट प्रैक्टिस को राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन करने का निर्णय लिया गया है।

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