Media24Media.com: सुगम

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label सुगम. Show all posts
Showing posts with label सुगम. Show all posts

रियल इस्टेट सेक्टर को मंदी से उबारने अनुकूल निर्णयों के लिए क्रेडाई ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किया सम्मान

No comments Document Thumbnail

रायपुर। रियल इस्टेट सेक्टर को मंदी से उबारने तथा लोगों के लिए घर एवं भूखंड की खरीदी को सुगम बनाने राज्य शासन द्वारा लिए गए फैसलों के लिए क्रेडाई (Confederation of Real Estate Developers’ Associations of India) ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया है। क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवा रायपुर में बढ़ता हुआ छत्तीसगढ़की थीम पर आयोजित स्टेटकॉन-2023 में मुख्यमंत्री बघेल को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में क्रेडाई छत्तीसगढ एप को लांच किया। उन्होंने भिलाई, दुर्ग एवं बिलासपुर में क्रेडाई के यूथ विंग का इन्सटॉलेशन भी किया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर भी स्टेटकॉन-2023 में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्टेटकॉन-2023 को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सचेत रहकर लोगों के हित के लिए लगातार व्यावहारिक फैसले लिए हैं। राज्य शासन ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों की जेब में एक लाख 60 हजार करोड़ रूपए डाले हैं। लोगों के हाथ में पैसा रहने से यहां हर सेक्टर में उछाल आया है। कोरोना काल में लॉक-डाउन के बाद पूरे देश में छत्तीसगढ़ में सबसे पहले उद्योगों और कारखानों में काम दोबारा प्रारंभ हुए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की कठिन हालातों के बीच भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों तथा मनरेगा के जरिए श्रमिकों को राशि उपलब्ध कराई गई। दूसरे राज्यों की तरह यहां शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की गई, उनके हाथों में पूरा वेतन गया। 

इस तरह हर वर्ग के लोगों के पास पैसे रहने से हर सेक्टर में व्यवसाय-व्यापार में बढ़ोतरी हुई। रियल स्टेट सेक्टर को भी इसका फायदा मिला। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जमीन की गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत की कटौती से भूखंडों की खरीदी-ब्रिकी में तेजी आई। ज्यादा रजिस्ट्री होने से शासन का राजस्व बढ़ा। छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री से प्रतिबंध हटाने और गाइडलाइन दरों में कमी से इससे मिलने वाला राजस्व 1100 करोड़ रुपए से बढ़कर 1500 करोड़ रुपए हो गया। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा रहा है। नोटबंदी, कोरोना महामारी और लॉक-डाउन के कारण इस क्षेत्र में मंदी आ गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेक्टर को मंदी से उबारने और लोगों को राहत देने के लिए अनुकूल फैसले लिए। जल्दी ही रियल स्टेट सेक्टर मंदी को पीछे छोड़ते हुए सरपट दौड़ने लगा। 

उन्होंने कहा कि रायपुर में एयरो सिटी और व्होल-सेल कॉरिडोर का काम जल्दी शुरू होगा जिससे यहां के व्यापार व व्यवसाय को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में क्रेडाई की मांग पर प्रदेश में अब रेरा अधिनियमों के प्रभावी होने पर कॉलोनाइजर लाइसेंस की जरुरत का परीक्षण कराने की बात कही। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी रियल इस्टेट के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के संबंध में भी परीक्षण की बात कही। स्टेटकॉन-2023 को संबोधित करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को बहुत कुछ दिया है। कोयला, लोहा, बॉक्साइट जैसे खनिज हैं, प्रचुर वन संपदा है, उपजाऊ भूमि है, पर्याप्त जल है, सस्ती बिजली है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में रियल इस्टेट सेक्टर को गति देने के लिए इसके अनुकूल निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने क्रेडाई से कम आय वाले लोगों के लिए भी आवास का सपना पूरा करने के लिए पहल करने को कहा। क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज गौर ने कार्यक्रम में रियल स्टेट सेक्टर के अनुकूल फैसलों के लिए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यहां कॉलोनाइजर्स और डेवलपर्स के लिए शुरू सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम से इससे संबंधित कार्यवाहियों में तेजी आई है और काम सुगमता से होने लगे हैं।

                                

क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  संजय रहेजा ने कहा कि हम लोग रियल इस्टेट क्षेत्र की परेशानियों को लेकर जब-जब मुख्यमंत्री के पास गए हैं, उनसे भरपूर सहयोग मिला है। उनकी पहल पर राज्य शासन द्वारा लिए गए फैसलों से इस क्षेत्र में अभूतपूर्व तेजी आई है। रियल स्टेट, ऊर्जा, वनोपज और कृषि सहित कई क्षेत्रों में राज्य ने नई ऊंचाई पिछले तीन-चार वर्षों में हासिल की है। क्रेडाई के राष्ट्रीय सचिव जी. राम रेड्डी, एक्जिक्युटिव कमेटी के सदस्य शांतिलाल कटारिया, नेशनल सेन्ट्रल जोन के उपाध्यक्ष आनंद सिंघानिया और क्रेडाई छत्तीसगढ़ के सचिव पंकज लाहोटी सहित क्रेडाई के राष्ट्रीय और छत्तीसगढ़ इकाई के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य स्टेटकॉन-2023 में मौजूद थे।      

छत्तीसगढ़ में सुगम तथा सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालन कौशल को विकसित करने की अहम पहल

No comments Document Thumbnail

रायपुर. छत्तीसगढ़ में सुगम तथा सुरक्षित यातायात के लिए नवा रायपुर में संचालित इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च संस्थान छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विगत दिवस 9 दिसम्बर 2021 को परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ हुआ था. संस्थान में अब तक विगत 6 माह में 5 हजार से अधिक प्रशिक्षु, वाहन चालन तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े हुए नियमों का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं.


संस्थान में इस वर्ष जनवरी माह से आधिकारिक रूप से प्रशिक्षण आरम्भ होने के उपरांत अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने प्रशिक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए जानकारी साझा की है कि यहां सड़क सुरक्षा में जागरूकता लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गए आकड़ों के अनुसार 72 प्रतिशत दुर्घटनाओं में वाहन चालकों को दोषी पाया गया है। इसे संज्ञान में लेते हुए संस्था ने 4 हजार से अधिक भारी वाहन चालकों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रदान किया गया है। 

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथामिकता के आलोक में स्कूल बस चालकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, इसके तहत प्रदेश भर के 800 से अधिक स्कूल बस चालक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से अब तक लाभान्वित हो चुके है. इसके अलावा 350 से अधिक शासकीय वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण देते हुए मॉडल चालक बनने हेतु प्रेरित किया गया है, प्रशिक्षण निरंतर जारी है।

परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं मारुती सुजुकी इंडिया लिमिटेड के संयुक्त तत्वाधान में संचालित इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च संस्थान में आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 20 एकड के क्षेत्रफल में विशेष ड्राइविंग ट्रैक से ड्राइविंग प्रशिक्षण देने की योजना कार्यान्वित हुई। संस्थान में एक साथ 300 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण लेने के लिए 5 स्मार्ट क्लासरूम तथा विशालकाय ऑडिटोरियम का उपयोग किया जा रहा है। उच्च स्तर के प्रशिक्षक सड़क सुरक्षा से जुड़ी बारीकियों से छत्तीसगढ़ राज्य के चालकों को प्रशिक्षित कर रहे है। 



संस्थान में 80 प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण एवं कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।वाहन चालन कौशल को बढ़ावा देने हेतु शासन ने महिला वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त छूट की भी घोषणा की है। नये चालकों में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उनमें विशेष उत्साह देखा गया। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाये जा रहे इन कार्यक्रमों के जरिए राज्य के चालकों में वाहन चालन कौशल का विकास होगा एवं उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 

साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता आएगी और राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सकेगी। बढ़ती हुई ईंधन की कीमतों को ध्यान में रखते हुए संस्थान में ईंधन बचत के लिए वाहन चालकों में जागरूकता लाने हेतु भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके अलावा संस्थान में ज्वलनशील प्रदार्थ एवं खतरनाक रसायन के परिवहन में वाहन चालकों के लिए कार्यक्रम तैयार किये गए हैं।

लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) अध्यक्ष संजय शर्मा एवं संस्थान के संयुक्त संचालक अमित गुप्ता के सतत् पर्यवेक्षण में संस्था में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विशेष रूप से दुर्घटना से जुड़े कारण एवं निवारण, रक्षात्मक वाहन चालन, सड़क संकेत एवं सिग्नल, प्राथमिक उपचार, सड़क संबंधी नियम एवं उल्लंघन करने से होने वाली दंडात्मक कार्यवाही, फाइन और पेनल्टी से जुड़े हुए नियम, कठिन परिस्तिथियों में वाहन चालन का कौशल इत्यादि विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षुओं को ऑडियो-वीडियो माध्यम से तरीके से अवगत कराया जा रहा है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.