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मंत्रिपरिषद के निर्णय : सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत जिला स्तर पर स्थानांतरण 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री द्वारा और राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से होंगे, आवेदन 6 जून से 13 जून तक स्वीकार किए जाएंगे।

न्यूनतम दो वर्ष सेवा अनिवार्य है, गंभीर बीमारी, मानसिक/शारीरिक अक्षमता और सेवा निवृत्ति से पूर्व एक वर्ष के मामलों में विशेष सुविधा मिलेगी। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण हेतु एवजीदार अनिवार्य है, साथ ही सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जैसे जिलों में रिक्त पदों को भरने का विशेष प्रयास रहेगा। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग की कुल संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचाारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत स्थानांतरण किए जा सकेंगे। परीविक्षाधीन अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

यह भी पढिए...मंत्रिपरिषद के निर्णय -(पीडीएफ) 

पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, ग्रामीण-शहरी संतुलन और पारदर्शिता के लिए राज्य स्तर के सभी स्थानांतरण आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से जारी होंगे। जिला स्तर पर निर्धारित समयावधि में स्थानांतरण जारी कर उसी तिथि को आदेश की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को मेल करना होगा।

सभी जिला स्तरीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण 5 जून 2025 से समाप्त माना जाएगा और जहां किसी कर्मचारी की आवश्यकता होगी स्थानांतरण नीति के अनुरूप स्थानांतरण किया जा सकेगा।

स्थानांतरण के विरूद्ध 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को अभ्यावेदन किया जा सकेगा। 25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, अत्यंत आवश्यक होने पर समन्वय में अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण किया जा सकेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी के घोषणानुसार ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम ‘‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा‘‘ किये जाने का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 फरवरी 2024 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत दामाखेड़ा में आयोजित संत समागम समारोह ‘‘मांघीमेला‘‘ में सम्मिलित होकर दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा नाम किए जाने की घोषणा की थी।

मंत्रिपरिषद द्वारा कबीरधाम जिले के कवर्धा तहसील के ग्राम पंचायत गदहाभाठा का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत सोनपुर तथा बोड़ला तहसील के ग्राम पंचायत चण्डालपुर का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत चन्दनपुर किए जाने का निर्णय लिया गया। 

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की कला, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य में कलाग्राम की स्थापना हेतु नवा रायपुर अटल नगर में संस्कृति विभाग को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने तथा उक्त भूमि के विरूद्ध प्रतिपूर्ति राशि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा और स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस अकादमी में आउटडोर व इनडोर (एसी) तीरंदाजी रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, छात्रावास एवं आवासीय सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को शहरों में किफायती एवं सस्ते भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया।

इससे लोगों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर पर भूखंड उपलब्ध कराकर पानी, बिजली, सड़क, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी। अवैध प्लाटिंग की रोकथाम के साथ ही लोगों को सुव्यवस्थित कॉलोनियों का विकल्प मिलेगा और राज्य में रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में युवा कल्याण के विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों व्यक्ति एवं संगठनों को सम्मानित करने के लिए युवा रत्न सम्मान योजना शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत युवा कल्याण के क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा स्वैच्छिक संगठनों को ‘‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान‘‘ से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान हर वर्ष राज्य के एक युवा और एक स्वैच्छिक संस्था को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाएगा। इसमें युवा को पदक, प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम 2.50 लाख रूपए, जबकि संस्था को अधिकतम 5 लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

इसके साथ ही सामाजिक, साहित्य, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कला-संगीत तथा लोककला के क्षेत्र में ‘‘युवा रत्न सम्मान‘‘ प्रदान किया जाएगा। युवा रत्न सम्मान प्रत्येक वर्ष उपरोक्त क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित एक-एक युवाओं को प्रदान किया जाएगा। जिसमें पदक, पदक प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम एक लाख रूपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान केवल महिलाओं और बालिकाओं को दिया जाएगा।

आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी, सरकारी उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति पात्र नहीं होंगे। एक व्यक्ति या संस्था को एक ही साल में एक ही श्रेणी का पुरस्कार मिल सकता है और एक श्रेणी का पुरस्कार किसी को दोबारा नहीं दिया जाएगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत प्रशिक्षक (कोच) के पद पर भर्ती हेतु राष्ट्रीय क्रीडा संस्था पटियाला से प्रशिक्षक के डिप्लोमा के मापदण्ड को एक वित्तीय वर्ष के लिए शिथिलीकरण करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30‘‘ का अनुमोदन किया गया।

होमस्टे नीति का उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के गांवों और विशेषकर बस्तर और सरगुजा के दूर-दराज के इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे वहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। होमस्टे के ज़रिए पर्यटकों को गांव की संस्कृति, कला, शिल्प और प्रकृति से जुड़ा खास अनुभव मिलेगा, साथ ही, इससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। यह एक तरह से ओकल फॉर लोकल के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश में ग्रामीण पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा।

नई पीढ़ी को संस्कार और संस्कृति से जोड़ना महत्वपूर्ण कार्य : सीएम विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव 2024 का शुभारंभ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारवान् बनाने और भारतीय संस्कृति से जोड़ने में विद्या भारती द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय संस्कृति महोत्सव में नई पीढ़ी के बच्चे अपने सांस्कृतिक गौरव से परिचित होंगे। साथ ही वे संस्कारवान् भी बनेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन के लिए सरस्वती शिशु मंदिर रोहिणीपुरम में आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृति की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि उनका सरस्वती शिशु मंदिर से बचपन से जुड़ाव रहा है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन हेतु क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई शिक्षा नीति बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सहायक सिद्ध होगी और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने विद्यार्थियोें के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हुए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

रायपुर लोक सभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने इस मौकेे पर खरोरा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सांस्कृतिक भवन के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की राशि स्वीकृति की मंजूरी दी। कार्यक्रम को विद्या भारती के पदाधिकारी भाल चंद्र रावले, प्रकाश ठाकुर और शशिकांत फड़के ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू और पुरन्दर मिश्रा, विद्या भारती के सचिव विवेक सक्सेना सहित वल्लभ लाहोटी, अन्य गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

भाजपा आलाकमान ने वसुंधरा राजे को बुलाया दिल्ली, सीएम पद पर हो सकती है चर्चा

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राजस्थान। भाजपा आलाकमान ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को दिल्ली बुलाया है। राजे कुछ देर बाद दिल्ली के लिए रवाना होगीं। कल सुबह वे पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात करेंगी। इस दौरान सीएम पद को लेकर चर्चा हो सकती है।

राजस्थान के सीएम को लेकर एक बार हलचल तेज हो गई है। भाजपा आलाकमान ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को दिल्ली बुलाया है। राजे आज रात  10:30 बजे इंडिगो एयरवेज की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना होगीं।

गुरुवार कल सुबह वसुंधरा राजे की जेपी नड्डा (JP Nadda) और अमित शाह से मुलाकात हो सकती है। इस मुलाकात से पहले दो बातें निकलकर सामने आईं हैं। पहली ये कि भाजपा आलाकमान(high command) किसी सीएम के चेहरे पर अपनी सहमति बन चुका है। जिसके नाम पर वसुंधरा राजे को भी सहमत करना चाहता है। वहीं, चर्चा ये है कि पार्टी आलाकमान एक फिर राजस्थान की सत्ता वसुंधरा राजे के हाथ में सौंपना चाहता है।

सीएम से हुई छोटी सी मुलाकात में ही स्कूली बच्चों की मांग हुई पूरी

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बालोद। जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की स्कूली बच्चों के साथ हुई छोटी सी मुलाकात में ही उनकी मांग पूरी हुई है। मुख्यमंत्री बघेल विगत माह फरवरी में एक कार्यक्रम में शामिल होने जिले के बालोद विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी पहुँचे थे। जहां कार्यक्रम से वापस लौटने के दौरान स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो लेने की ईच्छा जाहिर की। जिस पर मुख्यमंत्री बघेल ने बच्चों के पास पहुंचकर बड़े ही उत्साह भरे माहौल में बच्चों के साथ फोटो खिंचवाया। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री से अपने स्कूल के लिए नए भवन बनाने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को नया भवन निर्माण कराने का भरोसा दिलाया था।

मुख्यमंत्री द्वारा बच्चों को दिए गए इस भरोसे को त्वरित अमल में लाने जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गई। जिसके फलस्वरूप शासन द्वारा ग्राम पीपरछेड़ी में हायर सेकेंडरी स्कूल के नवीन भवन निर्माण हेतु 01 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति उपरांत अब स्कूल भवन निर्माण हेतु कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बच्चों को दिए गए नवीन स्कूल भवन निर्माण के भरोसे को अब अमल में लाया जाएगा और स्कूली बच्चों को नवीन भवन की सौगात प्रदान की जाएगी।

'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' में प्रदेश के युवाओं और महिलाओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : सीएम

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रायपुर। समूह की अध्यक्ष शमशुन निशा बताती हैं कि समूह के गठन से वे गौठान में विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर कार्य कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में समूह में 10 सदस्य हैं, जिनमें से 03 महिला सदस्यों के द्वारा बाड़ी विकास का कार्य किया जा रहा है। समूह की सचिव अंजुलता ने बताया कि हम पहले ही घरों में छोटे स्तर पर आवश्यकतानुसार सब्जियां लगाते थे, और जब गौठान में बड़े पैमाने पर समूह की महिलाओं के साथ मिलकर काम करने का मौका मिला तो पहले की प्रैक्टिस से ये काम और आसान हो गया।



उन्होंने बताया कि विगत 5 महीनों से हम बाड़ी विकास का कार्य कर रहें हैं। 25 हजार की लागत से बाड़ी विकास का काम शुरू किया। वर्तमान में यहां मटर, बैगन, मूली, आलू तथा भाजी लगाए गए हैं। जिसका विक्रय कर महिलाओं को 45 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ हुआ है और लगातार मुनाफा बढ़ रहा है। स्थानीय बाज़ारों में ही सब्जियों की खपत हो जाती है। महिलाएं कहती हैं कि जब से हम यह कार्य कर रहीं हैं अच्छी आमदनी से आर्थिक रूप से सशक्त होकर घर-परिवार की ज़रूरतों को पूरा कर पा रहीं हैं।

प्रदेश में 98690 बाड़ियां, 4429 सामुदायिक बाडियां

नरवा गरूआ घुरूवा बाड़ी योजना विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में अद्यतन 98690 बाड़ियां विकसित कर ली गई हैं। प्रदेश में निर्मित 8408 गौठानों में 39090 हितग्राहियों के साथ 4429 सामुदायिक बाडियां संचालित हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी और गोधन न्याय योजना आमजनों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। ग्रामीण परिवेश में निवासरत लोगों के लिए यह योजना आर्थिक उन्नति का माध्यम बनकर उभरी है। योजनांतर्गत जिले के गौठानों में स्वसहायता समूह की महिलाएं सब्जी उत्पादन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं।

'जैविक खेती को अलग-अलग पैच की बजाय क्लस्टर में कराया जाए' : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में रासायनिक खाद पर निर्भरता को खत्म करने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। इसके लिए जैविक खेती को अलग-अलग पैच में कराने के बजाय क्लस्टर में कराने की बात उन्होंने कही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सचिव स्तर के अधिकारियों से विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन पर जानकारी लेते हुए विभागीय समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा भी की।



कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गर्मी में धान की फसल के लिए बांधों से पानी नहीं देना चाहिए, ताकि जुलाई के समय के लिए पानी बांधों में रहे। गर्मी के सीजन में दलहन-तिलहन को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं मुख्यमंत्री ने धान के अलावा दूसरी फसलों में भी वर्मी कम्पोस्ट के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को वर्मी कम्पोस्ट उपलब्ध कराते रहें और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित करें।

इससे कृषि के लिए रासायनिक खाद पर निर्भरता खत्म होगी और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।जैविक खेती को अलग-अलग पैच की बजाय क्लस्टर में कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं। इधर गौठान निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि, बड़े आश्रित गांवों में भी गौठान का निर्माण होना चाहिए। गौठान समितियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि, बहुत से किसानों ने लोन लिया है, लेकिन उन किसानों को वर्मी कम्पोस्ट नहीं मिला है। ऐसे किसानों के पास वर्मी कम्पोस्ट पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। 

मांग के अनुरूप बने कार्ययोजना

मुख्यमंत्री बघेल ने ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि, छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहित करना और उन्हें बाजार मुहैया कराना जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सी-मार्ट (छत्तीसगढ़-मार्ट) की शुरुआत की है। सी-मार्ट के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को एक छत के नीचे बाजार मुहैया कराया जा रहा है। जहां एक हजार से अधिक तरह के ग्रामीण उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। 

कम समय में ही सी-मार्ट के माध्यम से 20 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की खरीदी बिक्री हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन उत्पादों की ज्यादा मांग हो, उसके उत्पादन के लिए कार्ययोजना तैयार करें। ऐसे उत्पाद जिनकी मांग दूसरे शहरों से लेकर दूसरे राज्यों से भी है, उनकी उपलब्धता वहां भी सुनिश्चित होना चाहिए।

मल्टीएक्टिविटी सेंटर होगा रीपा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) का निर्माण करा रही है, जहां मल्टीएक्टिविटी होंगे। रीपा के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लघु व मध्यम वर्ग के उद्योग भी संचालित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ा जा सके। इसके लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) का शेड बड़ा होना चाहिए, ताकि वहां मल्टीएक्टिविटी संचालित की जा सके। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि, गोधन न्याय योजना के लिए निर्मित 'गौठान मैप पोर्टल' के माध्यम से ही रीपा की मॉनिटरिंग की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि, गोबर से निर्मित पेंट के उत्पादन पर विशेष तौर से ध्यान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि, शासकीय इमारतों की रंगाई-पोताई के लिए गोबर से निर्मित पेंट का इस्तेमाल हो। उन्होंने कहा कि, इसके लिए गोबर पेंट उत्पादन को बढ़ावा दें ताकि डिमांड पूरी हो सके।

सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्पूर्ण निर्णय

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1-राज्य में प्रचलित मछली नीति के स्थान पर नई मछली पालन नीति लागू करने का अनुमोदन किया गया। नवीन मछली पालन नीति में मछुआरों को उत्पादकता बोनस दिए जाने का प्रावधान किया गया है। मत्स्य महासंघ को जलाशय निविदा से प्राप्त 50 प्रतिशत राशि में से मछुआरों को उत्पादकता बोनस के रूप में दिया जाएगा।



राज्य स्थित अनुपयोगी खदानों को विकसित कर मछली पालन हेतु उपयोग में लाया जाएगा। 

तालाबों/जलाशयों को मछली पालन हेतु पट्टे पर देने के अधिकार के तहत 0 से 10 हेक्टेयर औसत जल क्षेत्र के तालाब/जलाशय को ग्राम पंचायत द्वारा नियमानुसार 10 वर्षीय पट्टे पर प्रदान किए जाएंगे।

 10 से 100 हेक्टेयर तक जनपद पंचायत, 100-200 हेक्टेयर तक जिला पंचायत, 200-1000 हेक्टर मछली पालन विभाग द्वारा 1000 हेक्टेयर से अधिक के जलाशय/बैराज छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य महासंघ द्वारा खुली निविदा आमंत्रित कर 10 वर्ष के लिए पट्टे पर दिया जाएगा।

मत्स्य महासंघ को खुली निविदा से प्राप्त आय का 50 प्रतिशत रायल्टी राज्य शासन के खाते में जमा करनी होगी।

 एनीकट और उन पर स्थित दह (डीप पूल) जो 20 हेक्टेयर से अधिक के हों उसे उन मछुआरों को जो एनीकट्स/ डीप पूल के आस पास के ग्रामीण जो मत्स्याखेट से जीवन यापन करते हैं, उनकी सहकारी समिति का गठन कर पट्टे पर देने की कार्रवाई संचालक मछलीपालन के माध्यम से की जाएगी।

नदियों एवं 20 हेक्टेयर से कमजल क्षेत्र वाले एनीकट/डीपपूल में निःशुल्क मत्स्याखेट की व्यवस्था यथावत रहेगी। 

 गौठानों हेतु निर्मित तालाबों में मछली पालन का कार्य गौठान समिति या उनके द्वारा चिन्हित समूह द्वारा की जाएगी।

 पंचायतों द्वारा लीज राशि में बढ़ोतरी प्रति दो वर्ष में 10 प्रतिशत निर्धारण किया जाएगा। जिससे पंचायतों की आय में वृद्धि हो एवं उक्त राशि से ग्रामीणों के हित में विकास कार्य कराए जाए।

आदिवासी मछुआ सहकारी समिति में गैर आदिवासी सदस्यों का प्रतिशत 33 से घटाकर 30 प्रतिशत करने प्रावधान किया गया है।

अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासी मछुआ सहकारी समिति का अध्यक्ष का पद अनिवार्य रूप से अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित रहेगा।

2-प्रदेश में स्वीकृत सहायक आरक्षकों के पदों को समाप्त कर डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग के सृजन की स्वीकृत के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इससे पुलिस विभाग के सहायक आरक्षकों के वेतन संबंधी विसंगति को दूर होगी और प्रदेश के समस्त सहायक आरक्षकों को नियमित वेतनमान प्राप्त होगा।

3-स्थानांतरण नीति 2022 के परिपेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया कि इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया जाएगा, जिसके सुझाव/अनुशंसा के आधार पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।

4-प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-2023 का विधान सभा में उपस्थापन बाबत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2022 के प्ररूप का अनुमोदन किया गया।

5-विधान सभा के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं सदस्यों के वेतन एवं भत्तों संशोधन विधेयक 2022 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

6-छत्तीसगढ़ मंत्री (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1972 में संशोधन विधेयक, 2022 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

7-माननीय मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद में प्रावधानित वार्षिक राशि 40 करोड रूपए की सीमा को बढ़ाकर 70 करोड़ रूपए किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

8- क्षेत्र संयोजक से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के पद पर पदोन्नति हेतु न्यूनतम कालावधि  05 वर्ष में 06 माह की छूट प्रदान करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

9-वर्ष 2022-23 के लिये आबकारी राजस्व लक्ष्य एवं गौठान के विकास तथा अन्य विकास गतिविधियों के लिये अतिरिक्त राशि की आवश्यकता की प्रतिपूर्ति हेतु ‘‘अतिरिक्त आबकारी शुल्क‘‘ में वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

10-विघटित परिवहन निगम के अधिकारियों ध् कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु होने पर आश्रित परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन किया गया।

11-छत्तीसगढ़ भू-जल (प्रबंधन और विनियमन) विधेयक-2022,( Chhattisgarh Ground water (Management and Regulation) Bill, 2022)के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

12-छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व एवं पश्चात् मोटरयानों पर बकाया कर के एकमुश्त निपटान योजना-2020 (One Time Settlement ) की मियाद अवधि एक अप्रैल 2022 से माह मार्च 2023 तक बढ़ाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

13- अपै्रल 2020 से मार्च 2022 कुल 24 माह का सिटी बसों पर बकाया रोड टैक्स की  राशि 99.95 लाख को छूट प्रदान करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

14-औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी के दुष्प्रभाव के कारण एचव्ही-4 श्रेणी के स्टील उद्योग अंतर्गत स्टेंड एलोन रोलिंग मिल को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए राज्य शासन द्वारा विशेष राहत पैकेज अंतर्गत ऊर्जा प्रभार में 01 जुलाई 2022 से 31 मार्च 2023 तक छूट दिए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

15-छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क अधिनियम, 1949 (क्रमांक ग् सन् 1949) में और संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

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