Media24Media.com: सिलक्यारा सुरंग

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label सिलक्यारा सुरंग. Show all posts
Showing posts with label सिलक्यारा सुरंग. Show all posts

Silkyara Tunnel : उम्मीद में बीता 12वां दिन...सूरज चढ़ता गया, इंतजार बढ़ता गया, सुरंग पर लगी रहीं निगाहें

No comments Document Thumbnail

उत्तरकाशी। सिलक्यारा सुरंग (Silkyara Tunnel) के भीतर फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने का उत्साह गुरूवार को दिनभर उतार चढ़ाव लेता रहा। सूरज चढ़ता गया और अड़चनों की वजह से मजदूरों के बाहर आने का इंतजार बढ़ता रहा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी देर शाम तक ऑपरेशन सिलक्यारा (Operation Silkyara)के सफल होने का इंतजार कर रहे थे।

बुधवार की रात को चले अभियान की रफ्तार से ये उम्मीद जताई जा रही थी कि गुरूवार की सुबह तक सभी 41 मजदूर सकुशल बाहर आ जाएंगे, लेकिन रात को अमेरिकन ऑगर डि्ल (American Auger Drill) मशीन की राह में लोहे के सरिये व गाटर आ गए जो टनल के भीतर के स्ट्रक्चर के लिए लगाए गए थे। इससे मशीन का पुर्जा भी टूट गया। मशीन रोकनी पड़ी।

इसके बाद एनडीआरएफ (NDRF) के जवान ने करीब 40 मीटर तक पहुंचे 800 मिमी पाइप के भीतर घुसकर रुकावट को देखा। उन्होंने इसे काटने की सलाह दी, जिसके लिए गैस कटर मंगाया गया। भीतर ऑक्सीजन (oxygen) कम होती है। गैस कटर चलाने पर ये और कम हो जाती है। लिहाजा, पहली टीम जब इसे काटने के लिए पहुंची तो वह सफल नहीं हो पाई।

उत्तरकाशी हादसा : शुक्रवार की दोपहर को होगी 41 मजदूरों की जिंदगी की नई सुबह, 10 मीटर की ड्रिलिंग बाकी

No comments Document Thumbnail

उत्तराखंड। सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए मलबे में की जा रही ड्रिलिंग के दौरान आई बाधा को दूर करने के बाद गुरुवार को फिर से बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। अधिकारी बुधवार रात के दौरान बचाव अभियान के पूरा होने की संभावना देख रहे थे लेकिन मलबे की ड्रिलिंग के दौरान लोहे का सरिया आने से अभियान में कई घंटे की देरी हुई. अब शुक्रवार (24 नवंबर) की दोपहर को 41 मजदूरों की जिंदगी की नई सुबह हो सकती है।

NDRF की टीम ने बुधवार तक मजदूरों तक पहुंचने के लिए 45 मीटर का रास्ता क्लियर किया था गुरुवार को पाइप को 1.8 मीटर पुश किया गया अब तक 48 मीटर पाइप ड्रिल किया जा चुका है। नोडल सचिव नीरज खैरवाल ने बताया कि मलबे में सरिया आने की वजह से ड्रिलिंग के काम में समस्या आ रही है।

रेस्क्यू टीमों के मुताबिक, अभी 9 मीटर की खुदाई बची है। 6-6 मीटर के 3 पाइप अभी भी डाले जाने बाकी है. एक पाइप डालने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा. उसके बाद ही मजदूरों तक पहुंचा जा सकता है। मजदूरों को टनल से शुक्रवार दोपहर तक निकालने की उम्मीद है।

बचावकर्मियों ने चार धाम मार्ग पर निर्माणाधीन सुरंग के बाड़कोट-छोर पर भी दो विस्फोट किए, जिससे अंदर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए एक और सुरंग को ड्रिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिससे उसमें मलबे के दूसरी ओर श्रमिक फंस गए। अधिकारियों ने कहा कि इससे पहले, सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को छह इंच चौड़े पाइप के माध्यम से सेब, संतरे, मौसमी और केले जैसे फल व इलेक्ट्रॉल जैसी आवश्यक दवाइयां पहुंचाई गईं।

बचावकर्मियों ने चार धाम मार्ग पर निर्माणाधीन सुरंग के बाड़कोट-छोर पर भी दो विस्फोट किए, जिससे अंदर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए एक और सुरंग को ड्रिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिससे उसमें मलबे के दूसरी ओर श्रमिक फंस गए।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.