Media24Media.com: साक्षरता

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label साक्षरता. Show all posts
Showing posts with label साक्षरता. Show all posts

साक्षरता से शिक्षा और शिक्षा से विकास का सीधा संबंध : मुख्यमंत्री बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय वेबीनार में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का दिन अक्षरों के अलख जगाने का दिन है। अक्षर ज्ञान की महत्ता बताने का दिन है। अक्षर ज्ञान के प्रकाश से अपने और समाज के जीवन में सुख और समृद्धि फैलाने का संकल्प लेने का दिन है। वास्तव में अक्षर ज्ञान वह पहला द्वार है जहां से ज्ञान के अनंत रास्ते खुलते है। राज्य स्तरीय वेबीनार का आयोजन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में किया गया। वेबीनार में 15 हजार से अधिक व्यक्ति शामिल हुए।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि साक्षरता से शिक्षा और शिक्षा से विकास का सीधा संबंध है आज का दिन देश में साक्षरता के वर्तमान सोपान पर गर्व करने का दिन है। लगभग एक चौथाई आबादी को साक्षर बनाने के बारे में चिंतन और प्रण करने का दिन है। इसके लिए व्यक्तिगत रूचि और सामूहिक प्रयासों की बड़ी आवश्यकता है। व्यापक जनभागीदारी से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जाएगा यह अभियान 5 वर्ष तक चलेगा। इस कार्यक्रम में अशिक्षित व्यक्तियों को बुनियादी साक्षरता एवं अंक ज्ञान प्रदान करने के साथ उन्हें जीवन में आने वाले कुशलता के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाए। 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवाचारी कार्यक्रमों की देश में लगातार सराहना की जा रही है। हमें प्रदेश के एक चौथाई असाक्षरों को साक्षर किए जाने की दिशा में निरंतर कार्य करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की शुभकामनाएं भी दी। स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि साक्षरता वह शक्ति है जिससे हम बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। शिक्षा हमारे जीवन में बदलाव लाती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रौढ़ शिक्षा और जीवन पर्यन्त शिक्षा को महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि अब प्रौढ़ शिक्षा के स्थान पर सबके लिए शिक्षाका उपयोग किया जायेगा। 

भारत सरकार द्वारा प्रदेश में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री चौबे ने प्रदेश के सभी नागरिकों, शिक्षा विभाग के लोक शिक्षण, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी व राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण सहित सभी निकायों, शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे स्वयंसेवी भावना से स्वयंसेवी शिक्षक बनकर शिक्षा से वंचित व्यक्तियों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए अपना अमूल्य योगदान दें। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि साक्षरता किसी भी देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है। देश के जितने ज्यादा नागरिक साक्षर होंगे, देश उतनी उन्नति कर सकता है। साक्षरता के इसी महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से पूरे विश्व का ध्यान साक्षरता की ओर केन्द्रित करना है। 

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2023 की थीम ‘‘परिवर्तन के दौर में साक्षरता को बढ़ावा देना: टिकाऊ और शांतिपूर्ण समाजों की नींव का निर्माण करना’’ (Promoting literacy for a word in transition: Building the foundation for sustainable and peaceful societies)  है। जिसे ध्यान में रखकर हमें कार्य करना है। प्रदेश में साक्षरता कार्यक्रम को मिशन मोड में तथा नवाचारी तरीके से कार्य करने का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने विभाग के सभी निकायों से समन्वय के साथ अपने आसपास के अशिक्षित को साक्षर बनाने के लिए प्रतिदिन एक से दो घण्टे का समय देकर सक्रिय योगदान करने कहा।

स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, एससीईआरटी एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक राजेश सिंह राणा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का निर्णय यूनेस्को द्वारा लिया गया। उन्होंने कहा कि सभी के लिए शिक्षा पर केन्द्रित योजना उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2022-27 के दौरान क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेश में प्रथम वर्ष पाँच लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। उन्होंने जिला साक्षरता मिशन के साथ ही मैदानी अमले एवं स्वयंसेवकों के सहयोग से लक्ष्य हासिल करने की अपील की।

वेबीनार में एनसीईआरटी नई दिल्ली की राष्ट्रीय साक्षरता केन्द्र प्रकोष्ठ प्रभारी प्रोफेसर उषा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थी। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष आयु समूह के लोगों के लिए सरकार ने एक मुहिम छेड़ी है। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मंशानुरूप बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान जीवन कौशल जैसे-डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, चुनावी साक्षरता, विधिक साक्षरता, बुनियादी शिक्षा, सतत् शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को शामिल किया गया है। उन्होंने इन विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

वेबीनार में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत कुमार पांडेय, सहायक संचालक दिनेश कुमार टांक, एससीईआरटी की एससीएल प्रकोष्ठ प्रभारी प्रीति सिंह, एवं जिलों के डीईओ, डीपीओ, डीएमसी, शिक्षकगण, स्वयंसेवी शिक्षक एवं शिक्षार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत कुमार पांडेय ने व आभार प्रदर्शन प्रीति सिंह ने किया।

न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम: राज्य के 5 लाख असाक्षरों को साक्षर किए जाने का लक्ष्य

No comments Document Thumbnail

रायपुर। न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में राज्य के 5 लाख असाक्षरों को साक्षर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 50 हजार स्वयंसेवी शिक्षक तैयार किए जाएंगे। आकांक्षी जिलों एवं कम साक्षरता दर वाले जिलों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इस योजना में बुनियादी साक्षरता संख्या ज्ञान के अलावा महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे वित्तीय साक्षरता डिजिटल साक्षरता कानूनी व चुनावी साक्षरता स्वास्थ्य स्वच्छता व्यावसायिक कौशल बुनियादी शिक्षा एवं सतत शिक्षा इत्यादि विशेष जागरूकता के कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम की प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी की बैठक में राज्य की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक राजेश सिंह राणा ने वर्ष 2023-24 के लिए कार्य योजना प्रस्तुत की। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के केंद्रीय सचिव संजय कुमार और संयुक्त सचिव सुश्री अर्चना शर्मा अवस्थी की उपस्थिति में आज वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों की कार्य योजना प्रस्तुत की। राणा ने बताया कि राज्य में न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों का सर्वे कराया जाएगा।

सर्वे कराए जाने के बाद उन्हें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार प्रवेशिका और अन्य सामग्री की सहायता से ऑनलाइन अध्यापन कराया जाएगा। इसके लिए एससीईआरटी में राज्य साक्षरता केंद्र का विशेष सेल गठित किया गया है। राणा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में इसका क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य में असाक्षरों को आगामी 5 वर्षों में शत-प्रतिशत साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। इस हेतु सभी जिलों को जिलेवार लक्ष्य तय किया जा रहा है। बैठक में राणा के अलावा प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत पांडेय और दिनेश कुमार टांक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में अब न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जाएगा। यह अभियान 5 वर्ष तक चलेगा। इस कार्यक्रम में अशिक्षित व्यक्तियों को बुनियादी साक्षरता एवं अंक ज्ञान प्रदान करने के साथ उन्हें जीवन में आने वाले कुशलता के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। जिसमें डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, चुनावी साक्षरता, कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा, सतत शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य में स्वच्छता पर विशेष रुप से जागरूक करने का कार्य भी किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवाचारी कार्यक्रमों की देश में लगातार सराहना की जा रही है। हमें प्रदेश की एक चौथाई असाक्षरों को साक्षर किए जाने की दिशा में निरंतर कार्य करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की शुभकामनाएं दी। 
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रौढ़ शिक्षा और जीवन पर्यन्त शिक्षा को महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है। 

उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता हेतु यह आवश्यक है कि शिक्षकों के साथ पालक भी बच्चों की शिक्षा में योगदान दें, अतः अशिक्षित पालकों को शिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के सभी निकायों और शिक्षकों से अनुरोध किया कि स्वयंसेवी शिक्षक बनकर शिक्षा से वंचित व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने में अपना अमूल्य योगदान दें। साक्षरता दिवस पर आज आयोजित वेबीनार में सात हजार से अधिक लोगों ने शिरकत की। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि प्रदेश में साक्षरता कार्यक्रम को मिशन मोड में तथा नवाचारी तरीके से कार्य करने का गौरवशाली इतिहास रहा है।

उन्होंने समग्र शिक्षा एससीईआरटी और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण समन्वय के साथ कार्य की सफलता के लिए सक्रिय योगदान करने कहा। स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के डायरेक्टर राजेश सिंह राणा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का निर्णय यूनेस्को द्वारा लिया गया। जिनके द्वारा इस वर्ष साक्षरता दिवस की थीम ज्तंदेवितउपदह स्पजमतंबल ैचंबमे है। उन्होंने कहा कि प्रौढ़ शिक्षा को अब सभी के लिए शिक्षा कहा गया है। उन्होंने कहा कि सशक्त देश की आधारशिला शिक्षा है।

 अतिरिक्त संचालक एससीईआरटी डॉ. योगेश शिवहरे ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रौढ़ शिक्षा व जीवन पर्यन्त शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। राज्य पाठ्यचर्या में पहली बार प्रौढ़ शिक्षा के विषय को शामिल किया गया है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ का पहला राज्य हैं, जहां एससीआरटी में साक्षरता केंद्र स्थापित किया गया है। राज्य शिक्षा मिशन प्राधिकरण में असिस्टेंट डायरेक्टर एवं नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पांडेय ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता सप्ताह के बारे में एक प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्य गीत, नवभारत साक्षरता कार्यक्रम एवं गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

अक्षरों से अलख जगाने का दिवस है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 8 सितम्बर अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। बघेल ने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस अक्षरों की अलख जगाने का दिन है, अक्षर ज्ञान की महत्ता बताने का दिन है। यह अक्षर ज्ञान के प्रकाश से समाज में सुख और समृद्धि फैलाने के संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा है कि वास्तव में अक्षर ज्ञान वह पहला द्वार है, जहां से ज्ञान के अनंत रास्ते खुलते हैं। साक्षरता से शिक्षा और शिक्षा से विकास का सीधा संबंध है।



साक्षरता दिवस देश में साक्षरता के वर्तमान सोपान पर गर्व करने का दिन है। लगभग एक चौथाई आबादी को साक्षर बनाने के बारे में चिंतन और प्रण करने का दिन है। इसके लिए व्यक्तिगत रूचि और सामूहिक प्रयासों की बड़ी आवश्यकता है। व्यापक जनभागीदारी से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि साक्षर समाज, समानता, शांति और विकास का मूल आधार है। सन् 1966 में यूनेस्को ने 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। साक्षरता दिवस 2022 की थीम ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेसेज’ (¼Tranforming Literacy Learning Spaces) है। 

वर्ष 2022-27 के लिए न्यू इंडिया लिट्रेसी प्रोग्राम नामक एक नई योजना को मंजूरी दी गई है। अब देश में प्रौढ़ शिक्षाशब्द को सभी के लिए शिक्षा’’ के रूप में बदल दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत इस वर्ष नवभारत साक्षरता कार्यक्रम से नई शुरूआत की गई है, जो पांच वर्षों तक संचालित किया जाएगा। इसमें बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, चुनावी साक्षरता, व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा, जीवन पर्यन्त शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।

बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि सभी लोग कार्यक्रम में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं और छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाते हुए डिजिटल साक्षरता, जागरूकता सहित जीवन पर्यन्त शिक्षा की ओर अग्रसर हों। हमें साक्षरता के नए आयामों को छूना है। उन्होंने शालाओं और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि साक्षरता के पुनीत कार्य में भागीदार बनें। साक्षरता की नई उपलब्धियों से प्रदेश का सुनहरा भविष्य सुनिश्चित होगा तथा हम गढबो नवा छत्तीसगढ़ का लक्ष्य पूरा करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस : साक्षरता सप्ताह 08 से 14 तक होगा कार्यक्रम का आयोजन

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। जिले में साक्षरता कार्यक्रम वातावरण बनाने के लिए गुरुवार 08 सितम्बर से बुधवार 14 सितम्बर 2022 तक अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का आयोजन किया जाएगा। दुनियाभर में 08 सितम्बर को विश्व साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 2022 साक्षरता दिवस की थीम ‘‘ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेस’’ है। इसी तरह वर्ष 2021 साक्षरता दिवस की थीम ‘‘मानव-केंद्रित पुनर्प्राप्ति के लिए साक्षरता डिजिटल विभाजन को कम करना’’ विषय पर थी।



साक्षरता कार्यक्रम के लिए विशेष रणनीति तैयार कर सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने संबंधित अधिकारियों से आज समय-सीमा की बैठक में तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि साक्षरता आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है इसका सामाजिक एवं आर्थिक विकास से गहरा संबंध है। मानव विकास और समाज के लिए उनके अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। साक्षरता में वो क्षमता है जो परिवार और देश की प्रतिष्ठा को बढ़ा सकता है। इसलिए लगातार शिक्षा को प्राप्त करने के लिए परिवार और समाज के लोग अपनी जिम्मेदारी को भी समझें।

विभागीय अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताया कि साक्षरता सप्ताह के अंतर्गत (अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस) 08 सितम्बर को जिले के समस्त सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों में प्रातः प्रभात फेरी/साक्षरता रैली आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा साक्षरता संदेश व नारे का वाचन होगा। दूसरे दिन शुक्रवार 09 सितम्बर को जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न संस्थाओं में साक्षरता संगोष्ठी/परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इसमें साहित्यकार, लेखक, पत्रकार, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षावृत्त साक्षरता कार्यक्रम से जुड़े शासकीय, अशासकीय व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

वहीं साक्षरता सप्ताह के तीसरे दिन 10 सितम्बर को जिले के शैक्षणिक संस्थाओं में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर केन्द्रित गीत, नृत्य, पेंटिंग, चित्रकला, मेंहदी एवं रंगोली का आयोजन होगा। इसमें विशेष रूप से छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक गणों की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा होगी। साक्षरता सप्ताह के चौथे दिन 11 सितम्बर को महिला साक्षरता पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह, मितानिन आदि की भागीदारी होगी। इस मौके पर महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर चर्चा, लोकगीत, लोक परम्परा पर चर्चा एवं पारम्परिक खेलों का आयोजन होगा।

साक्षरता सप्ताह के पांचवे दिन 12 सितम्बर को विद्यालयीन और महाविद्यालय छात्र-छात्राओं के बीच भाषण, निबंध, पोस्टर आदि प्रतियोगिता का आयोजन होगा। छठवें दिन 13 सितम्बर को न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (एनआईएलपी) के शिक्षार्थियों का लेखन कार्यक्रम, प्रौढ़ शिक्षार्थियों हेतु चित्रलेख और लिखों कार्यक्रम का आयोजन होगा। साक्षरता सप्ताह के अंतिम दिन 14 सितम्बर को सम्मान एवं सामूहिक संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिला स्तर साक्षरता, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

मालूम हो कि अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने की योजना यूनेस्को द्वारा 07 नवम्बर 1965 को की गयी थी कि हर वर्ष 08 सितम्बर को विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। इस प्रकार पहला अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 08 सितम्बर 1966 को मनाया गया। मनाने का उद्देश्य लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना है और व्यक्ति, समाज, समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के लिए साक्षरता दिवस मनाया जाता है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.