Media24Media.com: सशक्तिकरण

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label सशक्तिकरण. Show all posts
Showing posts with label सशक्तिकरण. Show all posts

नारी शिक्षा और सशक्तिकरण में अहिल्याबाई होल्कर का महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोरबा जिले के प्रवास के दौरान कन्वेंशन सेंटर में लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का लोकार्पण किया और कन्वेंशन सेंटर को महारानी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को लगभग 223 करोड़ 88 लाख रूपए से अधिक लागत के 66 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर प्रजावत्सल और न्यायप्रिय शासक थी। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और नई पहचान दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ रूपए से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा जिले के लोगों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने ऐलुमिनियम पार्क की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम के तहत कन्वेन्शन सेंटर परिसर में सिंदूर का पौधा भी लगाया। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जीवनी पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरूण साव और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी ने सम्बोधित किया।

लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री साय द्वारा लोकार्पित किए गए कार्यों में मुख्य रूप से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 11 गांवों में एकल ग्राम नल-जल योजना, 3 गांवों में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय नवीन भवन/जीर्णाेद्धार कार्य, और 47 छात्रावासों-आश्रमों में 2.4 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापना कार्य शामिल हैं। 

इसी प्रकार भूमि पूजन के प्रमुख कार्यों में नगर पालिक निगम कोरबा हेतु 100 टीपीडी सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा अंतर्गत सिटी बस डिपो-टर्मिनल कॉपलेक्स, 100 बेड हॉस्पिटल में एसएनसीयू हॉल, प्रशिक्षण हॉल सहित अन्य निर्माण कार्य, अयोध्यापुरी तालाब में जल संवर्धन कार्य एवं जिला खनिज संस्थान न्यास मद तथा 15 वें वित्त आयोग के विभिन्न कार्य शामिल हैं। 

प्लेन क्रैश में मृत लोगों के प्रति जताई संवेदना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रहे प्लेन के क्रैश होने की घटना में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों पर शासकीय मेडिकल कालेजों का किया जा रहा है सशक्तिकरण

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। तरक्की और राज्य में सुशासन का सफर स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में लगातार नजर आ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसी दिशा में स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ लगातार अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है।

इस कड़ी में अस्थि रोग विभाग में भर्ती विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा के सदस्य करण सिंह कोरवा के जटिल व दुर्लभ फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया गया। करण सिंह कोरवा कोरबा  जिले में अपने गांव सियान जाते समय मोटरसाइकिरल से गिर गये थे। इससे उनके घुटने में गहरी चोट आई थी। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया था । उनके घुटने के नीचे की अस्थि का टुकड़ा (टिबिया कॉन्डाइल) जोड़ से टूट कर पीछे की तरफ रक्त वाहनियों एवं नसों के बीच में फंसा हुआ था। इस तरह का केस सामने आना अत्यंत दुर्लभ है।

इससे रक्त वाहनियों तथा नसों (नर्व) को चोट लगने से पैरों में लकवा अथवा पैर काटने का खतरा लगातार बना होता है। ऑपरेशन के दौरान भी रक्त वाहनियों अथवा नसों में चोट लगने से पैरों में सुन्नपन का खतरा बना रहता है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सकों ने यह जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया गया। इससे वर्तमान में मरीज अपना घुटना मोड़ पा रहा है  तथा मरीज का पैर भी बच गया है। कुछ ही दिनों में मरीज वॉकर के सहारे से चलना भी शुरु कर सकता है। इस तरह मेडिकल कॉलेज रायगढ़ एक और उपलब्धि के साथ प्रगति की ओर अग्रसर है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें 2 करोड़ रूपए तक के कार्यों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान की है। इससे मरीजों के त्वरित इलाज के लिए अब राज्य स्तर पर स्वीकृति लेने की आवश्यकता न होकर मेडिकल कालेज की स्वशासी सोसायटी खुद ही निर्णय ले सकती है।

विशेष लेख : लखपति दीदी योजना : स्वावलंबी महिलाओं का सफर - झलक महिला स्वसहायता समूह की प्रेरणादायक यात्रा

No comments Document Thumbnail

बेमेतरा। ज़िले में महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में, लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को एक मजबूत आधार प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे वित्तीय और सामाजिक रूप से सक्षम बन सकें। ज़िला महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किए जा रहे इन प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। झलक महिला स्वसहायता समूह। यह समूह न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक विकास और आत्मनिर्भरता की ओर एक प्रेरणादायक कदम भी है।

शुरुआत और प्रशिक्षण

झलक झंकार महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष, श्रीमती गायत्री सोनी, बताती हैं कि समूह की यात्रा अगस्त 2024 के अंत में शुरू हुई जब ज़िला प्रशासन द्वारा कलेक्टर की उपस्थिति में समूह को मशीन से रूई से फूलबाती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसके तहत न केवल तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, बल्कि आर्थिक सहायता भी दी गई, जिससे महिलाएं कच्चामाल और मशीनें खरीद सकीं।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को फूलबाती बनाने की विधि सिखाई गई, जो एक सरल प्रक्रिया होते हुए भी आर्थिक रूप से लाभदायक हो सकती है, विशेष रूप से त्योहारों के मौसम में। महिलाएं अपने दैनिक घरेलू कामों को निपटाने के बाद, मशीन से फूलबाती बनाती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इस योजना ने उन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का एक ठोस रास्ता प्रदान किया है, जो पहले केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं।

आर्थिक सशक्तिकरण और विपणन

समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता का सही उपयोग करते हुए अपना काम शुरू किया। उन्होंने कच्चा माल ख़रीदा और फूलबाती बनाने का काम तेज़ी से शुरू कर दिया। दिवाली का त्यौहार नज़दीक है और इस अवसर को भुनाने के लिए महिलाएं पूरी लगन से काम कर रही है।

फूलबाती की बढ़ती मांग को देखते हुए, स्थानीय बाजार से उन्हें अच्छे ऑर्डर मिलने लगे। इसके साथ ही, समूह ने स्थानीय स्तर पर भी मार्केटिंग शुरू की, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। ज़िला प्रशासन के अधिकारियों ने भी उनकी प्रोडक्ट्स को खरीदा, जिससे उन्हें और प्रोत्साहन मिला। इस प्रकार, समूह की महिलाएं न केवल घरेलू कामों को निभा रही थीं, बल्कि समाज में अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुधार रही है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

फूलबाती बनाने के इस कार्य ने झलक महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेंगे। पहले जो महिलाएं केवल अपने घरों तक सीमित थीं, आज वे खुद का काम संभाल रही हैं और समाज में अपनी पहचान बना रही हैं। इस कार्य ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सोनी ने बताया कि इस योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से महिलाएं आत्मविश्वास से भर गई हैं। उन्होंने यह साबित किया कि यदि सही दिशा और अवसर मिलें, तो महिलाएं हर चुनौती का सामना कर सकती हैं और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं।

चुनौतियाँ और समाधान

शुरुआत में, झलक महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जैसे कि कच्चे माल की उपलब्धता और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा। लेकिन समूह ने अपनी एकजुटता और कड़ी मेहनत से इन समस्याओं का समाधान निकाला। उन्होंने अपनी गुणवत्ता पर ध्यान दिया और ग्राहक संतुष्टि को प्राथमिकता दी। इसके साथ ही, ज़िला प्रशासन ने भी उनकी मदद की और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत और सहायता उपलब्ध कराई।

समूह की महिलाओं ने खुद को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी ज्ञान और वित्तीय सहायता का बेहतरीन उपयोग किया। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, बल्कि उन्होंने अपने परिवार और समाज के सामने एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।

भविष्य की योजनाएँ

झलक महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं अब और बड़े लक्ष्यों की ओर अग्रसर हैं। वे फूलबाती के अलावा अन्य उत्पादों के निर्माण की भी योजना बना रही हैं, ताकि उनकी आय में और इज़ाफा हो सके। समूह ने यह भी तय किया है कि वे आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ेंगी, ताकि उन्हें भी आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।

समूह की सदस्याओं का मानना है कि लखपति दीदी योजना उनके जीवन में एक सुनहरा अवसर लेकर आई है, और वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

निष्कर्ष

झलक महिला स्वसहायता समूह की कहानी यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे अपने जीवन में किसी भी बदलाव को संभव बना सकती हैं। लखपति दीदी योजना के तहत मिली सहायता और प्रशिक्षण ने इन महिलाओं के जीवन को बदलकर रख दिया।

यह कहानी न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों की भी है। बेमेतरा ज़िले की ये महिलाएं आज स्वावलंबी बनकर अपनी और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

राज्य में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने त्वरित कार्यवाही करें : श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिए त्वरित कार्यवाही करें और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाएं। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज स्थानीय होटल में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों का सशक्तिकरण, भविष्य का निर्माणविषय पर आयोजित कार्यशाला के समापन अवसर पर कहा कि प्रत्येक श्रमिक को काम देने के लिए श्रम विभाग द्वारा 84 लाख श्रमिकों का पंजीयन कर योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी निर्माण कार्य बिना श्रमिकों के संभव नहीं है, सरकार श्रमिकों का सम्मान कर योजनाओं का लाभ दिलाकर स्वाभिमान से जीवन जीने का अधिकार दिला रही है। इस अवसर पर श्रम मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभाग के मैदानी अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र एवं जरूरतमंद श्रमिकों को मिले, इस दिशा में श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी त्वरित कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश के श्रमिकों को इन योजनाओं का बेहतर लाभ मिले। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा भी श्रमिकों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 237 करोड़ रूपये का लाभ श्रमिकों को प्रदान किया गया। डीबीटी के जरिए यह राशि श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की गई। श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों को किसी भी कार्य के लिए भटकना न पड़े। इस दिशा में विभाग के अधिकारी संवेदनशील होकर कार्य करें। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हित में 70 योजनाएं संचालित की जा रही है।

सचिव सह श्रमायुक्त श्रीमती अलरमेलमंगई डी. ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र और जरूरतमंद हितग्राहियों को दिलाना सुनिश्चित करें। पंजीकृत श्रमिक परिवार के बच्चों को शासन की छात्रवृत्ति योजना से भी लाभान्वित करें। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल के अंतर्गत संचालित योजनाओं से असंगठित श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीयन कराकर लाभान्वित कराना सुनिश्चित करें। कार्यशाला में उप श्रमायुक्त एस.एस. पैकरा एवं औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के उप संचालक टी.के. साहू द्वारा निरीक्षण अभियोजन एवं पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी।

इस अवसर पर श्रम विभाग की उप सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्धिकी छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल सचिव श्रीमती सविता मिश्रा, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े सहित झारखंड एवं उत्तरप्रदेश से आए श्रम अधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विभाग के मैदानी अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

समानता, समावेश और सशक्तिकरण का एक पुल है अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

No comments Document Thumbnail

रायपुर। सांकेतिक भाषा बधिरों और सुनने वाले लोगों को जोड़ती है, समझ और सम्मान को बढ़ावा देती है। यह समानता, समावेश और सशक्तिकरण का एक पुल है, यह वक्तव्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि यह दिन दुनिया के बधिर और कम सुनने वाले समुदाय के लिए एक आवश्यक मानव अधिकार के रूप में सांकेतिक भाषाओं के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। श्रीमती राजवाडे़ ने कहा कि हमें दिव्यांग और बधिरों को हेय दृष्टि से न देखकर उनके प्रति सम्मान का भाव रखना होगा। कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभिन्न दिव्यांगजनों को खेल एवं विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्मृति चिन्ह और एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ बधिर संघ के सहयोग से रायपुर जिला कार्यालय समाज कल्याण के द्वारा न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन में अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा के बारे में बताया गया कि सांकेतिक भाषा एक ऐसी भाषा है, जो अर्थ सूचित करने के लिए श्रवणीय ध्वनि पैटर्न में संप्रेषित करने के बजाय, दृश्य रूप में सांकेतिक पैटर्न संचारित करती है। जिसमें वक्ता के विचारों को धाराप्रवाह रूप से व्यक्त करने के लिए, हाथ के आकार, विन्यास और संचालन, बांहों या शरीर तथा चेहरे के हाव-भावों का एक साथ उपयोग किया जाता है।

कार्यक्रम में समाज कल्याण के संयुक्त संचालक नदीम काजी, समाज कल्याण विभाग रायपुर, शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय के प्राचार्य श्रीमती शिखा वर्मा, शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय रायपुर के अधीक्षक श्रीमती जी सीता, शासकीय अस्थि बाधितार्थ बाल गृह रायपुर के अधीक्षक श्रीमती लक्ष्मी माला मेश्राम, शासकीय बहु विकलांग गृह रायपुर के अधीक्षक श्रीमती मनीषा पांडे, मानसिक रूप से अविकसित बाल गृह रायपुर के अधीक्षक राजेंद्र कुर्मी एवं छत्तीसगढ़ बधिर संघ के अध्यक्ष रमेश चंद्रा एवं सहयोगी दुष्यंत साहू सहित बधिर दिव्यांग जन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में तीन दिवसीय माता कौशल्या महोत्सव समापन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी में  तीन दिवसीय माता कौशल्या महोत्सव का आज समापन किया। माता कौशल्या महोत्सव को महिला सशक्तिकरण की थीम पर मनाया गया। आस्था और भक्ति से ओतप्रोत इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन भी किया गया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने, प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने, महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी।

पर्यटन कैफे का हुआ उद्घाटन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माता कौशल्या महोत्सव के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित पर्यटन विभाग द्वारा तैयार टूरिज्म कैफे का भी उद्घाटन किया। 

पयर्टन कैफे शुरू होने से अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को छत्तीसगढ़ी व्यंजन सहित मिलेट्स से तैयार किए गए खाद्य उत्पाद उपलब्ध होंगे। इस कैफे के शुरू होने से श्रद्धालुओं को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा और पर्यटक भी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से रूबरू हो सकेंगे.

महिला स्व-सहायता समूह की स्टॉलों दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार काम कर कर रही है। मेला, उत्सवों एवं अन्य प्रदर्शनी आदि कार्यक्रमों के अवसर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विक्रय एवं प्रचार-प्रसार हेतु उनको बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। माता कौशल्या महोत्सव के मौके पर भी महिला स्व-सहायता द्वारा उत्पादित वस्तुओं को विक्रय के लिए विशेष तौर पर नौ स्टॉल तैयार किए गए थे। महिलाओं द्वारा संचालित इन स्टालों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिली।

विशेष लेख : न्याय के चार साल: छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक आजादी का नया युग

No comments Document Thumbnail

रायपुर। देशभर में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चल रह प्रयासों के साथ कदम मिलते हुए छत्तीसगढ़ ने परंपरागत दृष्टिकोण से हटकर एक नयी दृष्टि से काम किया है, जिसमें महिलाओं को प्रकृति द्वारा प्रदत्त रचनात्मक क्षमता के उन्नयन के साथ-साथ उनकी सृजन-शक्ति को स्थानीय संसाधनों के साथ जोड़ा गया है। महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के अंतरसंबंधों पर आधारित यह दृष्टिकोण उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नये क्षेत्रों के अनुसंधान पर जोर देता है।



छत्तीसगढ़ सरकार ने इस ओर कदम बढ़ाते हुए सुराजी गांव योजना के तहत गौठानों में महिलाओं के स्वावलंबन की नई राहें तैयार की वहीं वनांचल आदिवासी क्षेत्रों में वनोपज संग्रहण और उसके प्रसंस्करण से महिलाओं को जोड़ा है। इसका परिणाम है कि गौठानों में राज्य के 11,187 स्व-सहायता समूहों की 83,874 महिलाओं को रोजगार मिला है। लघु वनोपज के संग्रहण से लगभग 4 लाख 50 हजार महिला समूह जुड़ी हैं। इससे आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आजादी के साथ समाज में एक नई पहचान भी मिली है।



राज्य के कुल उत्पादन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाते हुए उत्पादों के लिए नये बाजारों की तलाश करना, और बाजार में पहले से मौजूद संभावनाओं का विस्तार करना रणनीति का अहम हिस्सा रहा है, इसी के अंतर्गत बाजार में उपलब्ध विदेशी अथवा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों के मूल्य और गुणवत्ता से प्रतिस्पर्धा कर सकने में सक्षम स्थानीय उत्पादों का उत्पादन ग्रामीण स्तर पर महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। उत्पादों की ब्रांडिंग से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया में राज्य शासन सहयोगी है। यह दृष्टिकोण महिला सशक्तिकरण के लिए महात्मागांधी के खादी और स्वदेशी के विचारों से ताकत लेता है।



असल भारत गांवों में बसता है, इसे ध्यान में रखते हुए महात्मा गांधी ने ग्रामीण व्यवस्था और लोगों को सुदृढ़ बनाकर सुराजी गांव की परिकल्पना की थी। गांधी जी के इसी सपने को साकार करने छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना की शुरूआत की गई। इसके तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बारी जैसे संसाधनों के पुनर्जीवन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया अध्याय शुरू हुआ। पशुधन सहेजने 08 हजार से भी अधिक गौठान बनाए गए। 



इन स्थलों को राज्य सरकार ने न केवल पशुपालन की आधुनिक विधियों से जोड़ा, बल्कि वहां कृषि तथा पशुपालन से संबंधित आजीविका मूलक गतिविधियां भी शुरू की। रोजगार का नया साधन गांव में ही मिल जाने से इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं जुड़ी। राज्य की 11 हजार 187 स्व सहायता समूहों की 83 हजार 874 महिलाओं को इससे रोजगार मिला है तथा उनकी आय के नये स्रोत विकसित हुए हैं। आज गोबर और गौमूत्र की खरीदी कर जैविक खाद तथा कीटनाशकों के निर्माण से लेकर बिजली उत्पादन,



प्राकृतिक पेंट, गुलाल, पूजन सामग्री आदि का निर्माण महिलाएं कर रही हैं। गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्कों के रूप में विकसित करते हुए वहां दाल मिल, तेल मिल, आटा मिल, मिनी राइस मिल जैसी प्रसंस्करण इकाइयां भी स्थापित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने समूहों द्वारा नई आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए महिला कोष से संबंधित महिला समूहों के 12.77 करोड़ रूपए के ऋण माफ करने के साथ ही ऋण लेने की सीमा को भी दो से चार गुना तक बढ़ा दिया है। इन औद्योगिक पार्कों में उत्पादित वस्तुओं के विक्रय के लिए सभी जिलों में सी-मार्ट की स्थापना की गई है। इसके अलावा इन्हें ऑन लाइन और ऑफ लाइन प्लेटफार्मों पर भी बेचा जा रहा है। सच कहे तो स्वदेशी की ताकत से छत्तीसगढ़ के गांवों में स्वरोजगार का नया युग शुरू हो गया है।  

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.