Media24Media.com: सर्वेक्षण 2023

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बड़ी पहल : छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल से शुरू हुआ सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल 2023 से सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 शुरू गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने आज अपने राजधानी रायपुर के निवास कार्यालय परिसर से सर्वेक्षण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सर्वेक्षण का कार्य प्रदेशभर में 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक चलेगा। राज्य के सभी जिलों में आज प्रगणक दलों ने मोबाइल लेकर घर-घर दस्तक दे रहें हैं।

मोबाईल ऐप्लीकेशन के माध्यम से दलों ने सर्वेक्षण से संबंधित डाटा संग्रहण का कार्य शुरू कर दिया है। सर्वेक्षण के पहले दिन सभी जिलों के कलेक्टर ने प्रगणक दलों से चर्चा करते हुए सर्वेक्षण के संबंध में उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। सर्वे में कोई भी परिवार न छूटे और सभी इसमें शामिल हो सके, इसके लिए मकानों पर ऑयल पेंट से मोटे अक्षरों में लिखा जा रहा है ताकि यह जल्दी न मिटे। घर के सामने परिवार के मुखिया के साथ फोटो लेकर प्रपत्र के अलावा रजिस्टर में एंट्री की जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारी-कर्मचारियों ने भी प्रगणक दलों के साथ मिलकर लोगों को सर्वे में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

सर्वेक्षण के दौरान मकानों की नंबरिंग और पोर्टल में जानकारियों की ऑनलाइन और ऑफलाइन एंट्री के साथ ही दलों ने लोगों से परिवार के मुखिया की जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, प्रधानमंत्री आवास, धान विक्रय का किसान पंजीयन क्रमांक, आधार नंबर, राशन कार्ड में परिवार की सूची, नरेगा जॉब कार्ड, परिवार की भूमि, परिवार की वार्षिक आय, सिंचाई साधन, वाहन एवं अन्य सामग्री, घर कच्चे या पक्के मकान, परिवार के कितने सदस्यों ने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया, मोबाइल नंबर, उज्जवला गैस कनेक्शन की जानकारी ली। सर्वे के दौरान रोजगार जैसे- कृषि कार्य, स्वरोजगार, शासकीय नौकरी, निजी नौकरी, मजदूरी, बेरोजगारी की जानकारी लेकर मोबाईल ऐप्लीकेशन में एंट्री की गई।

सर्वेक्षण का उद्देश्य विगत वर्षों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का आमजन के जीवन स्तर पर पड़े प्रभाव का आंकलन कर प्राप्त डाटा का भविष्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नई योजनाओं के निर्माण के लिए उपयोग किया जाना है। सर्वेक्षण से विभिन्न योजनाओं से वंचित हितग्राही भी अब नवीन सूची में शामिल हो पाएंगे और उन्हें पात्रता के अनुसार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सकेगा।

मुंगेली कलेक्टर ने स्वयं दो ग्रामीणों की जानकारी पोर्टल में एंट्री की

मुंगेली जिले में कलेक्टर राहुल देव ने विकासखंड मुंगेली के ग्राम चातरखार में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सर्वेक्षण हेतु निर्धारित प्रपत्र का अवलोकन किया और स्वयं दो लोगो की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में पोर्टल के माध्यम से एंट्री किया। कलेक्टर ने प्रगणक दलों को सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण हेतु चाही गई सभी आवश्यक जानकारी प्रपत्र में त्रुटिरहित भरने के निर्देश दिए। कांकेर जिले में कुल 454 ग्राम पंचायतों में 736 प्रगणक दल और 180 पर्यवेक्षक सर्वेक्षण कार्य मंे जुटे है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुमीत अग्रवाल ने जनपद पंचायत नरहरपुर के ग्राम पंचायत अमोड़ा के ग्राम कोर्राम पारा, ढोढरापहर और खदरवाही ग्राम में किए जा रहे सर्वेक्षण का निरीक्षण किया।

बलरामपुर जिले में कलेक्टर विजय दयाराम के. और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती रेना जमील ने सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के कार्य में संलग्न अधिकारी-कर्मचारियों को त्रुटि रहित सर्वेक्षण करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंन बलरामपुर विकासखण्ड के ग्राम भनौरा, दहेजवार, जाबर, पचावल एवं महाराजगंज पहुंचकर सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के कार्यों का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने प्रगणक दलों से चर्चा की और सर्वेक्षण हेतु निर्धारित प्रपत्र का अवलोकन किया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने सारंगढ़ और बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत बुदेली और खिचरी में चले रहे सर्वेक्षण का अवलोकन किया। कलेक्टर ने सर्वे टीम में जुड़े कर्मचारियों को सर्वे ऐप के संचालन और ऑफलाइन जानकारी भरने के कार्यों की जानकारी ली।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विधायक डॉ. के. के. ध्रुव ने ग्राम पंचायत कुम्हारी में सामाजिक-आर्थिक सर्वे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष मरवाही प्रताप सिंह मराबी, मनोज गुप्ता सहित गणमान्य नागरिक उपास्थित थे। कलेक्टर श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया की उपस्थिति में गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरा में सरपंच श्रीमती गजभानु के घर से सर्वेक्षण कार्य शुरू हुआ। कोरबा जिले में कलेक्टर संजीव कुमार झा ने एसडीएम और जनपद सीईओ के साथ जाकर स्वयं भी फील्ड में सर्वे कार्य को देखा और सर्वे कर रहे प्रगणकों को निर्देशित किया कि सर्वे में कोई भी परिवार छूटे न और सर्वे में सभी शामिल हो।

जशपुर जिले में कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के दिशा-निर्देश में प्रगणक दल जिले के सभी विकासखंड के गांव-गांव जाकर सर्वे कार्य कर रहा है। दल ने जशपुर विकासखंड के गम्हरिया, घोलेंगे बगीचा विकासखंड के बूढाडांड, मनोरा विकासखंड के करादरी, फरसाबहार विकासखंड के सहसपुर कांसाबेल विकासखंड के नरियरडांड एवं अन्य जगहों में सर्वे काय किया जा रहा है। रायगढ़ जिले के 549 पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए 944 प्रगणक दल का गठन किया गया है। कार्य की मॉनिटरिंग के लिए 124 सुपरवाइजर्स नियुक्त किए गए हैं। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने सर्वेक्षण कार्य का जायजा लिया इस दौरान सीईओ जिला पंचायत अबिनाश मिश्रा भी साथ रहे।

जिला बलौदाबाजार में कलेक्टर रजत बंसल के दिशा-निर्देश में जिले के सभी विकासखंड के गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण टीम जाकर सर्वे कार्य किया जा रहा है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने सर्वेक्षण में शामिल होकर प्रशासन का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने सर्वेक्षण के लिए वार्ड पंचों की जिम्मेदारी, मकानों का नंबरिंग, सर्वे की प्रक्रिया, मोबाइल ऐप, पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री एवं मैनुअल एंट्री के बारे में आवश्यक निर्देश दिए है।

महासमुंद जिले में विधायक एवं संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर, विधायक द्वारिकाधीश यादव, किस्मत लाल नंद और बसना विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह ने अपने-अपने ग्रामीण क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण-2023 कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने सर्वेक्षण दल को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। महासमुंद के ग्राम खरोरा और पिथौरा के छर्राभाठा कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत श्री एस. आलोक सहित जनपद सीईओ और ग्रामीण जन उपस्थित थे। जिले के 551 ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए 135 सुपरवाईजर और 1476 प्रगणक काम में जुटे हैं।

सूरजपुर जिले में कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री लीना कोसम ने विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत खोपा, शिवप्रसादनगर तथा भवराही सहित जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में किये जा रहे सर्वेक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। जिले में 110 सुपरवाइजर एवं 500 प्रगणक की ड्यूटी लगाई गई है। कोरिया जिले में आज सोनहत दौरे पर निकले कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता जैन एवं प्रशासनिक अमले के साथ सोनहत विकासखंड के सुदूर गांव गोयनी में सर्वे दल से मुलाकात कर सर्वेक्षण की जानकारी ली। 

बालोद जिले में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले के अलग-अलग विकासखण्डों के विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर इस सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम दानीटोला, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम गैंजी एवं जाटादाह, बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कोंगनी में निरीक्षण किया। बिलासपुर जिले में कलेक्टर सौरभ कुमार ने मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम वेद परसदा व लावर का दौरा कर सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को सर्वे टीमों द्वारा पूछे गए सवालों की सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। भावी विकास के कार्य और योजनाओं के निर्माण में सर्वे में एकत्र जानकारी का उपयोग किया जायेगा।

बेमेतरा जिले में कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा ने जिले के ग्राम अमोरा, बीजाभाट एवं जेवरी में किये जा रहे सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। जिले में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के लिए चार जनपद पंचायतों के 429 ग्राम पंचायतों के 694 ग्रामों में 145 सुपरवाइजर, 1021 प्रगणक दल गठित किए गए हैं। जिसकी निरीक्षण समन्वय एवं पर्यवेक्षण हेतु कुल 22 जनपद स्तरीय पर्यवेक्षक एवं 49 संकुल समन्वयक नियुक्त किया गया है। कवर्धा जिले में कलेक्टर जनमेजय महोबे ने सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। जिले के सभी 468 ग्राम पंचायतों में घर-घर जाकर दल द्वारा सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है।

धमतरी जिले में कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी विकासखंड के गांवों का निरीक्षण किया। जिले की 370 ग्राम पंचायतों के लिए कुल 126 सुपरवाइजर और 1000 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। राजनांदगांव जिले में कलेक्टर डोमन सिंह ने ग्राम तिलई, उपरवाह और गोपालपुर में किए जा रहे, सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 कार्य  का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रगणक दलों से चर्चा की और सर्वेक्षण हेतु निर्धारित प्रपत्रों का अवलोकन किया तथा प्रगणकों को पूरी गंभीरता के साथ त्रुटिरहित सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।

दुर्ग जिले में दुर्ग, धमधा और पाटन अंतर्गत क्रमशः 65 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इस क्रम में दुर्ग, धमधा व पाटन जनपद में क्रमशः 186, 162 और 194 प्रगणक की नियुक्ति की गई है। ग्राम पंचायतवार 18 बिंदुओं पर ये प्रगणक सर्वे करेगें। सर्वेक्षण के संबंध में सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग जिला स्तर पर एवं प्रगणकों की ट्रेनिंग जनपद स्तर पर पूर्व में ही कराई जा चुकी है। सक्ती जिले में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने प्रगणक दलों को त्रुटि रहित सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जिले में 84 सुपरवाईजर और 536 प्रगणक दलों की टीम गठित की गई है।

जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने प्रगणक दलों के सर्वेक्षण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने दल से कहा कि सर्वेक्षण में कोई भी पात्र परिवार सर्वेक्षण से छूटने ना पाए। मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी जिले में कलेक्टर एस जयवर्धन के मार्गदर्शन में जिले के सभी 185 ग्राम पंचायतों के लिए 29 सुपरवाइजर एवं 219 प्रगणक दलों का गठन किया गया है, जिसमें 438 सदस्य हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए दो सदस्य दल बनाए गए हैं। जिसमें एक महिला कर्मचारी भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के लिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने की जरूरत - मुख्य सचिव अमिताभ जैन

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राजनांदगांव। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज छत्तीसगढ़ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 तथा छत्तीसगढ़ के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के संबंध में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक ली। इस अवसर पर कलेक्टर डोमन सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार बैठक में शामिल हुए। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 महत्वपूर्ण कार्य है। इसके लिए बड़ी संख्या में प्रगणक की ड्यूटी लगानी होगी। इसके लिए 24*7 कार्य प्रारंभ हो जाना चाहिए।

जिला कार्यालय में इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाकर उपयुक्त लोगों की ड्यूटी लगाएं तथा उन्हें अच्छी तरह से प्रशिक्षित करें। कुछ अमला रिजर्व भी रखें। उन्होंने इसके लिए तुरंत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्य योजना बनाते हुए प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। विडियो के माध्यम से भी ट्रेनर एवं प्रगणक को प्रशिक्षण दें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 मार्च 2023 को सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण से संबंधित एप का शुभारंभ करेंगे। राज्य में 1 अप्रैल से हर जिले में सर्वेक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर आरंभ हो जाना चाहिए। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ प्रगणक एवं सुपरवाईजर के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए शासन द्वारा योजना प्रारंभ की गई है। शासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता की यह योजना 1 अप्रैल 2023 से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत केवल ऑनलाईन आवेदन लिए जाएंगे। यह पोर्टल पर 1 अप्रैल 2023 से आम जनता के लिए उपलब्ध रहेगा। योजना के आवेदनों का भौतिक सत्यापन, आवेदकों को समक्ष में बुलाकर किया जाएगा। जिसके लिए गावों एवं शहरों के वार्डों के क्लस्टर बनाया जाना है। प्रत्येक क्लस्टर के लिए सत्यापन टीम का गठन होगा। प्रत्येक क्लस्टर में इंटरनेट की व्यवस्था, आवेदकों के बैठने, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था भी करनी होगी। 

आवेदन सत्यापन उपरांत बेरोजगारी भत्ता जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व आयुक्त नगर निगम द्वारा स्वीकृत किए जाएगें। बेरोजगारी भत्ता का भुगतान आवेदक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। बैंक खाते का सत्यापन संबंधित बैंक मैनेजर से प्राप्त किया जाएगा। कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए प्रगणक की ड्यूटी शीघ्र लगाएं। शिक्षक, रोजगार सहायक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रगणक के लिए ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए तथा संकुल समन्वयक एवं आरईएओ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की सुपरवाईजर के रूप में ड्यूटी लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणक एवं सुपरवाईजर को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाना सुनिश्चित करें। 

इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स द्वारा उन्हें प्रशिक्षित करें। सहयोग के लिए टैक्निीकल टीम भी रहे। सभी को आईडी कार्ड उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन की योजना के मापदण्ड के अनुरूप आवेदक मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम हायर सेकेण्डरी (12वीं उत्तीर्ण) शैक्षणिक योग्यताधारी हो। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र में पंजीकृत हो एवं आवेदन के वर्ष के 1 अप्रैल को हायर सेकेण्डरी अथवा उससे अधिक योग्यता में उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना होना चाहिए। आवेदन सत्यापन उपरांत बेरोजगारी भत्ता जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व आयुक्त नगर निगम द्वारा स्वीकृत किए जाएगें। 

बेरोजगारी भत्ता का भुगतान आवेदक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। बैंक खाते का सत्यापन संबंधित बैंक मैनेजर से प्राप्त किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ दिलीप कुर्रे एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता की महत्वकांक्षी योजना 1 अप्रैल 2023 से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना अंतर्गत केवल ऑनलाईन आवेदन लिए जायेंगे। यह पोर्टल 1 अप्रैल 2023 से आम जनता के लिए उपलब्ध रहेगा। योजना के आवेदनों का भौतिक सत्यापन, आवेदकों को समक्ष में बुलाकर किया जाएगा। जिसके लिए गावों एवं शहरों के वार्डों के क्लस्टर बनाया जाना है। प्रत्येक क्लस्टर के लिए सत्यापन टीम का गठन होगा।

प्रत्येक क्लस्टर में इंटरनेट की व्यवस्था, आवेदकों के बैठने, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था भी करनी होगी। आवेदन सत्यापन उपरांत बेरोजगारी भत्ता जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व आयुक्त नगर निगम द्वारा स्वीकृत किए जाएगें। बेरोजगारी भत्ता का भुगतान आवेदक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। बैंक खाते का सत्यापन संबंधित बैंक मैनेजर से प्राप्त किया जाएगा। बेरोजगारी भत्ता योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र शिक्षित युवा को प्रथमत: एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि व्यक्ति विशेष को एक वर्ष की अवधि में लाभकारी नियोजन नहीं हो पाता है तो बेरोजगारी भत्ते की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ाई जा सकेगी। 

किसी भी प्रकरण में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो आवश्यक है। आवेदन किये जाने वाले वित्तीय वर्ष के 01 अप्रैल को आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होना चाहिए। आवेदक मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम हायर सेकेण्डरी (12वीं उत्तीर्ण) शैक्षणिक योग्यताधारी हो। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र में पंजीकृत हो एवं आवेदन के वर्ष के 1 अप्रैल को हायर सेकेण्डरी अथवा उससे अधिक योग्यता में उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना होना चाहिए। आवेदक के आय का कोई स्त्रोत न हो एवं आवेदक के परिवार की समस्त स्रोतों से आय 2 लाख 50 हजार रूपए वार्षिक से अधिक न हो। परिवार से तात्पर्य है पति, पत्नी एवं आश्रित बच्चे एवं आश्रित माता-पिता।

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