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उप मुख्यमंत्री साव ने किया प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का प्रदेशव्यापी शुभारंभ

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रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत हितग्राही सर्वेक्षण कार्य आज से शुरू हो गया है। इसके तहत प्रदेश के शहरी आवासहीनों का स्वयं का पक्का आवास मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जिला मुख्यालय मुगेली स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल दाऊपारा मुंगेली में प्रदेशव्यापी सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने जिला मुख्यालय मुंगेली के वार्ड क्रमांक 16 में धन्नू निर्मलकर और सुजीत पतरस के घर पहुंचकर हितग्राही सर्वेक्षण किया और पीएम आवास के लिए उनका फार्म भरवाया। कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर डिप्टी सीएम साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस है, गुरु नानक जयंती है, देव दीपावली है और कार्तिक पूर्णिमा भी है और आज पहले चरण में आवास से वंचित लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का शुभारंभ किया गया। इसके लिए मैं आप सबको बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना से वंचित नहीं होगा। शहरी गरीबों के पक्के मकान का सपना अब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि एक गरीब मां का बेटा जब देश का प्रधानमंत्री बनता है, तो उन्हें गरीबों की कैसी चिंता होती है, इसका प्रधानमंत्री आवास योजना से बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका खुद का पक्का मकान हो। परिवार के साथ पक्का मकान में सम्मानपूर्वक जीवन बिता सके। गरीब के इस सपना को साकार करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सांय-सांय विकास के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों का सर्वेक्षण कार्य गंभीरतापूर्वक करने के निर्देश दिए। साथ ही हितग्राहियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस योजना का लाभ उठाने और पक्के आवास के अपने सपने को साकार करने की अपील की।

कलेक्टर राहुल देव ने कहा कि न सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का भी जिले में बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जो व्यक्ति आवास योजना से वंचित है, उनका नाम भी जोड़ने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की पूरी टीम हर गरीब के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ जिले से होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आश्वस्त किया। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर और उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह ने भी संबोधित किया।

सूडा के सीईओ शशांक पाण्डेय ने बताया कि रैपिड असेसमेंट सर्वे अन्तर्गत प्रथम चरण में निकाय में पीएम आवास योजना शहरी अन्तर्गत विगत 02 वर्षों में प्राप्त ऐसे लाभार्थियों के आवेदन, जिन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन लाभार्थियों से संपर्क कर उनका विवरण यूनिफाईड वेब पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। प्रथम चरण की समाप्ति उपरान्त द्वितीय चरण में शहर के प्रमुख स्थानों पर शिविर आयोजित कर इच्छुक लाभार्थियों से आवेदन प्राप्त कर उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। प्रथम एवं द्वितीय चरण उपरान्त निकाय क्षेत्र अन्तर्गत सघन डोर-टू-डोर सर्वे किया जावेगा। नवीन आवासों के लिए ऑनलाइन वेबसाइट Https://pmaymis.gov.in/PMAYMIS2_2024/OpenN/EligiblityCheck.aspx और क्यूआर कोड लिंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित नगरी निकाय के प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, गणमान्य नागरिक गिरीश शुक्ला, शैलेश पाठक, प्रेम आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी में संख्या में आम लोग मौजूद रहे।

डिप्टी सीएम ने पीएम आवास पूर्ण हितग्राहियों को सौंपी चाबी, स्कूली विद्यार्थियों को किया सम्मानित


डिप्टी सीएम साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण अंतर्गत आवास निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कुंती यादव, दुर्गा निर्मलकर, कांति यादव, निर्मला यादव और निशा सारथी को चाबी सौंपी और उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस अंतर्गत 14 नवंबर को आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय के प्रतिभागियों को सम्मानित किया, इनमें कु. स्वीटी पाटले, काजल पात्रे, दीपाली राजपूत और आर्यन कुलमित्र शामिल है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का करेंगे शुभारंभ

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव राज्य के शहरी आवासहीनों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। वे 15 नवम्बर को दोपहर ढाई बजे मुंगेली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में इसकी शुरूआत करेंगे। साव कार्यक्रम में मौजूद हितग्राहियों का सर्वेक्षण प्रपत्र सांकेतिक रूप से भरकर छत्तीसगढ़ में इसकी विधिवत शुरूआत करेंगे। 

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में आवासहीन हितग्राहियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे हितग्राही जिन्हें प्रथम चरण में आवास की सुविधा नहीं मिल पाई है, और जो अभी तक आवास की सुविधा से वंचित है, उन्हें द्वितीय चरण [प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0] में सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हांकित करते हुए आवास के लिए आवेदन की प्रक्रिया और आवास उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही की जाएगी। राज्य के शहरों में आबादी बढ़ने के साथ ही आवास की मांग भी लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों को उनके पहले पक्के आवास के सपने को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे कि वे सम्मानजक जीवन व्यतीत करने के साथ ही खुद के आवास के सपने को भी साकार कर सकें।    

पिछले 11 महीनों में पूर्ण किए गए 49,834 आवास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में ’’हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’’ के ध्येय वाक्य पर त्वरित अमल करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले 11 महीनों में 49 हजार 834 आवासों का निर्माण पूर्ण किया है। राज्य में योजना के साथ भागीदारी में किफायती आवास परियोजना (एएचपी) के तहत 38 हजार 097 आवास एवं हितग्राही द्वारा स्वयं आवास निर्माण (बीएलसी) के तहत दो लाख 11 हजार 069 यानि कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। वर्तमान सरकार के गठन के बाद बीते 11 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए एएचपी घटक के अंतर्गत 5415 आवास पूर्ण करते हुए कुल 21 हजार 600 आवास पूर्ण किए गए हैं। वहीं बीएलसी घटक के तहत 44 हजार 419 आवास पूर्ण करते हुए कुल एक लाख 74 हजार 967 आवास पूर्ण किए गए हैं। 

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में तीन आय वर्गों को किया गया है शामिल

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए योजना को चार श्रेणियों लाभार्थी आधारित निर्माण, भागीदारी में किफायती आवास, किफायती किराया आवास तथा ब्याज सब्सिडी योजना में विभाजित किया गया है। भारत सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए तीन आय वर्गों के हितग्राहियों को इसमें शामिल किया है। तीन लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडल्ब्यूएस), छह लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले निम्न आय वर्ग (एलआईजी) एवं नौ लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) को भी योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

 योजना के तहत पात्रता

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ लेने के लिए एक लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और अविवाहित बेटियों को शामिल किया गया है। लाभार्थी परिवार का देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड/वर्चुअल आधार अनिवार्य है। आवेदक/हितग्राही परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अथवा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में से किसी एक योजना का ही लाभ ले सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही परिवार को 31 अगस्त 2024 के पूर्व स्थानीय निकाय क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास हेतु आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाईन माध्यम से भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर स्वयं हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।

जंगल सफारी नया रायपुर के युवान कार्यक्रम अंतर्गत लोगों को पर्यावरण में प्रति किया जा रहा है जागरूक

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रायपुर। नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर के युवान कार्यक्रम अंतर्गत पर्यावरण के प्रति लोगों को स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में तालाबों के महत्व और आवश्यकताओं को समझने के लिए सामुदायिक भागीदारी से एक सर्वेक्षण तैयार किया गया है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से जल सरंक्षण के लिए तालाबों की आवश्यकता और स्थिति का आंकलन किया जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि हमारे बुजुर्ग हमारे लिए प्रेरणा हैं, जिन्होंने तालाबों को बनाया और जल सरंक्षण में योगदान दिया। अब यह तालाब धीरे धीरे विलुप्त हो रहे हैं और इनके कारण भूजल पर दबाव बढ़ रहा है। इसे समझने के लिए समुदाय के सहयोग से मोर तरिया मोर अभिमानथीम के अंतर्गत सर्वे का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए वन विभाग द्वारा सभी से अनुरोध किया गया है कि अपने समीपस्थ किसी एक गाँव के एक या अधिक या सभी तालाबों का सर्वे कर इस कार्य में सहयोग करें। इसे अपने साथियों, संस्था के कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं के साथ साझा भी करने का आग्रह किया गया है। इसके लिए अंतिम तिथि 15 सितम्बर 2024 निर्धारित की गई है। वेबसाइट https://www.surveymonkey.com/r/WYWPCS3 के माध्यम से जानकारी दी जा सकती है।


जहां चाह, वहां राह... सामूहिक प्रयास जब दिल से किए जाएं तो मिलतें है सार्थक परिणाम

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राजनांदगांव। जहाँ चाह होती है, वहाँ राह होती है और सामूहिक प्रयास जब दिल से किए जाएं तो इसके सार्थक परिणाम होते हैं। इसकी एक बानगी सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 अभियान के अंतर्गत दिखाई दी। जब शासन द्वारा 1 अप्रैल 2023 से चलाए जा रहे सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 अभियान के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण सर्वेक्षण का कार्य आज राजनांदगांव जनपद की ग्राम पंचायत बम्हनी ने शत-प्रतिशत कर दिखाया।

207 मकानों में 265 परिवारों का सर्वे कार्य कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिखी सफलता की एक नई इबारत

कलेक्टर डोमन सिंह के कुशल मार्गदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमित कुमार के चाक-चौबंद प्रबंधन तथा प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अरूण वर्मा व जनपद पंचायत राजनांदगांव के मुख्य कार्यपालन तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास से ग्राम पंचायत बम्हनी ने सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर दिया है। 207 मकानों में 265 परिवारों का सर्वे कार्य कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर सफलता की एक नई इबारत लिखी है।

सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ होते ही जब सर्वेक्षण कार्य ने गति पकड़ी और आने वाली तकनीकी समस्याओं का निदान जैसे ही होने लगा तब ग्राम पंचायत बम्हनी ने संपूर्ण सर्वेक्षण का महाअभियान चलाने का बीड़ा उठाया। योजनाबद्ध तरीके से किए गए इस प्रयास में सबसे पहले सर्वेक्षण की प्रारंभिक सूची अन्य छह सूचियों के साथ तैयार की गई परिवारों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों के लिए मुनादी कर उन्हें सर्वेक्षण कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी गई।

उन्हें आवश्यक दस्तावेज पहले से ही अपने पास जमा रख कर सर्वेक्षण के समय दिए जाने हेतु सूचित किया गया। सर्वेक्षण के दौरान परिवार के मुखिया को घर पर रहने कहा गया। गांव में सर्वेक्षण महाअभियान दिवस को त्यौहार मनाने की अपील की गई।  मकान नंबर की कार्रवाई के लिए सबसे पहले गांव की बसाहट का मुआयना कर सिलसिलेवार मकान की नंबरिंग की गई। इस हेतु स्थानीय रोजगार सहायक, पंचायत प्रतिनिधि, राजीव युवा क्लब के सदस्य तथा स्वयं सरपंच ने मकान नंबर का कार्य अपनी देखरेख में कराया।

महासमुंद ज़िले में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण का कार्य शुरू

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महासमुंद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के बाद आज शनिवार 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद ज़िले के ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का शुभारंभ हो गया। ज़िले के विधायकों सर्वश्री विनोद चंद्राकर, द्वारिकाधीश यादव, किस्मत लाल नंद और बसना विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह ने अपने-अपने ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण अभियान छत्तीसगढ़ सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण-2023 कार्य का शुभारंभ किया। 

उन्होंने सर्वेक्षण दल को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर टीम के साथ महासमुंद के ग्राम खरोरा और पिथौरा के छर्राभाठा कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत एस. आलोक  सहित जनपद सीईओ और ग्रामीण जन उपस्थित थे। घोषणा के अनुसार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवारों का सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण एक अप्रैल से 30 अप्रैल के मध्य किया जाएगा। यानि यह अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक चलेगा। सर्वेक्षण टीम में तकनीकी जानकारी रखने वाले शासकीय अधिकारी-कर्मचारी शामिल है। छत्तीसगढ़ सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के लिए प्रगणकों व सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।  जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थी। टीमें घर-घर जाकर सर्वे का काम में जुट गयी है और डाटा एकत्र रही है।

संसदीय सचिव व विधायक विनोद चंद्राकर ने  ग्राम खरोरा में लोगों को इस सर्वेक्षण अभियान की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि  प्राप्त डाटा का उपयोग आने वाले दिनों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा नई योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। जो हितग्राही किसी कारणवश लाभ से वंचित रह गए है। वह हितग्राही अब नवीन सूची में शामिल हो पाएंगे। ऐसे हितग्राही को पात्रता अनुसार योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।  वही संसदीय सचिव एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पिथौरा के ग्राम छर्राभाठा में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि यह सर्वेक्षण राज्य सरकार के नये कार्यक्रम व योजनाओं को बनाने और उनका बेहतर क्रियान्वयन कर लोगों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने सर्वेक्षण का उद्देश्य भी बताया l विगत वर्षों में शासन जानता की भलाई के लिए कई योजनाए संचालित कर रही है। जिनका लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है।

सीईओ एस.आलोक ने लोगों से अपील की कि वह सर्वेक्षण टीम को सही जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कोई नया सदस्य जुड़ा है जिसका नाम राशन कार्ड में नहीं है वह भी बताया जाए ताकि उसका नाम जुड़ सकें। रोज़ी-रोटी कमाने दूसरे जगह गये  वह भी बताया। यानि सर्वेक्षण टीम जो जानकारी माँगे या पूछे वह सही बताये। ग़लत बताने  पर वह व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो सकता है। उन्होंने बताया कि ज़िले के 551 ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए 135 सुरवाईजर और 1476 प्रगणक काम में जुटे है। इनके द्वारा ज़िले के ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जाकर प्रपत्र और एप्प के माध्यम से सर्वे का काम किया जा रहा है।

चयनित मोहल्लों की जीर्ण-शीर्ण नक्शा शीट का सर्वेक्षण कर नया नक्शा होगा तैयार

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मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 67 के तहत कलेक्टर एवं जिला सर्वेक्षण अधिकारी द्वारा संहिता द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा 66, 67, 68 के तहत तहसील मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ शहर के नजूल क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुहल्लों की नजूल नक्शा जो वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है जिन्हें ट्रेसिंग किया जाना संभव नही है और न ही रिफरेंस शीट उपलब्ध है ऐसी स्थिति में चयनित मोहल्लों की जीर्ण-शीर्ण नक्शा शीट का सर्वेक्षण कर नया नक्शा तैयार किया जाना है। नवीन नक्शा तैयार किए जाने हेतु दल का गठन किया है।

चयनित मोहल्लों में स्टेशन रोड, पेण्ड्रा दफाई से सरोवर मार्ग, पुराना गुरूद्वारा प्लाट क्रमांक 284/4 से 291, 394/2 से 464, झ्ागराखाण्ड रोड, लंहगीर मोहल्ला मारवाड़ी धर्मशाला के पीछे प्लाट क्रमांक 119/1 से 154, 192/1 से 248, 249/1 से 253/33, बाजारपारा, मस्जिदपार, सब्जीमंडी के पास प्लाट क्रमांक 25 से 118, 167/3 से 193/3, 254/1क से 284/5क/1, 292 से 394/1,  सिविल लाईन, झ्ािरिया मोहल्ला, एफसीआई गोदाम के पीछे मोटर स्टैण्ड प्लांट क्रमांक 1 से 24 सर्वेक्षण कराया जाएगा। 

उक्त सर्वेक्षण कार्य हेतु चाँदा मुनारा निर्माण कार्य 15 अप्रैल 2023 से 05 मई 2023, नक्शा तैयार करने सर्वेक्षण कार्य 15 मई से 15 जून 2023, नक्शा तैयार कर प्रारंभिक प्रकाशन प्रत्येक नवीन नक्शा शीट तैयार होते ही अलग-अलग तिथियों में प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद दावा आपत्ति - प्रत्येक शीट प्रकाशन पश्चात् 15 दिवस के भीतर एवं अंतिम प्रकाशन दावा आपत्तियों के निराकरण पश्चात् संधारण (मेन्टेनेंस) खसरों के साथ नक्शा का प्रकाशन किया जाएगा।

पहली से आठवी के वाले बच्चों के बुनियादी स्तर पर भाषा हिन्दी, अंग्रेजी और गणित की होगी जांच

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रायपुर। प्रदेश में कक्षा पहली से आठवी तक पढ़ने वाले बच्चों के बुनियादी स्तर पर भाषा हिन्दी, अंग्रेजी और गणित की जांच असर सर्वे-2022 के अंतर्गत की जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान तीन से सोलह वर्ष के बच्चों के नामांकन स्थिति की जानकारी ली जाएगी। असर सर्वे के लिए प्रत्येक जिले के 60 गांव का चयन किया जाएगा। चयनित प्रत्येक गांव से 20 घर का रेण्डम चयन किया जाएगा। यह जानकारी आज राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् में असर सर्वेक्षण 2022 के प्रशिक्षण के दौरान दी गई। यहां 07 से 11 नवम्बर तक 5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया गया।



प्रशिक्षण में प्रत्येक जिले से 4 प्रतिभागी जिसमे 2 डाइट के छात्राध्यापक एवं 02 असर के कार्यकर्ता सहित कुल 28 जिले से 113 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।  राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् के संचालक राजेश सिंह राणा ने प्रतिभागियों से कहा कि असर सर्वे-2022 में यह ध्यान रखा जाए की बच्चे जिस स्तर के है उसके अनुरूप परिणाम आना चाहिए। इसके लिए बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें, उनके मन में किसी भी प्रकार का डर न हो, सहजता महसूस करें तब उनसे प्रश्न पूछें, तभी सर्वे का उद्देश्य पूरा हो पाएगा।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को बताया गया कि असर सर्वेक्षण कैसे करना है, बच्चों से बातचीत कैसे करनी है, घर में जाकर बच्चों की बुनियादी दक्षता गणित एवं अंग्रेजी की पढ़ाई की जांच कैसी की जाएगी, घरों का चयन कैसे किया जाएगा, स्कूल की जानकारी कैसी लेनी है, से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही सर्वेक्षण कार्य करने के लिए रायपुर जिले के समीपस्थ 14 गाँवों में जाकर प्रत्यक्ष रूप से अभ्यास कराया गया। इस प्रशिक्षण के पश्चात् प्रत्येक जिले से 70-70 प्रतिभागियों के लिए तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। इस सर्वे में प्रत्येक जिले के 60 गाँवों का चयन किया जायेगा।

संयुक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने कहा कि सर्वेक्षण करने वाले की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। सर्वे का कार्य पूरी सावधानी के साथ करना है। जांच से पूर्व बच्चों के साथ सहज तरीके से वातावरण निर्मित कर बातचीत के जरिए प्रश्न करें। यदि शंका हो तो प्रशिक्षण में पूछ सकते हैं। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. निशी भाम्बरी ने कहा कि सर्वेक्षण कार्य डाइट के छात्राध्यापक द्वारा किया जा रहा है, अतः अपने यूनिफार्म में ही सर्वे करने जाए। साथ ही अपना पहचान पत्र भी अपने साथ रखे जिससे गाँव में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बच्चों के साथ परीक्षा या जाँच जैसे शब्दों का प्रयोग न करें, जिससे परीक्षा का भय बच्चों में न हो, सहजतापूर्वक वार्तालाप कर बच्चों के स्तर की जाँच करें।

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण दो चरणों में होगा। जिसमें प्रथम चरण 19 20 नवम्बर 2022 को प्रत्येक जिले के 30 गाँवों में तथा द्वितीय चरण 26-27 नवम्बर 2022 को 30 गाँवों में सर्वे किया जाएगा। प्रशिक्षण में दिल्ली से भालचन्द्र सहारे, संतोष कुमार, सजल घोष, मोहित मिश्रा, आकांक्षा बिस्त के साथ प्रदेश से भूपेन्द्र जांगड़े, सनित कुमार, कृष्णा कश्यप, केशव साहू और भुवेन्द्र बघेल स्त्रोत व्यक्ति के रूप उपस्थित थे।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार होगा पक्षी सर्वेक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों का सर्वेक्षण होगा। यह सर्वेक्षण बर्ड कॉउंड इंडिया एवं बर्ड्स एंड वाइल्ड लाइफ ऑफ छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया जाएगा। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान निदेशक धम्मशील गणविर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार कांगेर घाटी पक्षी सर्वेक्षण का कार्य 25 नवंबर से 27 नवंबर 2022 तक किया जाएगा। इस पक्षी सर्वेक्षण में देश के 11 राज्यों के 56 पक्षी विशेषज्ञों का चयन किया गया है।



छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, गुजरात, केरल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान से प्रतिभागी इस पक्षी सर्वेक्षण में शामिल होंगे। तीन दिनों तक पक्षी विशेषज्ञ कांगेर घाटी के अलग-अलग पक्षी रहवासों का निरीक्षण कर यहां पाई जाने वाली पक्षियों का सर्वेक्षण करेंगे। इस सर्वेक्षण से राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन में सहायता होगी तथा ईको-टूरिज्म में बर्ड वॉचिंग के नए आयाम सम्मिलित होंगे।

उल्लेखनीय है कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर मध्य भारत के जैव विविधता का एक अनोखा खजाना है। कांगेर घाटी अपने प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, रोमांचक गुफाओं के लिए देश-विदेश में विख्यात है। यहां भारत के पश्चिमी घाट एवं पूर्वीय हिमालय में पाए जाने वाले पक्षियों को भी देखा गया है। देश के विभिन्न परिदृश्यों में पाए जाने वाले पक्षियों का कांगेर घाटी से संबंध एवं उनके रहवास को समझने का प्रयास समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा किया गया है।


छत्तीसगढ़ को स्वच्छ सर्वेक्षण-ग्रामीण में भी चार राष्ट्रीय पुरस्कार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ सर्वेक्षण-ग्रामीण में भी चार राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं। टॉप परफॉर्मिंग राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ ने ईस्ट जोन में बाजी मारी है। इसके साथ तीन अन्य कैटेगिरी में उसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। गांधी जयंती पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ भारत दिवसकार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ को पुरस्कृत किया।



केन्द्रीय पेयजल और स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में दुर्ग और बालोद ने दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है। साथ ही ओडीएफ प्लस पर दीवार लेखन प्रतियोगिता में सेंट्रल जोन में छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए क्षेत्रीय प्रशिक्षण सम्मेलन

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रायपुर। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए क्षेत्रीय प्रशिक्षण सम्मेलन आज से रायपुर में शुरू हो गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के रायपुर में पदस्थ उप महानिदेशक रोशनलाल साहू ने इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर साहू ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद-जी.डी.पी. में असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का महत्घ्वपूर्ण योगदान है।



इस क्षेत्र में विश्वसनीय आंकड़ों के संग्रहण के लिए देशव्यापी सर्वेक्षण किया जा रहा है।  इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय के उप निदेशक सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि इस सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा विकास से संबंधित नीतियां और कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं।

रायपुर शहर को मोतियाबिंद मुक्त बनाने शुरू हुआ अभियान

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रायपुर। शहर को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के उद्देश्य से मोतियाबिंद मुक्त अभियान शुरू किया गया है इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मोतियाबिंद के खतरे से बचाना और समय पर नेत्र जांच कर मोतियाबिंद के इलाज को सुनिश्चित करना है इसमें शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएसके) की एएनएम  द्वारा सर्वे किया जा रहा है। अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. निधि अत्रीवाल ने बताया: “इस अभियान में रायपुर शहर के प्रत्येक वार्ड में मोतियाबिंद सर्वेक्षण कर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन के लिए चिन्हांकित किया जाएगा



मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए  चिन्हांकित मरीजों को लाने और ले जाने की निशुल्क वाहन सुविधा प्रदान की जाएगी। मोतियाबिंद ऑपरेशन लेंस प्रत्यारोपण पद्धति द्वारा अत्याधुनिक मशीनों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा निशुल्क में किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य समिति जिला रायपुर इस संबंध में आम जनता से अपील भी करती है कि जिस घर में 40 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति जिसको कम दिखाई देता है वह अपना चेकअप सर्वे के दौरान जरूर करवाएं एवं नेत्र जांच एवं उपचार करवाएं।‘’

रायपुर शहर को मोतियाबिंद मुक्त अभियान की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे ने बताया: “यह अभियानरायपुर ने ठाना है मोतियाबिंद मिटाना है" की थीम पर शुरू किया गया है जो 5 जुलाई से 25 जुलाई तक चलेगा प्रतिदिन एएनएम द्वारा सर्वे की जानकारी नेत्र सहायक अधिकारी को देगी जो मॉनिटरिंग एवं सत्यापन करेंगे ‘’

क्या है मोतियाबिंद

आंखों का एक सामान्य रोग है। प्रायः 55 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों में मोतियाबिंद होता है, किन्तु युवा लोग भी इससे प्रतिरक्षित नहीं हैं। मोतियाबिंद विश्व भर में अंधत् के मुख्य कारण हैं।

मोतियाबिंद के लक्षण

दृष्टि में धुंधलापन या अस्पष्टता; बुजुर्गों में निकट दृष्टि दोष में निरंतर बढ़ोतरी: रंगों को देखने की क्षमता में बदलाव क्योंकि लेंस एक फ़िल्टर की तरह काम करता है; रात में ड्राइविंग में दिक्कत आना जैसे सामने से आती गाड़ी की हैडलाइट से आँखें चैंधियाना या दिन के समय आँखें चैंधियाना: दोहरी दृष्टि (डबल विज़न); चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना; और दोनों आँखों के पावर में असंतुलन के चलते सर दर्द।

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