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लुण्ड्रा को मिला 10 करोड़ का विद्युत विस्तार

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रायपुर। लुण्ड्रा विकासखंड के ग्रामीणों को लंबे समय से झेल रही लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्याओं से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर क्षेत्र में विद्युत विस्तार कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद लुण्ड्रा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थायी समाधान मिलेगा।

स्वीकृति के अनुसार ककनी में 10 किलोमीटर 33 केवी लाइन और 9 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह तुरियाबीरा में 10 किलोमीटर 33 केवी और 7 किलोमीटर 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। कुंवरपुर पंचायत में भी 1 किलोमीटर 33 केवी तथा 21 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार होगा।

विधायक प्रबोध मिंज ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे थे। जनता की समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

ग्रामीणों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए विधायक मिंज का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब उनके गांवों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।


सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया।

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया।

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई।

सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, महापौर रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, इंदर चोपड़ा, श्रीमती पिंकी शाह, श्रवण मरकाम सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजु एस., आयुक्त, रायपुर संभाग महादेव कांवरे, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर के हर कोने तक पहुंचाएंगे विकास का उजाला: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के कोने कोने का विकास होगा और विकास के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सुकमा जिले में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज सस्थाओं के जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.बसव राजु एस. भी उपस्थित थे।

                             

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतिम चरण में आप लोगों के बीच पहुंचकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। यहां का वातावरण बड़ा सुंदर है और महुआ की सुंदर छांव शीतलता दे रही है। उन्होंने परंपरागत रूप से स्वागत करने पर सभी का आभार जताया। साय ने कहा कि बस्तर से बदलाव की बुलंद आवाज ने माओवादियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। नक्सलगढ़ के रूप जाना जाने वाले सुकमा में स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, बच्चे निर्भीक होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। साय ने कहा कि प्रदेशव्यापी इस अभियान का उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। आज देखने आया हूं कि प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य आपके गांव में सुचारू रूप से चल रहा है या नहीं, महतारी वंदन योजना की राशि माताओं-बहनों को समय पर मिल रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान वे मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष रूप जानकारी ले रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन चरण में आयोजित सुशासन तिहार अपने उद्देश्य में सफल हुआ है। प्रशासन ने कड़ी मेहनत कर आपकी समस्याओं का समाधान किया है। साय ने कहा कि ऐसा काम वही सरकार कर सकती है जिसकी नीति और नियत साफ है। हमने ईमानदारी से काम किया है, इसीलिए जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। हमने पूरे प्रदेश में पीएम आवास के माध्यम से लोगों के लिए पक्का मकान स्वीकृत कर उनके गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया है। पहले ही कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास स्वीकृत किया था, यह काम लगातार जारी है।

                             

उन्होंने कहा कि हम किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मूल्य पर खरीद रहे हैं। धान के दो वर्षों के बकाया बोनस की राशि भी किसानों को दी जा चुकी है।  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए परिश्रमिक की दर प्रति मानक बोरा 5000 रुपए की दर स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं पंचायत भवन में ही मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किया गया है। अगले एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों में शुरू होगी। 

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने तोंगपाल समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। तोंगपाल की त्रिवेणी रावटे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रति माह महतारी वंदन योजना की राशि मिल रही है। बच्चों के पालन पोषण में इस राशि के उपयोग की उन्होंने जानकारी दी। इसी तरह श्रीमती वेदमती कश्यप ने बताया कि हमारी समूह की दीदियां गणवेश सिलाई का काम करती हैं। तीन एकलव्य स्कूल के बच्चों की गणवेश सिलाई से उन्हें सालाना डेढ़ लाख रूपए से अधिक की कमाई हो रही है। शिविर में पहुंचे अन्य लोगों ने भी अपनी मांगे रखी और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी दी। 

किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर दौड़ेगी ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘

बस्तर अंचल के कभी संवेदनशील क्षेत्र रहे किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर अब ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘ बस दौड़ेगी। दुरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आवगमन सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगापाल के समाधान शिविर में मरईगुड़ा के प्रतिज्ञा महिला क्लस्टर संगठन को हुक्कुम मेल बस की चाबी सौंपी। इससे अंचल के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी

मुख्यमंत्री साय ने तोंगपाल के समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देकर उनके सपनों के घर की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 4 हितग्राहियों को आवास के पहली किस्त के चेक भी बांटे।  साथ ही पूरे हो चुके आवास के 4 हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी।

खेलो इंडिया पहल के 10 खिलाड़ियों को मिले खेल किट

शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 10 खिलाड़ियों को खेल सामग्री (किट) प्रदान किए। इनमें 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ी और 2 हाकी खिलाड़ी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि खेलो इंडिया एकेडमी रायपुर और सुकमा में जिले की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर में की बड़ी घोषणाएं

सुकमा दंतेवाड़ा मार्ग हेतु 230 करोड़ रूपए, .झीरम व्यापवर्तन योजना हेतु 32 करोड़ 50 लाख, कावराकोपा में पुलिया निर्माण हेतु 35 लाख, जैमर में पुलिया निर्माण 35 लाख, हमीरगढ़ में सामाजिक भवन 30 लाख, टहकवाडा में एक पुल- पुलिया 35 लाख, तोंगपाल में समूह के लिए प्रशिक्षण केंद्र 25 लाख, मारेंगा में सी सी सड़क हेतु 16 लाख, एलेननार में पंचायत भवन 25 लाख और पुलिया हेतु 3.50 लाख, धोबनपाल देवगुड़ी में बाउंड्री वाल हेतु 10 लाख, सीतापाल के स्कूल में बाउंड्री वाल हेतु 8 लाख, वारदेरास  में पुलिया हेतु 16 लाख रूपए की घोषणा की।

जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार द्वारा बीते डेढ़ वर्ष में किए गए कार्यों की जमीन हकीकत का मूल्यांकन और जनता जनार्दन से संवादकर फीडबैक प्राप्त करना है। राज्य शासन का लक्ष्य जनसेवा है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन है। मुख्यमंत्री साय ने यह बातें कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में वनोपज आधारित रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि इमली एवं रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति बनाकर वैल्यू एडिशन करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने रेशम, मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के मद्देनजर अधिकारियों को रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने एवं गैस सब्सिडी के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों, विशेषकर सीमांकन से संबंधित मामलों को 15 जून के पूर्व निराकृत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में मक्का प्रमुख फसल है, इसे उन्न्त तकनीक से जोड़कर उत्पादकता में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें तथा सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए भी विशेष प्रयास करें।

प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने त्रुटि सुधार कार्यों, विशेषकर नाम वर्तनी संबंधी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कोंडागांव जिले में अप्रारंभ आवासों की संख्या अधिक होने पर इसका त्वरित निराकरण तथा राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों को भी अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, रिटेंडर प्रक्रिया, मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर डोमन सिंह, आई.जी. सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मंत्री राजवाड़े ने समाधान शिविर में जनता से किया सीधा संवाद, कहा-जनहित में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोड़ में समाधान शिविर में उपस्थित रहीं। छत्तीसगढ़ सरकार की “संवाद से समाधान” पहल के तहत आयोजित इस शिविर में खोड़ क्लस्टर के आठ ग्राम पंचायतों-बेदमी, छतोली बीजो, इंजानी, करवा, केसर, खोंड़, मसंकी और टमकी के नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन के समक्ष रखीं।

शिविर के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट और सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर मंत्री राजवाड़े ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और क्रेडा के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। 

इस दौरान मंत्री राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की “संवाद से समाधान” पहल की सराहना की और कहा कि इस अभियान के माध्यम से शासन सीधे जनता से जुड़ रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है। शिविर के दौरान ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण के साथ ही कई नए आवेदन भी प्राप्त हुए। ग्रामीणों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाने का सशक्त मंच मिला है। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने देवी अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में समाज सेवा में योगदान देने वाली पाँच महिलाओं को साड़ी और नारियल भेंट कर सम्मानित किया।

सुशासन तिहार 2025 : सुशासन तिहार में वनांचल के किसान गोवर्धन को मिला किसान किताब की द्वितीय प्रति सुशासन तिहार में अपने आवेदन पर शीघ्रता से काम होने पर

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बालोद। सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर कोटागांव में किसान किताब की द्वितीय प्रति मिलने पर किसान गोवर्धन ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव में आयोजित समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में पहुंचे ग्राम धोतिमटोला के किसान गोवर्धन हल्बा ने बताया कि उनका पहले जो किसान किताब था, वह बहुत पुराना होने के कारण उसे उपयोग में नहीं ला पा रहे थे, जिससे बहुत कठिनायों का सामना करना पड़ रहा था। 

नया किसान किताब बनाने के लिए काफी समय से सोंच रहे थे, लेकिन नहीं बनवा पा रहा था। गोवर्धन ने बताया कि सुशासन तिहार की जानकारी गांव में मुनादी द्वारा मिलने पर उन्होने पंचायत में जाकर नया किसान किताब बनाने के लिए आवेदन किया और आज उन्हें समाधान शिविर में निःशुल्क नया किसान किताब मिल गया।

नया किसान किताब के लिए किसी प्रकार की राशि भी नहीं लगा है। गोवर्धन ने कहा कि सुशासन तिहार बहुत मददगार साबित हुआ है। उन्होंने सुशासन तिहार आयोजन करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। किसान गोवर्धन ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर सभी किसानों के लिए बहुत अच्छा है। उनके आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से बहुत सारी योजनाओं की जानकारी मिली है।

सीएम कैंप कार्यालय की पहल पर प्रायमरी स्कूल में तत्काल हुई शिक्षकों की व्यवस्था

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रायपुर। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक के ग्राम जाममुंडा के प्राथमिक स्कूल में तत्काल दो शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। ग्राम जाममुंडा के ग्रामीणों ने गुरुवार को सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आकर आवेदन दिया था कि गांव के प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों के निलंबन के बाद वहां नए शिक्षकों की पदस्थापना नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। जिस कारण से ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना की मांग रखी थी। 

बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर कैंप कार्यालय द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए प्राथमिक स्कूल में दो शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। समस्या का तुरंत समाधान होने से प्रसन्न ग्रामीणों ने सीएम के प्रति आभार व्यक्त किया है।सीएम कैंप कार्यालय में लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट निर्देश है कि हर मामले में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और लोगों की समस्याएं हल होनी चाहिए। ऐसे ही एक मामले में ग्रामीणों की मांग पर तत्काल ही शिक्षकों की व्यवस्था हो जाने से ग्रामीण काफी प्रसन्न हैं।

राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में छत्तीसगढ़ के सभी जिले शामिल

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रायपुर। देश में आनुवांशिक बीमारी सिकलसेल को दूर करने भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरूआत की जा रही है। वर्ष 2047 तक सिकलसेल को खत्म करने करने देश के 17 राज्यों के 278 जिलों में यह मिशन संचालित किया जाएगा। इस मिशन में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 जुलाई को मध्यप्रदेश के शहडोल में राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव रायपुर के राजा तालाब स्थित हमर अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंस से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। वे स्थानीय लाभार्थियों को सिकलसेल जेनेटिक स्टेटस कार्ड भी वितरित करेंगे।


स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. खेमराज सोनवानी ने बताया कि सिकलसेल के उन्मूलन के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन प्रारंभ किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिकलसेल रोग से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना है। यह मिशन वर्ष 2047 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में सिकलसेल को खत्म करने के सरकार के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसे 17 राज्यों के 278 जिलों में लागू किया जा रहा है। डॉ. सोनवानी ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, असम, उत्तरप्रदेश, केरल, बिहार और उत्तराखंड को राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में शामिल किया गया है। मिशन के अंतर्गत विकासखंडवार लोगों को सिकलसेल के कारण और बचाव के उपाय बताए जाएंगे। साथ ही जरूरी जांच और इलाज भी मुहैया कराया जाएगा।

महासमुंद : कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत अमल

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महासमुंद। कलेक्टर प्रभात मलिक हाल ही में अधिकारियों की ली बैठक में समय सीमा के प्रकरणों के निराकरण और आम जानता की समस्याओं के समाधान और उनके अपने स्तर से निराकृत होने वाले प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक सोमवार को विकासखंड स्तरीय जन चौपाल कार्यक्रम करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिये थे।

कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत अमल करते हुए आज सोमवार को ज़िले के महासमुंद सहित सभी विकासखंडों बाग़बाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली में समय सीमा की बैठक और जन चौपाल लगायी गयी। जहां आम जन की समस्याओं का समाधान भी हुआ। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को सरकारी योजनाओं के साथ विभागीय योजनाओं की भी जानकारी दी। योजनाओं से लाभ लेने की प्रक्रिया भी बतायी।

महासमुंद में जन चौपाल तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उमेश साहू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। उन्होंने सभी विकासखंड स्तर के अधिकारियों को आम जन से प्राप्त सभी आवेदनों पर समय सीमा में कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। उन्होंने मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी ज़रूरी व्यवस्था करने कहा। महासमुंद में आज की इस जन चौपाल में विभिन्न विभागों से संबंधित 17 आवेदन आये। इनमें 6 आवेदनों का निराकरण हुआ। शेष 11 आवेदनों के परीक्षण उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

जनचौपाल में विभिन्न विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों राजस्व, वन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, बैंक, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, खाद्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,विद्युत, सहकारिता, श्रम सहित अन्य विभाग अधिकारियों ने बारी-बारी से अपने-अपने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से लाभ उठाने की अपील की।

जनदर्शन में कलेक्टर को निःसंकोच अपनी समस्याएं बता रहें आमजन

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जांजगीर-चांपा। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा जिले के आमनागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं तथा विभागीय कार्यों के लाभ लेने में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उनके समाधान के लिए प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को जनदर्शन के माध्यम से लोगो की विभिन्न समस्याओं, मांग आदि को गंभीरतापूर्वक सुना जा रहा है।

जिस कारण जिले के विभिन्न दुरूस्थ क्षेत्रों के लोग भी कलेक्टर को निःसंकोच अपनी समस्याएं बता रहें हैं। कलेक्टर द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त होने वाले आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को फोन कर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए जा रहें है। इसी क्रम में आज पामगढ़ निवासी हितेश बंजारे कलेक्टर के पास मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना अंतर्गत लिए गए ऋण की अनुदान राशि न मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना अंतर्गत उन्हे 2 लाख रूपये की ऋण स्वीकृति प्राप्त हुई है लेकिन संबंधित विभाग द्वारा उन्हे अब तक अनुदान राशि नहीं दी जा रही है।

जिस पर कलेक्टर ने तत्काल उद्योग महाप्रबंधक को फोन कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिस पर उन्हें 50 हजार रूपये की अनुदान राशि तत्काल जारी की गई। कलेक्टर द्वारा सभी विभाग प्रमुखों को प्राप्त आवेदनों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं लेटलतीफी ना किये जाने की सख्त हिदायत दी गई है। आज जनदर्शन में कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए है। आज जनदर्शन में जिला हॉकी संघ के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा जिले में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से भारतीय खेल संघ (साईं) द्वारा स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की स्वीकृति प्राप्त होने पर कलेक्टर को धन्यवाद दिया।

कलेक्टर ने उपस्थित पदाधिकारियों और खिलाडियों को बधाई देते हुए हॉकी के खेल में भी जिले का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दी। आज जनदर्शन में ग्राम बनारी निवासी कृष्ण कुमार धीवर उनकी पैतृक जमीन पर किसी प्रॉपर्टी डीलर द्वारा कब्जा का प्रयास करने का शिकायत लेकर पहुंचे। जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को जांच कर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बलौदा विकासखंड के जीवन लाल ग्राम पंचायत रैनपुर में मनरेगा अंतर्गत किए गए कार्य की राशि भुगतान कराए जाने का आवेदन लेकर पहुंचे। जिस पर कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी बलौदा को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत रैनपुर के सरपंच सुनील दास महंत अपने पंचायत क्षेत्र में जर्जर पंचायत भवन की जगह नया पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान किए जाने का आवेदन लेकर पहुंचे।  जिस पर कलेक्टर ने शासन को त्वरित प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही। 

ग्राम पंचायत लछनपुर निवासी हीरालाल सूर्यवंशी अपने आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार कराए जाने का आवेदन लेकर पहुंचे। जिस पर कलेक्टर ने उनका रिकॉर्ड जांच करते हुए उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विकासखंड अकलतरा के ग्राम खांेड निवासी जमुना प्रसाद पांडेय स्वामित्व योजना अंतर्गत पिछले कई वर्षों से निवासरत जमीन पर आबादी (पट्टा) दिलाए जाने का आवेदन लेकर पहुंचे। जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार अकलतरा को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार जनदर्शन में अन्य आवेदकों द्वारा क्षतिपूर्ति, आजीविका दिलाने, अतिक्रमण हटाने, रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण, कूटरचना पर दंडात्मक कार्यवाही करने, नामांतरण, पट्टा दिलाने, आवास निर्माण, किसान क्रेडिट कार्ड बनाने संबंधी कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए सभी संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि शासन के मंशानुरूप आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ तथा शीघ्र निराकरण करने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा कलेक्टोरेट कार्यालय में जिला स्तरीय जनदर्शन का आयोजन प्रत्येक सोमवार को 10ः30 बजे से आयोजित किया जा रहा है।

आपके घर का पैसा लगता तो क्या ऐसी लापरवाही करते?, गुणवत्ताविहीन शेड निर्माण पर कलेक्टर ने जतायी नाराजगी

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जांजगीर-चाम्पा। राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जाँचने लगातार ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रहे जिले के कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज बलौदा ब्लॉक के अंतिम छोर के अनेक ग्रामों का सुबह से शाम तक दौरा किया। उन्होंने बलौदा ब्लॉक में धान खरीदी केन्द्र, गौठान, आत्मानंद स्कूल, युवा महोत्सव आयोजन, सड़क निर्माण, राजस्व समाधान शिविर, मत्स्य पालन, जल जीवन मिशन के कार्यों और नरवा योजना के अंतर्गत कार्यों एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का जायजा लिया। 

ग्राम महुदा के गौठान में स्व-सहायता समूह के सदस्यों से उनकी गतिविधियों की जानकारी लेने के साथ कलेक्टर ने जब यहाँ शेड निर्माण के कार्यों को अधूरा और गुणवत्ताविहीन देखा तो आरईएस के अधिकारियों पर खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतना घटिया निर्माण हो रहा है, आप लोग देखते क्यों नहीं ? शासन का पैसा लग रहा है। आपके घर का पैसा लगता तो क्या इस तरह लापरवाही करते ? ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा।



कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने सबसे पहले बलौदा ब्लॉक के गतवा में वन विभाग के नर्सरी और कर्रा नाले में बने स्टॉप डेम का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने अमरूद, कटहल सहित अन्य फलदार पौधों को मौसम अनुरूप सभी गौठानो में लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्टॉप डेम का भी अवलोकन किया और आसपास के किसानों से चर्चा की। किसानों ने बताया कि स्टॉप डेम बनने से उन्हें फसल लेने के साथ साग सब्जी उत्पादन में भी आसानी होने लगी है। कलेक्टर ने बलौदा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय एवं युवा महोत्सव कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ डॉ ज्याति पटेल, एसडीएम ममता यादव, जनपद सीईओ, तहसीलदार आदि उपस्थित थे।

नल चालू कर जानी पानी आपूर्ति की स्थिति

कलेक्टर ने कई गांवों में जल जीवन मिशन अंतर्गत बनी पानी की टंकी और ग्रामीणों के घरों में लगे नलों में पेयजलापूर्ति की स्थिति की भी जाँच की। उन्होंने अंतिम छोर के ग्राम केराकछार में पानी टंकी का निरीक्षण किया और सरपंच को गाँव में नल कनेक्शन के लिए पहल करने तथा पानी आपूर्ति के सुचारू संचालन हेतु सुविधानुसार शुल्क निर्धारित करने कहा। उन्होंने ग्राम महुदा में किसान झंगलूराम के आवास में जाकर जेजेएम अंतर्गत लगाये गये नल की टोटी को घुमाकर पानी आपूर्ति की जांच की।

गलत जानकारी पर सचिव को नोटिस जारी

कलेक्टर सिन्हा ने ग्राम महुदा में गौठान पहुंचकर स्व सहायता समूह की महिलाओं से उनके द्वारा संचालित की जा रही आजीविका गतिविधियों के संबंध में चर्चा की। मौके पर उपस्थित सचिव द्वारा गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट बिक्री की सही जानकारी नहीं दिए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जतायी और योजनाओं की जानकारी नहीं होने तथा मुख्यालय से बाहर रहकर आना-जाना करने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यहां उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि महुदा गौठान को ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) से जोड़ा गया है। गौठान में आयमूलक गतिविधियां संचालित करके आमदनी बढ़ाए। कलेक्टर ने यहां गोबर खरीदी बढ़ाने, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण करने, 

गौपालकों की एण्ट्री एप में करने, मानस मंडली का पंजीयन चिन्हारी पोर्टल में करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर से महुदा-नैला सड़क मार्ग को मरम्मत करने, स्कूल भवन की मांग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण व बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। गांवो के जमीन पर अतिक्रमण होने की शिकायत सामने आने पर कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों की बैठक बुलाकर प्रकरण को सुलझाए और और रिक्त भूखंड में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पौधा रोपण कराए। मौके पर उपस्थित डीएफओ सौरभ सिंह ने भी रेंजर को भूमि संबंधी विवाद को सुलझाने के निर्देश दिए।

युवा उद्यमी सत्येन्द्र प्रकाश के प्रयासों की सराहना की

कलेक्टर सिन्हा ने बलौदा ब्लाक के ग्राम ठड़गाबहरा में आधुनिक तकनीकों से मत्स्य पालन कर रहें युवा उद्यमी सत्येन्द्र प्रकाश के कार्यों को देखकर सराहना की। कलेक्टर ने खेत में बनाये गये तालाब और बायो फ्लॉक के माध्यम से एक बड़े क्षेत्र में किये जा रहे मछली पालन की गतिविधियों को देखा और मत्स्य पालक सत्येन्द्र प्रकाश से चर्चा भी की। सत्येन्द्र ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। गांव में रहकर आधुनिक तकनीकों से वह मछली पालन कर रहा है। कलेक्टर ने सत्येन्द्र के परिश्रम और प्रयासों के प्रशंसा करते हुए कहा कि वे आने वाले युवा पीढ़ी को भी शासन की योजनाओं से आगे बढ़ने के दिशा में प्रेरित करे।

राजस्व शिविर का उठाएं लाभ, किसी को पैसे न दें

कलेक्टर सिन्हा ने जर्वे (ब) में आयोजित राजस्व शिविर पहुंचकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, डायवर्सन, ऋण पुस्तिका सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक पैसा नहीं देने की अपील ग्रामीणों से की। कलेक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि राजस्व शिविर का आयोजन राजस्व संबंधी विवादों का निराकरण करने के लिए किया जा रहा है। अपनी समस्याओं को वे पटवारी के माध्यम से रख सकते हैं। कलेक्टर ने राजस्व शिविर में प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार ऋण पुस्तिका, आमदनी, निवास प्रमाण पत्र का वितरण संबंधित हितग्राहियों को किए। यहां उन्होंने पटवारी को मुख्यालय में रहने के निर्देश देते हुए ग्रामीणों से पीडीएस, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र मजदूरों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए।

धान खरीदी में न हो गड़बड़ी, किसानों का रखे ख्याल

कलेक्टर सिन्हा ने ग्राम जावलपुर में धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने उपार्जन केन्द्र प्रभारी से धान खरीदी के संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की निर्देश देते हुए धान विक्रय करने आने वाले किसानों हेतु पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था तथा टोकन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान संग्रहण हेतु प्राप्त बारदाने की जानकारी ली और धान के बोरो को चबूतरों में व्यवस्थित ढंग से रखने, बारिश की स्थिति में कैप कव्हर हेतु तिरपाल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदार को गिरदावरी के आधार पर फसल उत्पादन तथा बिक्री की रैण्डम जांच के भी निर्देश दिए।

सड़क निर्माण कार्य में लाए प्रगति

कलेक्टर सिन्हा ने इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर अंतर्गत निर्माणाधीन मार्ग का अवलोकन किया। बलौदा बायपास निर्माणाधीन सड़क मार्ग का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जावलपुर के ग्रामीणों द्वारा मुख्यमार्ग में भारी वाहन चलने से उड़ने वाले धूल से बचाव हेतु पानी छिड़काव की मांग को भी पूरा करने के निर्देश दिए।

इच्छा मृत्यु किसी भी समस्या का समाधान नही : कलेक्टर झा ने जनचौपाल में आये भू विस्थापित बंशी दास को दिया समझाईश

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कोरबा। कलेक्टर संजीव झा ने जन चौपाल में इच्छा मृत्यु की मांग करने आये विजय नगर कोसमंदा निवासी बंशी दास महंत को समझाईश दिया। कलेक्टर ने बंशी दास को समझाईश देते हुए कहा कि इच्छा मृत्यु किसी भी समस्या का समाधान नही है। समस्याओं के कारणों को जानकर उनका निराकरण करके ही समस्या को सुलझाया जाता है। कलेक्टर झा ने बंशी दास की रोजगार और परिवार के पालन पोषण से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए उनके पुत्र को एसईसीएल कुसमुण्डा कोयला खदान क्षेत्र में किसी निजी एजेंसी में नौकरी दिलाने के निर्देश एसईसीएल के अधिकारी को दिये। कलेक्टर ने जन चौपाल में ही एसईसीएल कुसमुण्डा के महाप्रबंधक को फोन लगाकर तत्काल बंशी दास के पुत्र को एजेंसी के माध्यम से नियोजित करने के निर्देश दिये।



दरअसल बंशी दास काफी लंबे समय से एसईसीएल द्वारा भूमि अधिग्रहण के पश्चात् नौकरी नही दिये जाने की समस्या को बताते हुए इच्छा मृत्यु की मांग करने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किये थे। उन्होने स्वयं के दिव्यांग होने के कारण परिवार के भरण पोषण में आ रही कठिनाईयों से अवगत कराया। कलेक्टर झा ने बंशी दास को बड़ी ही शालीनता से समझाते हुए कहा कि उनके भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित है। प्रकरण के हाईकोर्ट से निराकरण पश्चात् नियमानुसार प्रबंधन द्वारा रोजगार एवं बसाहट के संबंध में कार्यवाही की जाएगी। 

तब तक प्रशासन द्वारा परिवार के भरण पोषण में सहयोग के लिए उनके पुत्र को निजी एजेंसी में नियोजित करने में सहयोग किया जा रहा है। कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित जनचौपाल में कलेक्टर झा ने लोगों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित निदान के लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए। आज आयोजित जन चौपाल में 94 लोगों ने कलेक्टर को अपनी समस्याओं-सुझावों से अवगत कराया। जनचौपाल में डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रियंका पाण्डेय, डीएफओ कटघोरा श्रीमती प्रेमलता यादव, अपर कलेक्टर विजेन्द्र पाटले, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. नूतन कंवर, नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय सहित सभी विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

जनचौपाल में आज गरूड़ नगर गेवरा प्रोजेक्ट निवासी सुश्री दुर्गा रानी नायक ने सीपेट में रोजगारमुखी पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। दुर्गा रानी सीपेट में डीपीटी कोर्स में प्रवेश लेना चाहती है। उन्होने कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सीपेट द्वारा निर्धारित शैक्षणिक शुल्क जमा करने में असमर्थता जताई। उन्होने उक्त कोर्स में प्रवेश दिलाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने कलेक्टर के समक्ष निवेदन किया। 

कलेक्टर झा ने आवेदिका की बातों को सुनकर लाईवलीहुड के सहायक परियोजना अधिकारी को दुर्गा रानी का एडमिशन सीपेट में करवाने के निर्देश दिये। जन चौपाल में आज सरगबुंदिया के कुछ दुकानदारो ने फोरलेन सड़क निर्माण में दुकानों के प्रभावित होने की शिकायत करते हुए दुकान की क्षतिपूर्ति राशि तथा गांव में दूसरे जगह पर दुकान निर्माण करने अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किये। कलेक्टर झा ने दुकानदारो की आवेदन पर संज्ञान लेते हुए अपर कलेक्टर को इस संबंध में उपयुक्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

इसी प्रकार ग्राम सेमीपाली निवासी श्रीमती फूलबाई ने भूमि मुआवजा राशि के बंटवारा में आ रही पारिवारिक समस्या को दूर मुआवजा राशि का तीन हिस्सों में बंटवारा करवाने आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होने बताया कि रेल परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि लगभग 27 लाख रूपये प्राप्त हुए है। फूलबाई के पति की मृत्यु हो चुकी है। वह मुआवजा राशि को स्वयं और अपने दोनो पुत्रो के बीच बराबर तीन हिस्सो में बांटना चहती है। आवेदन पत्र संज्ञान लेते हुए कलेक्टर झा ने तहसीलदार को आवेदिका की मदद करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। 

जनता से संवाद हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए: अनुसुईया उइके

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रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा है कि जनता से संवाद हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके। रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद के तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में आज राज्यपाल शामिल हुई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपने परिवेश की स्वच्छता के लिए लोगों को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि भारत विकासशील से विकसित देश बनने की ओर अग्रसर है, ऐसे में हमें सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।



सम्मेलन में सुश्री उइके ने प्लास्टिक के उपयोग, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलनों के जरिये विचार-विमर्श करके जानकारियों को साझा किया जा सकता है, इससे नगरीय निकायों में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। समापन समारोह को रायपुर के सांसद सुनील सोनी ने भी संबोधित किया। वहीं, राज्यपाल ने आज राजभवन में अखिल भारतीय महापौर परिषद में शामिल होने आए महापौरों को सम्मानित भी किया।

इससे पहले, कल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखिल भारतीय महापौर परिषद के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महापौर नगर निगमों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नगर निगमों में महापौर की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के महापौरों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। बघेल ने सभी महापौरों से अनुरोध किया कि वे अपने नगर निगमों में नवाचार के कार्य करें। सम्मेलन में रायपुर के महापौर एजाज ढेबर सहित आगरा के महापौर नवीन जैन, मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और देश के विभिन्न भागों से आए महापौर उपस्थित थे।

विशेष लेख : मोबाइल के नशे से बच्चों का बचाव, चुनौतियां और समाधान

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रायपुर. बच्चों में नशे की बढ़ती आदतें न सिर्फ उनसे उनका बचपन छीन रही हैं, बल्कि उनका जीवन भी छीन रही हैं. नयी जीवन शैली में बहुत कुछ ऐसी चीजें शामिल होती जा रही हैं, जो सुविधाएं देने के साथ-साथ नये खतरे भी निर्मित कर रही हैं. इन्हीं में से एक मोबाइल फोन भी है. विगत कुछ वर्षों में स्मार्ट फोन का प्रयोग काफी बढ़ा है. कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाईन शिक्षा व्यवस्था के कारण मोबाइल के उपयोग से बच्चे और अधिक परिचित हो गये हैं. बच्चे पिछले कुछ समय में जाने अन्जाने में ही मोबाइल के नशे के शिकार हो गये हैं. 



कुछ माता-पिता अपने बच्चों को खाना खिलाते समय बहलाने के लिए या अन्य कार्यों में व्यस्त होने पर बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा देते हैं. जहाँ एक ओर मोबाइल के सदुपयोग से होने वाले कतिपय लाभ से इंकार नहीं किया जा सकता, वहीं दूसरी ओर सीमा से अधिक उपयोग के कारण मोबाइल की लत लग जाने से बच्चों में कुछ गंभीर परिणाम दिखाई दे रहे हैं. छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों को नशे की आदत से बचाव को गंभीरता से लिया है. छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा लगातार पाम्पलेट, 



कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं बच्चों को नशे की लत से दूर करने प्रभावी उपायों के लिए विचार-मंथन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में ‘बच्चों का नशे की आदत से बचाव चुनौतियां व समाधान’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री ने यहां छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वस्थ्य और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई और नशे के खिलाफ अभियान को विस्तार देने की बात कही. मुख्यमंत्री नशे के प्रति जागरूकता बनाने ब्रोशर और ‘लइका मन के गोठ’ पुस्तिका भी लोगों के समक्ष लेकर आए.

मोबाइल के लगातार प्रयोग व नशे के दुष्परिणाम

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मोबाइल के विद्युत चुम्बकीय विकिरण के कारण मस्तिष्क की गतिविधियों में सुस्ती, निष्क्रियता आती है और बच्चों का व्यवहार विचलित दिखाई देता है. बच्चों की प्राकृतिक दिनचर्या में बदलाव आ जाता है. जैसे कि बच्चे सुबह उठकर काफी समय मोबाइल देखने में व्यतीत कर देते हैं, जबकि उस समय उनसे नित्यकर्म जैसे मंजन, स्नान आदि करने की अपेक्षा होती है. बच्चों की शारीरिक रूप से कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती है क्योंकि वे मोबाइल पकड़कर एक स्थान पर बैठे रहते हैं. 



देर रात तक मोबाइल देखने के कारण नींद पूरी नहीं होती है और उनमें चिड़चिड़ापन आता है व अशांत स्वभाव बढ़ता है. मोबाइल के ज्यादा उपयोग से बच्चे अवास्तविक दुनिया अर्थात् वर्चुअल दुनिया में रहने लगते हैं. मोबाइल के माध्यम से अनावश्यक चैटिंग करने, व्हाट्सएप्प की टिप्पणियाँ पढ़ने आदि से समय तो बर्बाद होता ही है साथ ही बच्चे भ्रामक जानकारी से भी अपने मस्तिष्क को दूषित कर लेते हैं. मोबाइल से बच्चों के हाथ और मस्तिष्क के बीच का संबंध प्रभावित होता है.

इससे कई बच्चों में पेन या पेन्सिल से लेखन की क्षमता की कमी भी देखी गई है. मोबाइल देखते हुए एक ही स्थान पर बैठे रहने से शारीरिक प्रगति बाधित होती है. इससे बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या सामने आ सकती है. मोबाइल में व्यस्त रहने से बच्चों की सामाजिक जीवन शैली प्रभावित होती है और वे आस पड़ोस में घूमना, समूह गतिविधियाँ या सामूहिक रूप से त्यौहार मनाने को नापसंद करने लगते हैं. यहाँ तक कि घर से बाहर जाना भी उन्हें पसंद नहीं आता है. बच्चों में पुस्तकों के अध्ययन के प्रति रुचि कम हो रही है.

मोबाइल की लत से बचाने के उपाय

यह ध्यान रखना जरूरी है कि मोबाइल की लत से बच्चों को बचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भूमिका माता-पिता की तो है ही साथ ही परिवार के सभी सदस्यों की भी है. बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार खिलौना दें और मोबाइल के प्रयोग को बढ़ावा न दें.  बच्चों के साथ बातचीत करने में समय अवश्य दें जब भी अवसर मिले टेलीविजन बंद करें और मोबाइल अलग रखवाकर आमने-सामने हल्का फुल्का हास्यभरा वार्तालाप करें. बच्चों को घर में अधिक से अधिक शारीरिक गतिविधियों में शामिल करें, 


जैसे त्यौहारों पर घर की सजावट, अवकाश के दिन साफ-सफाई, दैनिक कार्यों में शामिल करना आदि। बच्चों के लिए समय सारणी बनायें और मोबाइल का उपयोग धीरे-धीरे कम करवाएँ. सामने से वार्तालाप करते समय मोबाइल को बंद करवाने की आदत डालें. दिन में कम से कम एक घण्टा अन्य बच्चों के साथ बाहरी खेलकूद में देने के लिए नियत करें और बच्चों को उस समय शारीरिक एवं बाहरी खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे उनका मस्तिष्क उतने समय के लिए मोबाइल से दूर होगा और वे बाहरी वातावरण के आनंद को महसूस कर सकेंगे.

घर के भीतर शतरंज, साँप सीढ़ी, लूडो जैसे खेलों को खेलने के लिए प्रेरित करें. उनके साथ माता-पिता भी खेलें. इस प्रकार उन्हें मनोरंजन का एक और विकल्प मिलेगा. यदि बच्चे चित्रकारी, संगीत, वाद्ययंत्र बजाने, नृत्य करने, अभिनय में रुचि लेते हैं तो इसे प्रोत्साहित करें. इसके लिए उन्हें साधन उपलब्ध करायें. उनके द्वारा तैयार की गई रचनाओं की सराहना करके प्रोत्साहन दें. बच्चों को प्रतिदिन हल्का व्यायाम करने को प्रोत्साहित करें. माता-पिता स्वयं भी बच्चों के समक्ष मोबाइल का अत्याधिक उपयोग न करें. याद रखें कि बच्चों के लिए उनके माता-पिता रोलमॉडल याने आदर्श हैं.

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