Media24Media.com: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

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महासमुंद : जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जोरों पर : अब तक 4.89 लाख क्विंटल धान की खरीदी

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 महासमुंद : खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान तेजी से चल रहा है। 22 नवंबर तक 177 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 10,395 किसानों से 48965.12 टन धान खरीदा गया, जिसमें 118 करोड़ रुपये की राशि किसानों को वितरित की गई। नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि 22 नवंबर तक जिले में कुल 4 लाख 89 हजार 651 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसमें से 4 लाख 63 हजार 632 क्विंटल मोटा धान, 11.60 क्विंटल पतला धान और 26 हजार 7 क्विंटल सरना धान शामिल हैं।


महासमुंद विकासखंड के 38 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 86 हजार 571 क्विंटल धान की खरीदी हुई, बागबाहरा विकासखंड के 31 केंद्रों पर एक लाख 43 हजार 599 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार पिथौरा विकासखंड के 44 केंद्रों में 81 हजार 785 क्विंटल धान उपार्जित हुआ है।

बसना विकासखंड के 36 केंद्रों में 57 हजार 51 क्विंटल धान की खरीदारी की गई है और सरायपाली विकासखंड के 33 केंद्रों के माध्यम से एक लाख 20 हजार 643 क्विंटल धान खरीदा गया है। इस वर्ष, जिले में धान की खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है, जिससे किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने में सहायता मिल रही है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पंजीकृत किसानों से तय समय सीमा में धान की खरीद पूरी हो। किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ पहुंचाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इस बार की खरीदी प्रक्रिया में किसानों का विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण, 67 समितियों के अंतर्गत 90 केंद्रों के माध्यम से की जाएगी खरीदी

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 गरियाबंद : जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। 14 नवंबर से जिले के 67 सहकारी समितियां के अंतर्गत 90 धान उपार्जन केंद्रों में जिले के 90771 किसानों से धान खरीदी की जाएगी। इनमें 4341 नए पंजीकृत किसान भी शामिल है।


कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में सभी केंद्रों में बारदाना, इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, बायोमेट्रिक डिवाईस, आर्द्रतामापी यंत्र, रंग, सुतली, कंप्यूटर, प्रिंटर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। साथ ही सभी केंद्रों में साफ सफाई कर किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय एवं छायादार शेड की भी व्यवस्था की गई है। केंद्रों में सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से हर गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी, इसकी भी तैयारी कर ली गई है। देशभर में छत्तीसगढ़ में धान का सर्वाधिक दाम मिलने से जिले के किसान काफी खुश हैं। साथ ही नए किसान भी धान बेचने के लिए उत्साहित नजर आ रहे है। इस बार लघु एवं सीमांत किसानों का दो टोकन एवं बड़े किसानों का तीन टोकन काटा जाएगा। किसानों को टोकन धान खरीदी दिवस के 7 दिन पहले लेना होगा। किसान समिति एवं मोबाइल ऐप टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से आसानी से टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

कलेक्टर अग्रवाल ने जिले में अवैध धान की खरीदी बिक्री को रोकने के लिए संबंधितों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए है। साथ ही सीमावर्ती इलाकों की सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए है। इसके लिए विशेष निगरानी दल का भी गठन किया गया है, जो सक्रिय रहकर निगरानी रखेंगे। कलेक्टर ने अवैध धान खरीदी बिक्री में संलिप्तता पाए जाने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर भी सीधे एफआईआर की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि धान विक्रेता किसानों को खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पंजीकृत धान विक्रेता किसानों से सुलभ रूप से धान खरीदी की सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला विपणन अधिकारी श्री अमित चन्द्राकर ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु कुल 28 हजार गठान नए-पुराने बारदानों की आवश्यकता है। जिले के वर्तमान आवश्यकतानुसार सभी 90 उपार्जन केंद्र मे आगामी 07 दिवस की खरीदी लायक बारदानों की आपूर्ति कर दी गयी है। शेष बारदानों की आपूर्ति धान खरीदी के दौरान लगातार की जायेगी। खाद्य अधिकारी श्री सुधीर गुरू ने बताया कि जिले के सभी कृषकों के बोये गये धान रकबे का सत्यापन भी लगातार जिला अधिकारियों एवं तहसील के अधिकारियों के द्वारा कराया जा रहा है।

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