Media24Media.com: शिवरीनारायण

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शिवरीनारायण से भगवान राम का पुराना नाता, यहीं राम ने माता शबरी के जूठे बेर खाए

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले से भगवान राम का बहुत करीब से नाता है। यहां प्रभु राम ने वनवास का अधिक समय बिताया है, मान्यता है यहां प्रभु राम ने शबरी के जूठे बेर खाए थे। यहां एक पेड़ ऐसा है जिसके पत्तों की आकृति दोने के सामान है, माता शबरी ने इसी दोने में राम लक्ष्मण को बेर रख कर खिलाए थे, इस वट वृक्ष का वर्णन सभी युगों में मिलने के कारण इसे अक्षय वट वृक्ष के नाम से जाना जाता है।

जांजगीर-चांपा जिले की धार्मिक नगरी शिवरीनारायण को गुप्त प्रयाग कहा जाता है। यहां तीन नदी, महानदी, शिवनाथ और जोक नदी कर त्रिवेणी संगम है। शिवरीनारायण का नाम माता शबरी और नारायण के अटूट स्नेह के कारण पड़ा और भक्त का नाम नारायण के आगे रखा गया। बड़े मंदिर यानी नर नारायण मंदिर के पुजारी प्रसन्न जीत तिवारी ने बताया कि शिवरीनारायण को छत्तीसगढ़ के जगन्नाथपुरी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इसी स्थान पर प्राचीन समय में भगवान जगन्नाथ स्वामी का मूल स्थान शिवरीनारायण रहा। आज भी साल में एक दिन माघी पूर्णिमा में भगवान जगन्नाथ शिवरीनारायण आते हैं, यहां मंदिर में रोहिणी कुण्ड है जिसका जल कभी कम नहीं होता, भगवान नर नारायण के चरण कुंड में जल हमेशा अभिषेक करता है।

शिवरीनारायण मठ मंदिर के पुजारी त्यागी जी महराज ने बताया कि छत्तीसगढ़ मर्यादा पुरुषोत्तम राम का ननिहाल और उनकी कर्मभूमि भी है। 14 वर्षों के कठिन वनवास काल में राम ने अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में ही बिताया। माता कौशल्या की जन्मभूमि के कारण छत्तीसगढ़ में राम को भांजे के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने शिवरीनारायण धाम के बारे में बताया कि यही वो पावनभूमि है जहां भक्त और भगवान का मिलन हुआ था। भगवान राम ने शबरी की तपस्या से प्रसन्न होकर न केवल उन्हें दर्शन दिए बल्कि उनकी भक्ति और भाव को देखकर जूठे बेर भी खाए। आज भी शबरी और राम के मिलन का ये पवित्र स्थान आस्था का केंद्र बना हुआ है।

अयोध्या में प्रभु राम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद शिवरीनारायण में भी प्रभु के प्राण प्रतिष्ठा के इस दिन को खास बनाया गया है, सभी मंदिर को दूधिया रोशनी और झालर के अलावा दीपों से सजाने और दिनभर भजन कीर्तन और भंडारा प्रसाद वितरण करने की तैयारी की गई है। कुल मिलाकर धार्मिक नगरी शिवरीनारायण भी राममय हो गया है।

 

 

श्रीराम के आदर्शों पर चलकर संवारेंगे छत्तीसगढ़ : विष्णु देव साय

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रायपुर। पूरे राष्ट्र और दुनिया के सबसे ऐतिहासिक समारोह रामलला के प्राणप्रतिष्ठा के अवसर का अवलोकन करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि में से एक शिवरीनारायण पहुँचे जहां भगवान श्रीराम ने माता शबरी के जूठे बेर खाये थे। इस जगह पर उन्होंने प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम का अवलोकन किया और अभिभूत हुए। शिवरीनारायण के नागरिकों के लिए अभिभूत करने वाले दो क्षण आये।

पहला तो तब जब रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। दूसरा क्षण तब आया जब माता शबरी का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सुदूर कुटिया में जीवन गुजारने वाली मेरी आदिवासी माँ शबरी का ध्यान आते ही अप्रतिम विश्वास जागृत होता है। माँ शबरी तो कब से कहती थी राम आयेंगे। प्रत्येक भारतीय में जन्मा यही विश्वास सक्षम भव्य भारत का आधार बनेगा। यही तो है देव से देश और राम से राष्ट्र की चेतना का विस्तार। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि श्रीराम के आदर्शाें पर चलकर हम छत्तीसगढ़ संवारेंगे। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उल्लास पूरे प्रदेश में नजर आया, शिवरीनारायण में भी नागरिक इस पवित्र क्षण में बहुत उत्साहित दिखे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सबके लिए यह ऐतिहासिक क्षण है कि हम अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सुंदर संबोधन भी दिया है और माता शबरी के धैर्य के माध्यम से हमें सीख दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमने श्री रामलला की प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम की संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से देखा। भगवान श्रीराम की अलौकिक बाल प्रतिमा का दर्शन हुआ। हम सब अभिभूत हुए। यह खुशी का क्षण इसलिए भी है कि हमने यह सब माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण की पावन भूमि में देखा। एक पावन भूमि में हमने एक और पवित्र भूमि में होने वाले अद्भुत प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखा।

हमारे लिए यह सौभाग्य इसलिए भी बहुत बड़ा है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या की जन्मभूमि है। आज केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया राममय हो गई है। दुनिया भर में सब अलग-अलग तरह से खुशियों की अभिव्यक्ति कर रहे हैं।हमारा सौभाग्य है कि हमने अपने धान के कटोरे से भगवान के भोग के लिए सुगंधित चावल भेजा है। छत्तीसगढ़ के राईस मिलर्स ने यह चावल भेजा है। बहुत खुशी की बात है कि ननिहाल के चावल से रामलला का भोग तैयार हुआ है।

हमारे सेवाभावी डाक्टरों की टीम अयोध्या गई हुई है जो रामभक्तों के इलाज के सेवाकार्य में लगी हुई है। कल ही एक समूह और रवाना होगा जो अयोध्या धाम में 60 दिनों तक भंडारा चलाएगा। छत्तीसगढ़ में हम लोगों के लिए आज की घड़ी बहुत शुभ घड़ी है। हम श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को संवारने का काम करेंगे।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर ने भी उपस्थित नागरिकों को संबोधित किया। माथुर ने कहा कि आज जय श्री राम का जयघोष अयोध्या तक जाना चाहिए। शबरी माता की भूमि पर आयोजित इस पावन कार्यक्रम में उपस्थित सभी को अभिनंदन करता हूँ। हम सबका सौभाग्य है कि 500 वर्षों के त्याग, बलिदान का फल आज हमें मिला है। हमारा समाज समतापूर्ण रहा है। प्रभु राम ने कभी किसी के बीच भेद भाव नहीं किया। उन्होंने वनवासियों का आतिथ्य स्वीकार किया। यही हमारी संस्कृति है। आज हमारे लिए गौरव का दिन है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनसंपर्क विभाग की ओर से तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘‘हम सबके राम‘‘ और कैलेंडर ‘‘रामो विग्रहवान धर्मः‘‘ का विमोचन भी किया। यह संग्रह श्रीराम के अयोध्या धाम से छत्तीसगढ़ में वनवास के दौरान की कथाओं पर आधारित है। इस दौरान महंत राजेश्री रामसुंदर दास, सांसद गुहाराम अजगल्ले, पामगढ़ विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश, जनसम्पर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव, संभागायुक्त बिलासपुर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, आईजी अजय यादव, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे।

रामनामियों ने अपना मोर मुकुट पहनाकर किया अभिनंदन- रामनाम को अपने अंग-अंग में हृदय में तथा चेतना में बसाने वाले रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अपना परंपरागत मोर मुकुट पहनाकर अभिनंदन किया। उनके मोर मुकुट में राम नाम लिखा होता है। मुख्यमंत्री के साथ ही उन्होंने ओम माथुर को भी मोर मुकुट पहनाया।

शिवरीनारायण में ठाकुर जगमोहन सिंह पुस्तकालय बनकर तैयार, मुख्यमंत्री ने भेंट मुलाकात में अधिकारियों को दिए थे निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान शिवरीनारायण में उपन्यासकार ठाकुर जगमोहन सिंह के नाम पर पुस्तकालय खोलने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर त्वरित अमल करते हुए शिवरीनारायण में ठाकुर जगमोहन सिंह के नाम पर पुस्तकालय तैयार कर लिया गया है। जल्दी ही इसका विधिवत शुभारंभ किया जायेगा। बहुत ही कम समय में तैयार इस पुस्तकालय में क्षेत्र के युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सहित ज्ञानवर्धक किताबों का अध्ययन कर सकेंगे।

शिवरीनारायण में लंबे समय से पुस्तकालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शिवरीनारायण आये थे तो क्षेत्र के लोगो ने लाइब्रेरी की मांग को प्रमुखता से रखा था। कलेक्टर ने पुस्तकालय के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर सक्रियता दिखाते हुए शिवरीनारायण क्षेत्र का अनेक बार दौरा किया और उपयुक्त जगह की तलाश की।

उन्होंने शिवरीनारायण के जर्जर हो चुके यात्री प्रतीक्षालय भवन को चिन्हित कर नगर पंचायत सीएमओ को भवन को संवारने तथा लाइब्रेरी के रूप में व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। आखिरकार चंद महीनों में ही यह पुस्तकालय विभिन्न सुविधाओं के साथ तैयार हो गया है। यहां युपीएससी, पीएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अलग से बैठकर अध्ययन करने की सुविधा तैयार की गई है। वहीं समसामायिक विषयों पर आधारित पत्र-पत्रिकाएं भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई जाएगी। पुस्तकालय में ई-लाइब्रेरी, वाई-फाई आदि की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 

उपन्यासकार ठाकुर जगमोहन सिंह जी का है शिवरीनारायण से नाता-

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा भेंट मुलाकत कार्यक्रम में की घोषणा का रिकार्ड समय के भीतर अमल होने से शिवरीनारायण क्षेत्र के हजारों युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। पुस्तकालय का नामकरण जिनके नाम से किया गया है उनका शिवरीनारायण क्षेत्र से पुराना नाता रहा है। ठाकुर जगमोहन सिंह का जन्म विजयराघवगढ़ रियासत में ठाकुर सरयू सिंह के राज परिवार में में हुआ था। 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में ठाकुर सरयू सिंह ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। फलस्वरूप अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उन्हें काले पानी की सजा सुनाई गई। लेकिन अंग्रेजी हुकूमत में सजा भोगने की बजाय ठाकुर सरयू सिंह ने मौत को गले लगना उचित समझा।

जगमोहन सिंह ऐसे ही क्रांतिकारी, मेधावी एवं स्वप्न दृष्टा सुपुत्र थे। अपनी शिक्षा के लिए काशी आने पर उनका परिचय भारतेंदु और उनकी मंडली हुआ। बनारस के क्वींस कालेज में अध्ययन के दौरान वे भारतेंदु हरिश्चंद्र के सम्पर्क में से आए तथा यह सम्पर्क प्रगाढ़ मैत्री में बदल गया जो की जीवन पर्यन्त बनी रही। 1878 में शिक्षा समाप्ति के बाद वे विजयराघवगढ़ आ गए दो साल पश्चात् 1880 में धमतरी (छत्तीसगढ़) में तहसीलदार नियुक्त किये गए। बाद में तबादले पर शिवरीनारायण आये। उनकी तीन काव्यसंग्रह प्रेम-संपत्ति-लता (सं. 1942 वि.), श्यामालता और श्यामासरोजिनी (सं. 1943) प्रकाशित हैं।

इसी तरह हिंदी निबंधों के प्रथम उत्थान काल के निबंधकारों में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। ठाकुर जगमोहन सिंह 1857, 1899 हिन्दी के भारतेन्दुयुगीन कवि, आलोचक और उपन्यासकार थे। उन्होंने सन् 1880 से 1882 तक धमतरी में और सन् 1882 से 1887 तक शिवरीनारायण में तहसीलदार और मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया। जगन्मोहन मंडल काशी के भारतेन्दु मंडल की तर्ज में बनी एक साहित्यिक संस्था थी। हिंदी के अतिरिक्त संस्कृत और अंग्रेजी साहित्य की उन्हें अच्छी जानकारी थी। ठाकुर साहब मूलतः कवि ही थे।

पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत

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शिवरीनारायण। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत है। भेंट मुलाकात के दौरान जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि पेयजल मिशन को लेकर इस क्षेत्र के कुछ गांवों से शिकायतें मिली हैं। इसका समाधान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने डूबान क्षेत्रों के किसानों को जल्द मुआवजा दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध शराब, जुआ सट्टा, नशीली दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।


भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग पर एक करोड़ साठ लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने शिवरीनारायण में उपन्यासकार ठाकुर जगमोहन सिंह के नाम पर पुस्तकालय बनाने के निर्देश दिए। वहीं
, मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण में आयोजित कार्यक्रम में पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब तेईस करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है।

बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के तहत पहले चरण में कोरिया से लेकर सुकमा तक नौ स्थलों का चयन किया गया था। इनमें से शिवरीनारायण और चंदखुरी में शुरुआती चरण के काम पूरे हो चुके हैं। उन्होंने धान खरीदी पर चर्चा करते हुए बताया कि इस बार एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर किसानों से एक करोड़ मिट्रिक टन से अधिक धान खरीदने की तैयारी है।

जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान दें : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। ने आज भेंट मुलाकात के दौरान शिवरीनारायण में अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत है। इस क्षेत्र के कुछ ग्रामों में शिकायत आई है। इसका समाधान होना चाहिए। अंचल के कुछ ग्रामों में डूबान क्षेत्रों के किसानों को मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। उन्होंने कलेक्टर को पहल कर किसानों को राशि दिलाने को कहा है। बघेल ने सिंचाई परियोजना के अंतर्गत टेल एरिया के खेतों तक पानी पहुंचाने की ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।



मुख्यमंत्री बघेल ने  कहा की शासकीय भूमि में अतिक्रमण की कार्रवाई ग्रामीणों की सहमति से किया जाए। यथासंभव  बल का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। समझने से लोग समझ जायेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की छोटी छोटी अनुदान राशि गरीबों के लिए महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए उन्हें दफ्तर के बार बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ने चाहिए। इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि शासन द्वारा की गई घोषणाएं प्राथमिकता से और समय सीमा में पूर्ण करें। इसे लागू करने एवं अमल में लाने में विलंब नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि धान कटाई का मौसम शुरू होने वाला है। बड़ी मात्रा में पैरा खेत में रहेगा।

इसे गौठान को दान करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। इस संबंध में जनजागरुकता के कार्यक्रम किए जाएं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रशासन को अब स्वावलंबी गौठान के अलावा नए गौठानों पर भी ध्यान देना चाहिए। बघेल ने कहा कि यहां से बड़ी संख्या में लोग बाहर काम के लिए जाते हैं। यदि गौठान और रीपा गतिविधियां अच्छी तरह से संचालित हाेगीं, तो पलायन थमेगा, उन्हें अपने घर के आसपास ही काम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण राज्य का प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है। यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार पर्याप्त सुविधाएं विकसित कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण के साथ साथ शहरी इलाकों की सड़कों की मरम्मत के लिए अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने अवैध शराब, जुआ सट्टा, नशीली दवाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बघेल ने बैठक में स्कूल शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। न केवल शिक्षा विभाग बल्कि अन्य अफसर भी दौरे में स्कूलों का निरीक्षण करें। स्वामी आत्मानन्द स्कूलों के साथ अन्य स्कूलों की गुणवत्ता पर समान रूप से ध्यान देना है। कमिश्नर डॉ संजय अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, प्रभारी सचिव धनंजय देवांगन,  कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा, एसपी विजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी सहित जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ संस्कृति को आगे बढ़ाने का कर रहे हैं काम : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज एक दिवसीय जांजगीर-चाम्पा जिले के शिवरीनारायण प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने माता शबरी और भगवान नर नारायण के दर्शन कर मंदिर में पूजा की और कन्नौजिया कुर्मी समाज के धर्मशाला का लोकार्पण किया। यहां आयोजित सामाजिक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी समाज की सहभागिता जरूरी है। उनकी सरकार सभी समाज और वर्ग को साथ लेकर विकास की राह में आगे बढ़ रही है।


शिक्षा
, स्वास्थ्य और रोजगार की दिशा में जो भी योजनाएं बनाई गई है, उससे सभी समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों का उत्थान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अपनी गौरवशाली संस्कृति है। इन्हें संरक्षित करने के साथ आने वाली पीढ़ी को बताने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने शिवरीनारायण में कन्नौजिया कुर्मी समाज के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमदान और सहयोग राशि से धर्मशाला भवन का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बनते ही सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ कर सर्वाधिक समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू की गई।  राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इस वर्ष 21 मई को पहली किस्त दी गई। दूसरी किस्त 20 अगस्त को तीजा पर्व से पहले दी जाएगी। तीसरी किस्त एक नवंबर को और चौथी किस्त 31 मार्च को प्रदान की जाएगी। इसी तरह राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना और गोधन न्याय योजना की राशि भी दी जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन राशि से किसानों, गौपालकों तथा भूमिहीन मजदूरों के आय को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चाम्पा जिले में बहुत अच्छा गौठान है। यहां भी गोबर की खरीदी होती है। इससे बनने वाले वर्मी कम्पोस्ट को इस्तेमाल धान उत्पादन में किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैरा का उपयोग भी खाद बनाने के लिए किया जा सकता है। यह सभी खेतों की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के साथ जमीन को उपजाऊ बनाती है।

छत्तीसगढ़ की सरकार गौ सेवा के साथ गोबर और गौ-मूत्र की खरीदी भी कर रही है। गौमूत्र से कीटनाशक और गोबर से खाद बनाया जा रहा है। इससे किसानों, मजदूरों को आर्थिक लाभ पहुंच रहा है। ग्रामीण आद्यौगिक पार्क स्थापना से रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव गौठान बनाया गया है। इसका संचालन गांववासी करें और आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बने। उन्होंने गांव में अतिक्रमण रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक बनने की भी अपील की।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, नगर पंचायत शिवरीनारायण अध्यक्ष श्रीमती अंजनी तिवारी, कन्नौजिया कुर्मी समाज के अध्यक्ष छोटेलाल कश्यप और समाज के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक रामकुमार यादव, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल सहित श्रीमती मंजू सिंह सदस्य अन्य भवन सन्निर्माण कर्मकार मण्डल, राघवेन्द्र प्रताप सिंह उपाध्यक्ष जिला पंचायत, व्यासनारायण कश्यप मण्डी अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे। 

शिक्षा और स्वास्थ्य में हो रहा बदलाव

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुआ है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के माध्यम से गरीब बच्चों को सर्वसुविधायुक्त अध्यापन सुविधाएं मिलने के साथ अंग्रेजी की शिक्षा दी जा रही है। पहले किसी निजी स्कूल में पढ़ाने के लिए अधिक शुल्क देने के साथ पुस्तकों एवं ड्रेस के लिए भी अधिक पैसे खर्च करने पड़ते थे। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी आने वाले दिनों में प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गरीब वर्गों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है। हाट बाजारों में लगने वाले क्लीनिक से मुफ्त में उपचार भी किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व के मानचित्र पर लाना है

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति उन्नत, प्राचीन और गौरवशाली है। इसे दुनिया के मानचित्र पर आगे लाना है। यहां की आदिवासी संस्कृति को पहचान दिलाने के साथ सरंक्षित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। राजिम, गिरौदपुरी, दामाखेड़ा सहित शिवरीनारायण आदि के विकास के लिए कदम उठाए गए हैं। संस्कृति को संरक्षित करने के साथ पर्यटन को विकसित करने का काम किया जा रहा है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ भी इसी कड़ी का हिस्सा है। हमारे राज्य में विशिष्ट कार्य करने वाले महापुरूष और लोग है। ऐसे लोगों को सामने लाने के साथ आने वाले पीढ़ियों को भी उनसे अवगत कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

इंडोर स्टेडियम का नाम माता शबरी के नाम पर करने मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री बघेल ने शिवरीनारायण में बनाए जा रहे इंडोर स्टेडियम का नाम माता शबरी के नाम पर करने की घोषणा मंच से की। उन्होंने कन्नौजिया कुर्मी समाज के धर्मशाला हेतु अतिरिक्त कक्ष हेतु सहयोग करने की बात भी कही। उन्होंने 30 बेड अस्पताल भवन हेतु टेण्डर जारी होने तथा पर्यटन के विकास के लिए कार्य प्रगति पर होने की बात कही।

नवा कलेक्टर हे, अच्छा काम करही

मुख्यमंत्री बघेल ने मंच से कहा कि आने वाले समय में जिला का विकास तेजी से होगा। आपके जिला में नवा कलेक्टर आ गे हे। लकठा परोस के रहइया हे, बिलासपुर के हे। अच्छा काम करही। इहा के जिला पंचायत सीईओ रह चुके हे, अब निरन्तर विकास होही। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में कलेक्टर से पहले तारन प्रकाश सिन्हा, जनसंपर्क के आयुक्त सह संचालक थे। अब आपके जिले के कलेक्टर बन गये हैं।

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