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महासमुंद : शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति लाएं - कलेक्टर

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महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शासकीय एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं कार्यां की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि राज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे तथा अन्य विकासखण्ड अधिकारी वीसी के माध्यम से जुडे़ थे।

कलेक्टर लंगेह ने कहा कि निर्वाचन समाप्ति के पश्चात शासन के सभी कार्य, योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित करें एवं कार्यालय में आने वाले आम जनता की समस्याओं का निराकरण नियमित और सुचारू रूप से किया जाए। कलेक्टर ने वर्तमान में जारी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध का पालन करने कहा है। साथ ही कहा कि बिना अनुमति के डीजे बजाने पर जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माउन्टेड व्हीकल डीजे पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूर्णतः अनुशासित एवं बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालित हो।

उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा संचालन के दौरान नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर लंगेह ने किसान पंजीयन की जानकारी लेते हुए कहा कि इसमें आवश्यक तेजी लाएं। उन्होंने किसानों का एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन एप्प/पोर्टल में सीएससी और सहकारी समितियों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी एग्रीटेक एप्प के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकते है। अभी तक 49000 किसानों ने पंजीयन करा लिया है।

इसी तरह उन्होंने धान उठाव की प्रगति की समीक्षा की। शेष एक लाख 96 हजार क्विंटल धान का उठाव आगामी 13 मार्च तक उठाव करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए 31 मार्च तक का समय सीमा निर्धारित है। उन्होंने वर्तमान में चल रहे बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के नकल प्रकरण पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे मुद्दों का प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए जिससे आम जनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा पीएम आवास, पीएम जनमन, जाति, आयुष्मान कार्ड आदि की समीक्षा की गई एवं उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर लंगेह ने श्रम एवं उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा माइनिंग एवं शराब के अवैध परिवहन एवं शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने माननीय हाई कोर्ट एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों को गम्भीरता से लेते हुए समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांग एवं शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों को हटाने की कार्रवाई भी निरंतर करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के हाथों नक्सल हिंसा से 70 प्रभावितों को मिला विभिन्न विभागों में नियुक्ति आदेश

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर के जिला अस्पताल को सौ बिस्तर से बढ़ाकर दो सौ बिस्तर करने की घोषणा के साथ ही अंचल के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवार के 70 आश्रितों को शासकीय नियुक्ति आदेश पत्र भी सौंपा और 19 हजार से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 14 करोड़ 9 लाख रूपए की बोनस राशि भी वितरित की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बीजापुर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवार के आश्रितों को शासकीय नियुक्ति आदेश और तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने 263 करोड़ 66 लाख से अधिक की लागत से 209 के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 228 करोड़ 53 लाख के 145 विकास कार्यों का भूमि पूजन और 35 करोड़ 13 लाख के 64 विकास कार्य का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में बीजापुर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना, भोपालपटनम में 132 केव्ही की विद्युत सब स्टेशन की स्थापना, 33 नए स्कूल खोलने, केंद्रीय पुस्तकालय और विशेषज्ञ चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जोड़ने की घोषणा की। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय और प्रतियोगिता परीक्षा के लिए कोचिंग की व्यवस्था करने के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कहा कि बस्तर क्षेत्र में विकास कार्य को गति दी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद-आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, खनिज, वन संपदा से परिपूर्ण है। साथ ही यहां के निवासी भी ऊर्जावान है। प्रदेश के विकास में यहां के लोग महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वनमंत्री और बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, लोकसभा क्षेत्र बस्तर के सांसद महेश कश्यप ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंर्तगत गृह प्रवेश (चाबी वितरण) और आवास स्वीकृति पत्र, तेंदूपत्ता बोनस, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत राशि, किसान क्रेडिट कार्ड, सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त नियद नेल्ला नार हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, स्व सहायता समूह चक्रीय निधि, आय, जाति-निवास प्रमाण पत्र और युवाओं को खेल सामग्री का वितरण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर वन अधिकार प्रमाण पत्र, विश्वकर्मा योजना का प्रमाण पत्र, ई रिक्शा का वितरण सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों का सामग्री वितरण किया। कार्यक्रम में बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, गणमान्य जनप्रतिनिधि, नागरिकगण उपस्थित थे।

कांकेर मेडिकल कालेज में 300 पदों पर भर्ती, कोर्ट ने हटाया भर्ती प्रक्रिया से स्थगन

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बिलासपुर । सुखमती नाग एवं अन्य के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत कर बताया गया कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी की भर्ती विभिन्न पदों जैसे स्टाफ नर्स टेक्नीशियन लैब टेक्नीशियन एवं वृत्तीय इत्यादि पदों पर नियुक्ति की जा रही है जो नियम के विरुद्ध है उपरोक्त पदों में से कुछ की नियुक्ति जारी कर दी गई है और आरक्षण नियम का पालन भी नहीं किया जा रहा है जबकि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच ने 58% संशोधन आरक्षण दिए जाने को निरस्त कर दिया था।


अतः राज्य सरकार को आदेश देवें कि 50% आरक्षण के साथ नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करें उच्च न्यायालय में राज्य सरकार व मेडिकल कालेज द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा बताया गया कि जिला स्तरीय संभाग स्तरीय पदों की भर्ती कनिष्ठ चयन आयोग द्वारा किया जा रहा है जबकि राज्य में दो प्रकार के आरक्षण लागू होते हैं जिसमें राज्य स्तर से राज्य के लिए जारी पदों पर 2011 के आरक्षण संशोधन के बाद 50% से 58% किया गया था।

उसी प्रकार से जिला व संभाग स्तर के पदों के लिए बस्तर सरगुजा एवं अन्य क्षेत्रों में आरक्षण का प्रतिशत 58 से 82% किया गया था माननीय डिवीजन बेंच ने अपने आरक्षण संबंधी प्रकरण में फैसला सुनाते हुए राज्य स्तर पर 58% संशोधन आरक्षण को निरस्त कर दिया साथ ही साथ सरगुजा जशपुर बैकुंठपुर सूरजपुर आदि में दिए जाने वाले आरक्षण रोस्टर को 2011 के बाद बढ़ाया गया था उसे निरस्त कर दिया गया था बस्तर के आरक्षण को यथावत रखा गया इसलिए कनिष्ठ चयन आयोग बस्तर द्वारा बस्तर संभाग के लिए संशोधित आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए नियुक्ति दी जा रही थी।

इस प्रकरण में पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय से नियुक्ति की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री विवेक रंजन तिवारी व श्री अनीश तिवारी द्वारा पक्ष रखा गया राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता श्री संदीप दुबे ने अपना पक्ष रखा राज्य सरकार के द्वारा इस माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश के विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत कर बताया गया कि बस्तर संभाग के लिए अलग आरक्षण का प्रावधान है माननीय उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच ने उस प्रावधान को निरस्त नहीं किया था यह बताया गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने 1 मई को उच्चतम न्यायालय ने सारे चल रहे नियुक्ति पर आगे की कार्यवाही जारी रखने का आदेश पारित किया था और नेशनल मेडिकल काउंसिल द्वारा जल्द ही शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर का निरीक्षण किया जाना है जिससे अगले वर्ष चिकित्सा निरंतर जारी रहे दोनों पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय की एकल पीठ न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत द्वारा आदेशित किया गया कि स्टाफ नर्स के 2 पदों को रिक्त रखा जावे तथा अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र जारी कर दी जाए ।


छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों को बोनस अंक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों कों बोनस अंक दिए जाएगें। लोेक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अतिथि शिक्षकों को प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में निर्देश जारी किए है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के आदेशानुसार प्रदेश में शिक्षकों के 12 हजार 489 पदों पर भर्ती की जा रही है।

इसमें शिक्षा विभाग के स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक को प्रत्येक वर्ष के लिए 2 बोनस अंक तथा अधिकतम 10 अंक संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाने पर दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में अतिथि शिक्षकों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने कहा है। यह भी  स्पष्ट किया गया है कि किसी भी शैक्षणिक सत्र में एक वर्ष से कम अवधि के अध्यापन के लिए शून्य अंक देय होगा। एक पूर्ण शैक्षणिक सत्र के अध्यापन के लिए 2 अंक देय होगा।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों कोे प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा है कि निर्धारित प्रक्रिया अनुुसार प्रमाण पत्र उन्हीं अभ्यर्थियों को जारी किया जाए, जिन्हें छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 24 जून 2019 को जारी पत्र अनुसार अतिथि शिक्षक के रूप में शासकीय शालाओं में अध्ययन हेतु व्यवस्था की गई है। इसके लिए आवेदक को अपनी कार्यावधि की स्वघोषणा पत्र के साथ आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। आवेदनकर्ता आवेदन पत्र में व्यापम पोर्टल पर बनाई गई अपनी इनरोलमेंट नंबर एवं व्यापम में पंजीकृत अपना मोबाईल नंबर अंकित करेंगे। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी प्राप्त आवेदनों का संबंधित प्राचार्य के प्रमाणीकरण उपरांत, व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने पर निर्धारित प्रारूप में प्रमाण पत्र, विशेष वाहक के माध्यम से लोक शिक्षण संचालनालय भिजवाएंगे, यहां से हस्ताक्षर होने के बाद प्रमाण पत्र अपने कार्यालय से संबंधित को वितरित किया जाएगा।

मेरा घर, मेरा दफ्तर अभियान से शासकीय कार्यालयों में व्यापक पैमाने पर की गई साफ-सफाई

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राजनांदगांव। जिले में शासकीय कार्यालय की सफाई के लिए कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे मेरा घर, मेरा दफ्तर अभियान के तहत सभी शासकीय कार्यालयों में व्यापक पैमाने पर साफ-सफाई की गई। कलेक्टर के आव्हान पर जिले भर में हर माह के पहले शनिवार को शासकीय अधिकारी- कर्मचारी अपने कार्यालय की सफाई कर रहे हैं। आज कलेक्टोरेट में सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने फाइल व्यवस्थित कर संधारित किया वहीं अनुपयोगी वस्तुओं को नष्ट किया गया।


गौरतलब है कि प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को सुबह 8 बजे से 10 बजे तक शासकीय कार्यालय की साफ-सफाई की जा रही है। सफाई अभियान अंतर्गत रिकार्ड व्यवस्थित रखना है। आज कलेक्टोरेट सहित जिला पंचायत, नगर निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, संयुक्त जिला कार्यालय भवन, आबकारी कार्यालय, जिला आयुर्वेद अधिकारी कार्यालय, जनसंपर्क कार्यालय, कार्यपालन अभियंता विद्युत, जिला कोषालय, आदिम जाति विभाग, जिला परिवहन कार्यालय, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, पंजीयक कार्यालय, पीएमजीएसवाई कार्यालय, वन विभाग कार्यालय, समस्त एसडीएम कार्यालय, जिले भर के सभी शासकीय कार्यालयों में साफ-सफाई की गई।

शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले सीएमओ निलंबित

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कबीरधाम राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संयुक्त सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज जारी आदेश के तहत निलंबन की यह कार्यवाही शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने एवं शासन के आदेशों के अवहेलना के फलस्वरूप की गई है। 

निलंबित सीएमओ विकास नारायण सिंह का मुख्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग नियत किया गया है।

शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में 20 से ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम का होगा आयोजन

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रायपुर। देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राज्य के सभी शासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम 20 से 30 अगस्त 2022 तक आयोजित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी कलेक्टरों, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मिशन समन्वयकों को स्कूलों में ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

 

                    आजादी का अमृत महोत्सव: ‘‘हमर तिरंगा अभियान’’

सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस वर्ष 15 अगस्त 2022 को भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे करने के अवसर पर हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ में हमर तिरंगाके नाम से जन समुदाय के साथ मिलकर सभी शासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 

इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्य रूप से जन-जन में देशभक्ति की भावना का प्रचार-प्रसार करना, शहीदों की गाथाएं जन-जन तक पहुंचाना एवं सभी नागरिकों में देश के प्रति समर्पित रहने की भावना विकसित करते हुए वर्तमान सन्दर्भ में आजादी के असली अर्थ को समझाते हुए निरक्षरता के चंगुल से आजादी पाकर सभी को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराना है।

11वीं और 12वीं के बच्चों को दिखाई जाएंगी गांधीफिल्म

‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम की इन्हीं भावनाओं से ओत-प्रोत होकर 20 से 30 अगस्त 2022 के मध्य  राज्य के सभी सरकारी, निजी एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में समुदाय को साथ लेकर विभिन्न कार्यक्रमों को समारोहपूर्वक धूम-धाम से आयोजित किया जाएगा। सभी ग्रामों में इन आयोजनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में 20 अगस्त से 30 अगस्त 2022 तक हमर तिरंगाकार्यक्रम के तहत स्कूलों में प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के साथ-साथ कक्षा ग्यारहवी एवं बारहवीं के विद्यार्थियों को निकट के थियेटर अथवा स्मार्ट कक्षाओं में ‘‘गांधी’’ फिल्म दिखाई जाएगी। इस फिल्म के प्रदर्शन हेतु जिले में तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं।

स्कूलों में 20 से 30 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम

कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि जिले में उपलब्ध सिनेमा हाल से संपर्क कर शासन की ओर से 20 से 30 अगस्त 2022 तक प्रतिदिन स्कूल अवधि के दौरान किसी उचित समय का निर्धारण कर एक शो कक्षा ग्यारहवी एवं बारहवी के बच्चों के लिए निःशुल्क दिखाया जाना तय करवाएं। जिले में उपलब्ध थियेटर जहां इन शो का प्रदर्शन किया जा सके एवं उनके आस-पास की शालाओं को मैपिंग करते हुए थियेटर में बैठक क्षमता के आधार पर शालाओं को इस अवधि में उनके विद्यार्थियों को शो के लिए समय पर लाने की व्यवस्था करने हेतु निर्देशित करें। 

ध्यान रखें कि शालाओं से निर्धारित संख्या में बच्चे इस शो को देखने समय पर उपस्थित होने चाहिए। शासकीय शालाओं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देते हुए साथ-साथ कुछ निजी शालाओं को भी इस कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु आवश्यक सुविधा प्रदान करें। ट्विनिंग ऑफ स्कूल (Twinning of School) कार्यक्रम के अंतर्गत बड़े निजी शालाओं को उनके यहां उपलब्ध बस सुविधा का लाभ शासकीय शालाओं के बच्चों को थियेटर में लाने एवं निर्धारित समय पर उन्हें वापस छोड़ने के लिए उपयोग में लाया जा सके।

 जिले के स्कूलों के बच्चों के रोस्टर इस प्रकार से बनाए जाएं कि अधिकतम बच्चों को इस फिल्म को देखने का अवसर मिल सके। बच्चों को निर्धारित तिथि में फिल्म दिखाने लेकर जाने के संबंध में पालकों को सूचित करने के साथ-साथ उनसे सहमति एवं अन्य प्रक्रिया भी पूरी करवा ले। बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएं। जिन शालाओं के आसपास थियेटर नहीं है वहां के बच्चों को यदि उस शाला में स्मार्ट कक्षाएं उपलब्ध है, 

या अन्य संसाधनों से प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से फिल्म दिखाए जाने की सुविधा सुलभ हो तो उसका उपयोग किया जा सकता है। उपरोक्तानुसार सभी आवश्यक तैयारियां करते हुए ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार, कोरोना प्रोटोकोल का कड़ाई से पालन करते हुए बड़ी संख्या में जन समुदाय की सहभागिता एवं सभी ओर देशभक्ति का माहौल बनाने की दिशा में सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं।

योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होता है तो आम जनता नहीं करेगी शिकायत

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रायपुर. शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होता है तो जनता शिकायत नहीं करेगी। बस्तर और सरगुजा में भेंट मुलाकात के दौरान नागरिक सेवाओं की आपूर्ति को  लेकर बहुत कम शिकायतें आईं। इससे पता चलता है कि प्रशासनिक तंत्र अच्छा काम कर रहा है। आप सभी से अपेक्षा है कि इसी तरह जनसेवा के दायित्व को पूरे मनोयोग से निभाते रहें. यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांकेर में आयोजित समीक्षा बैठक में कही. उन्होंने कहा कि हमने प्रशासनिक तंत्र में जनसेवा के संकल्प को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम किया है इसके प्रभावी नतीजे सामने रहे हैं. 



मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों के लिए निरंतर बेहतर कार्य किये जाने की जरूरत है. इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. वनवासी वनों के संरक्षक हैं. फारेस्ट नियमों के दायरे में जंगल में रहने वाले रहवासियों को हर तरह की सुविधा देना सुनिश्चित करें. 

यहां उनके लिए जंगल के संसाधनों को ही विकसित तथा प्रसंस्कृत कर आजीविकामूलक गतिविधियों के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े तीन साल पहले और आज के कांकेर में बड़ा बदलाव महसूस किया जा सकता है. क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। शांति कायम हुई है. पर्यटन गतिविधियों का विस्तार हो रहा है. वनोपजों के प्रसंस्करण की दिशा में बड़ा काम हो रहा है.

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांकेर को पूरे देश में अपने रैली ककून और मिलेट मिशन की वजह से पहचान मिलने लगी है. कोदो, कुटकी, रागी भी कांकेर की पहचान बन रही है. इनका वैल्यू एडीशन करना है और लोगों के लिए आर्थिक आय के बड़े अवसर उपलब्ध कराना है. अपने वनसंसाधनों से कांकेर की पहचान है। वनोपजों के प्रसंस्करण और क्रय को लेकर शासन की बेहतर नीति की वजह से संग्राहकों और व्यापारियों के लिए भरपूर संभावनाएं उभर कर आई हैं. इस दिशा में काम इसी तरह से निरंतर चलना चाहिए.

 मुख्यमंत्री ने पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कार्य करने अधिकारियों को निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि कांकेर बस्तर का प्रवेश द्वार है. प्रवेश द्वार से ही पर्यटकों का आकर्षण बनें, इसलिए पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने कार्य करना है. उन्होंने कहा कि टाटामारी, लीमदरहा जैसे रिसार्ट मैंने देखें. बहुत अच्छा कार्य हो रहा है। इसी तरह के प्रयासों से बस्तर तेजी से पर्यटन हाटस्पाट के रूप में विकसित होगा.

 मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्कूलों में भी गया. पढ़ाई की अधोसंरचना मजबूत हुई है. अभिभावकों में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जागरूकता बढ़ी है. अधिकारियों से अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की हुई है कि पूरे भेंट मुलाकात अभियान में मैंने संतुष्टि और मुस्कान से भरे चेहरे देखे, कहीं तनाव की कोई झलक नहीं. ऐसा ही छत्तीसगढ़ गढ़ने की दिशा में हम काम कर रहे हैं और आप निरंतर इस लक्ष्य को लेकर कार्य करते रहें.

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