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मुख्यमंत्री की कर्मचारी हितैषी घोषणाओं पर अमल : वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कर्मचारी हित में की गई घोषणाएं अब पूरी कर दी गई है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप शासकीय कर्मियों के मंहगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता में वृद्धि के साथ ही संविदा कर्मचारियों के वेतन में भी एकमुश्त वृद्धि के आदेश वित्त विभाग द्वारा जारी कर दिए गए है। जारी आदेश में पेंशनरों के मंहगाई भत्ता भी बढ़ा दिया गया है।

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राज्य शासन के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2023 से सातवें वेतनमान के अनुसार दिए जा रहे 38 प्रतिशत मंहगाई भत्ता में 4 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 42 प्रतिशत किया गया है। बढ़े हुए मंहगाई भत्ते की राशि 1 जुलाई 2023 से दी जाएगी। इसी प्रकार छठवां वेतनमान के अनुरूप 1 जुलाई 2023 से दिए जा रहे 212 प्रतिशत मंहगाई भत्ता में 9 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 221 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 जुलाई 2023 से देय होगा

इसी प्रकार वित्त विभाग द्वारा राज्य शासन के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ते की पुनरीक्षित दरें स्वीकृत की गई है। राज्य शासन के कर्मचारियों को बी-2 श्रेणी के रायपुर व दुर्ग, भिलाई नगर के लिए 9 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा। वहीं सी श्रेणी के शहरों बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़ चिरमिरी, दल्लीराजहरा, अम्बिकापुर, धमतरी, भाटापारा तथा जांजगीर चाम्पा के लिए 6 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों के लिए 6 प्रतिशत तथा दिल्ली स्थित राज्य शासन के कार्यालय में 27 प्रतिशत गृह भाड़ा दिया जाएगा। गृह भाड़ा भत्ता की दर आदेश जारी होने की तिथि से प्रभावशील होगी।

विभिन्न पदों पर एकमुश्त संविदा वेतन में वृद्धि

राज्य शासन के सेवाओं के विभिन्न पदों पर एकमुश्त संविदा वेतन का निर्धारण करते हुए वृद्धि की गई। यह वृद्धि 1 जुलाई 2023 से प्रभावशील होंगी। संविदा नियुक्ति के पद के पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन मेट्रिक 01 से 16 लेवल तक के कर्मियों के मासिक एकमुश्त संविदा वेतन 14,400 से लेकर 1,19,715 रूपए तक एकमुश्त संविदा वेतन निर्धारित किया गया है।

पेंशनरों के मंहगाई राहत में वृद्धि

छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों के लिए मंहगाई राहत की पुनरीक्षित दरें लागू की गई है। राज्य के पेंशनर व परिवार पेंशनरों को 7वें वेतनमान के अनुसार अब 38 प्रतिशत तथा 6वें वेतनमान के पेंशनरों को 212 प्रतिशत मंहगाई राहत दिया जाएगा। मंहगाई राहत की नए दरें 1 जुलाई 2023 से दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ : दीवाली के पहले कर्मचारियों को दिया तोहफा, DA में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

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रायपुर। राज्य सरकार ने दीपावली के पहले प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को 5 प्रतिशत डीए (महंगाई भत्ता) वृद्धि की सौगात दी है। मुख्यमंत्री और वित्त विभाग के भारसाधक मंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर वित्त विभाग ने आज डीए में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है। डीए की बढ़ी हुए दर चालू अक्टूबर माह से ही प्रभावी होगा। बढ़े हुए महंगाई दर की राशि का 1 अक्टूबर 2022 से नगद भुगतान किया जाएगा। डीए में पांच प्रतिशत की वृद्धि के बाद प्रदेश में सातवें वेतनमान से वेतन पाने वालों को 33 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि का यह आदेश यूजीसी, एआईसीटीई और आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भी लागू होगा।

 


राज्य शासन ने छटवें वेतनमान से वेतन पाने वालों की महंगाई भत्ते में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब उन्हें 189 प्रतिशत महंगाई भत्ते की जगह 201 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वित्त विभाग ने राज्य शासन के सभी विभागों, अध्यक्ष, राजस्व मंडल बिलासपुर, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को महंगाई भत्ते में वृद्धि के संबंध में परिपत्र जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों को अगस्त-2022 से 28 प्रतिशत की दर से डीए का भुगतान किया जा रहा था। वहीं छटवें वेतनमान वालों को 189 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था।

हड़ताली कर्मचारियों से मुख्यमंत्री ने काम पर लौटने की अपील की

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 22 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। मुख्य्मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए कर्मचारियों का ध्यान जनता को हो रही परेशानियों की तरफ आकर्षित किया। उन्होंने कर्मचारियों को यह आश्वासन भी दिया है कि सरकार राज्य के वित्तीय संसाधनों को देखते हुए कर्मचारी हित में निर्णय लेती आई है और आगे भी लेती रहेगी।



22 अगस्त से छत्तीसगढ़ के अधिकारी एवं कर्मचारी सातवें वेतनमान और डी.ए. में बढ़ोतरी की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। छत्तीसगढ़ की जनता को इस हड़ताल के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनता के कई जरूरी काम इस हड़ताल से प्रभावित हुए हैं। आम जनजीवन पर इसका खासा प्रभाव पड़ा है। यह सब देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट के माध्यम से अधिकारियों से अपील कर कहा कि हड़ताल पर जाने से आम जनता का कामकाज कई दिनों से रुका हुआ है। अधिकारियों को कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना इस बात की मिसाल है, सरकार अपने कर्मचारियों के हितों को सदैव ध्यान में रखकर फैसले लेती आई है।

पुरानी पेंशन योजना की बहाली

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने 9 मार्च को राज्य की विधानसभा में सरकार का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। बजट में राज्य सरकार के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली की घोषणा की गई थी। इस योजना से 2004 के बाद से नियुक्त कर्मचारियों और अधिकारियों को नवीन अंशदाई पेंशन योजना की कटौती यों से मुक्ति मिली।

इस पहल के बाद कर्मचारियों के खाते से वेतन का केवल 12% जीपीएफ काटा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के लाखों कर्मचारियों को इससे लाभ हुआ है।बेमेतरा विधायक आशीष कुमार छाबरा सहित राज्य की जनता ने मुख्यमंत्री के ट्वीट को रीट्वीट कर सभी कर्मचारियों से हड़ताल ख़त्म करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते का आदेश जारी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य के शासकीय कर्मचारियों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते देने का आदेश जारी कर दिया गया है।  वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों को माह मई 2022 से सातवे वेतनमान में 22 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 174 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार राज्य के शासकीय सेवकों को एक अगस्त 2022 से सातवां वेतनमान के महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 28 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 15 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 189 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।



राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि एक अगस्त 2022 से नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूल नियम 9 (21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा।


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